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Seraikela Kharsawan News : पेसा कानून शीघ्र लागू करें झारखंड़ सरकार : ग्लैडसन

Updated at : 25 Oct 2025 10:59 PM (IST)
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Seraikela Kharsawan News : पेसा कानून शीघ्र लागू करें झारखंड़ सरकार : ग्लैडसन

कुचाई. बड़ाबांडी में वनाधिकार पत्थलगड़ी की पहली वर्षगांठ मनी

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खरसावां. कुचाई के बड़ाबांडी में शनिवार को वनाधिकार पत्थलगड़ी का पहला स्थापना दिवस मनाया गया. इसकी अध्यक्षता आशोक मानकी ने की. पत्थलगड़ी स्थल पर पाहन (पुजारी) बुनेड़ीराम मुंडा ने पूजा-अर्चना की. ग्रामीणों ने जंगल और जैव विविधता के संरक्षण का संकल्प लिया. आदिवासी क्षेत्र सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष सह सामाजिक कार्यकर्ता ग्लैडसन डुंगडुंग ने कहा कि जल, जंगल के साथ खनिज संपदा पर मालिकाना हक के लिए 260 वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं. ब्रिटिश हुकूमत ने एक के बाद एक कानून बना कर हमारे अधिकारों को छिना. बाद में अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए वनाधिकार कानून, पेशा कानून आदि बनाये गये, लेकिन प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया गया. राज्य सरकार पेसा कानून-1996 की नियमावली बनाकर जल्द लागू करे, ताकि आदिवासियों की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था कायम रहे. इससे आदिवासियों को प्राकृतिक संसाधनों पर मालिकाना हक मिल सकेगा.

ग्रामीणों को जंगल प्रबंधन का अधिकार मिले : बोदरा

झारखंड जंगल बचाओ आंदोलन के अलेस्टेयर बोदरा ने कहा कि वनाधिकार कानून 2006 के तहत झारखंड सरकार वनों के प्रबंधन का अधिकार नहीं दे रही है. मुख्यमंत्री सह वन मंत्री आगामी एक जनवरी को खरसावां शहीद दिवस पर घोषणा करें कि जंगल में रहने वाले लोग व जंगल से जुड़े गांवों को जंगल के प्रबंधन का अधिकार दिया जायेगा.

वन संसाधनों के संरक्षण, प्रबंधन और पुनर्जीवन पर बल : सोहनलाल

आइसीएफजी, रांची के सोहन लाल कुम्हार ने सामुदायिक वन संसाधनों के संरक्षण, प्रबंधन और पुनर्जीवन पर बल दिया. उन्होंने वन्य क्षेत्र और जैव विविधताओं को बढ़ाने का आग्रह किया. बड़ाबांडी को वर्ष 2024 में कुल 306.04 एकड़ वनभूमि पर सामुदायिक वनाधिकार प्रमाण-पत्र प्रदान मिला था. इसके तहत पत्थलगड़ी की गयी.

ग्राम सभा सशक्त होने क्षेत्र में जंगल का घनत्व बढ़ा : अखौरी प्रवास

एफआरए सेल, रांची के ओखौरी प्रवास ने कहा कि ग्राम सभा के सशक्त होने से क्षेत्र में जंगल का घनत्व बढ़ा है. जेम्स हेरेंज ने वनोपज संग्रह से लेकर विपणन की जानकारी दी. आइसीएफजी के सूरजमनी भगत ने ग्राम स्तर पर वनाश्रित महिला समूह गठन कर वनोपजों का संग्रहण व विपणन की जानकारी दी. एलेक्स टोप्पो ने ग्रामीणों को जैविक खेती के लिए प्रेरित किया.

पारंपरिक तरीके से हुआ अतिथियों का स्वागत

कार्यक्रम में लोगों का पारंपरिक पत्ते की टोपी पहना कर स्वागत हुआ. कार्यक्रम में भरत सिंह मुंडा, तुलसी मुंडा, दामु मुंडा, राधाकृष्ण सिंह मुंडा, सुखराम मुंडा, कारु मुंडा, पार्वती गागराई, बबलू मुर्मू, वृहस्पति सिंह सरदार, गौतम सिंह मुंडा, धर्मेंद्र सिंह मुंडा, मुन्ना सोय, मानसिंह मुंडा, मंगल सिंह मुंडा, रामकृष्ण मुंडारी. ससनातन कुंटिया, मानकी मुंडा, गोपाल सिंह मुंडा, रामकृष्ण मुंडा, आशोक मानकी, वनवारीलाल मुंडा, पार्वती गागराई, करम सिंह मुंडा, राजेश मुंडरी, दोलु सिंह सरदार आदि मौजूद रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ATUL PATHAK

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