चांडिल. ईचागढ़ के नटराज कला केंद्र, चोगा में फ्रांस से आये पर्यटकों ने पारंपरिक मानभूम छऊ नृत्य का आनंद लिया. यह नृत्य प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय छऊ कलाकार और सचिव प्रभात कुमार महतो के निर्देशन में हुआ. कलाकारों ने मां दुर्गा द्वारा महिषासुर वध की कथा को छऊ नृत्य के माध्यम से जीवंत किया. इस दौरान बाघ के पात्र का नृत्य देखकर विदेशी पर्यटक विशेष रूप से प्रभावित हुए. उन्हें छऊ नृत्य के मुखौटे, साज-सज्जा, ढोल, नगाड़ा और शहनाई से जुड़ी पारंपरिक जानकारियां भी दी गयी. नयी दिल्ली के गाइड सानू कुमार गिरि ने बताया कि पर्यटक फ्रांस से दिल्ली पहुंचे और गो ट्रेवल रांची के सहयोग से सीधे चोगा गांव आये. छऊ कला में प्रयुक्त मुखौटों और पोशाकों की रचनात्मकता ने उन्हें अत्यधिक प्रभावित किया. उन्होंने कहा कि वे इस कला का फ्रांस के पेरिस सहित अन्य शहरों में प्रचार-प्रसार करेंगे. मौके पर नटराज कला केंद्र के सचिव प्रभात कुमार महतो, जयराम महतो, और मनरेगा लेखपाल संतोष कुमार राय समेत कई स्थानीय कलाकार उपस्थित थे.
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