सरायकेला में विशेष सड़क सुरक्षा अभियान, 3 दिन में 499 वाहन चालकों पर कार्रवाई, 4.88 लाख से अधिक का कटा चालान

सरायकेला-खरसावां जिले में विशेष वाहन चेकिंग अभियान के दौरान बाइक चालक की जांच करते पुलिसकर्मी. फोटो : प्रभात खबर
Special road safety campaign in Seraikela: सरायकेला-खरसावां जिले में बढ़ती दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विशेष सड़क सुरक्षा अभियान चलाया जा रहा है. इसके तहत 3 दिन में 499 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई हुई है. यानी इनके खिलाफ चालान काटा गया है. इन वाहन चालकों से 4.88 लाख रुपए की वसूली की गयी है.
Table of Contents
Special Road Safety Campaign in Seraikela| सरायकेला, शचिंद्र कुमार दाश : सरायकेला-खरसावां जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक माह का विशेष सड़क सुरक्षा अभियान शुरू किया गया है. एक सितंबर से जिले के सभी थाना क्षेत्रों में अभियान चलाया जा रहा है. ट्रैफिक थाना के साथ मिलकर चिह्नित ब्लैक स्पॉट एवं अन्य जगहों पर नियम उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सघन जांच अभियान भी चलाया जा रहा है. नियमों का उलंघन रकने वालों का चालान भी काटा जा रहा है.
3 दिन में 499 लोगों का कटा चालान
एक से तीन सितंबर 2025 तक जिले भर में कुल 499 चालान काटे गये हैं. इससे 4,88,850 रुपए की वसूली हुई. जिला ट्रैफिक प्रभारी अजय कुमार तिवारी ने आम जनता एवं वाहन चालकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें. अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करें. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी. आवागमन के दौरान वाहनों के सभी वैध कागजात साथ लेकर चलने की अपील की गयी है.
Special Road Safety: 3 दिन में हुई कार्रवाई का ब्योरा
| अपराध का प्रकार | चालान की संख्या | वसूली गयी राशि |
|---|---|---|
| बिना हेलमेट | 177 | 1,77,000 रुपए |
| बिना बीमा | 14 | 28,000 रुपए |
| बिना लाइसेंस | 5 | 25,000 रुपए |
| दोपहिया पर ट्रिपल राइडिंग | 8 | 8,000 रुपए |
| बिना सीट बेल्ट | 81 | 81,000 रुपए |
| मोबाइल पर बात करते ड्राइविंग | 13 | 13,000 रुपए |
| सिग्नल जंप करना | 49 | 7,350 रुपए |
| बिना तिरपाल ढके वाहन | 13 | 13,000 रुपए |
| अतिरिक्त सवारी (यात्री वाहन) | 10 | 2,000 रुपए |
| बम्पर लगाकर वाहन चलाना | 2 | 10,000 रुपए |
| बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र | 46 | 46,000 रुपए |
| बिना परमिट वाहन चलाना | 4 | 40,000 रुपए |
| आदेश का उल्लंघन | 77 | 38,500 रुपए |
| कुल | 499 | 4,88,850 रुपए |
यातायात नियमों के उलंघन पर कार्रवाई का प्रावधान
खरसावां में मोटरयान अधिनियम 1988 तथा मोटरयान अधिनियम (संशोधन) 2019 के तहत यातायात नियमों का उलंघन करने पर कार्रवाई का प्रावधान है. मोटरयान अधिनियम 1988 तथा मोटरयान अधिनियम (संशोधन) 2019 के तहत जुर्माना और अन्य कार्रवाई का प्रावधान इस प्रकार है.
झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
अपराध : जुर्माना व अन्य कार्रवाई के प्रावधान
- बिना हेलमेट के बाइक चलाना या मोटरसाइकिल पर ट्रिपल राइडिंग, शराब या नशीला पदार्थ सेवन कर वाहन चलाना, मोबाइल से बात करते हुए वाहन चलाना, विधि विरुद्ध ओवरटेक, यातायात के अधिकृत प्रवाह के विपरीत ड्राइविंग, सक्षम और सावधान चालक की उम्मीद के विपरीत खतरनाक रूप से वाहन चलाना अपराध है. ऐसे लोगों पर 1000 रुपए जुर्माना और 3 माह तक के लिए ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन का कानून में प्रावधान है.
- बिना सीट बेल्ट के वाहन चलाने या वाहन में बैठने पर 1000 रुपए का जुर्माना.
- बिना बीमा के वाहन चलाने पर 2000 रुपए का जुर्माना.
- वैध ड्राइविंग लाइसेंस के बिना वाहन चलाने पर 5000 रुपए का जुर्माना.
- बिना रजीस्ट्रेशन के वाहन चलाने पर 2000 रुपए का जुर्माना.
- बिना परमिट के वाहन चलाने वालों पर 10,000 रुपए का जुर्माना.
- 18 वर्ष से कम आयु वाले व्यक्ति द्वारा 50 सीसी से अधिक इंजन वाला वाह चलाने पर 25,000 रुपए का जुर्माना (अभिभावक को).
- अधूरा या बिना नंबर प्लेट के वाहन चलाने पर 150 रुपए का जुर्माना.
- ओवरलोडिंग (माल वाहक वाहन) पर 20,000 रुपए + प्रति टन 2,000 रुपए का जुर्माना.
- ओवर लोडिंग (यात्री वाहन) पर 200 रुपए प्रति यात्री जुर्माना का है प्रावधान.
- खतरनाक तरीके से वाहन पार्किंग करने वालों पर 150 रुपए का जुर्माना.
सरायकेला-खरसावां जिले में 8 माह में 145 लोगों की सड़क दुर्घटना में मौत
सरायकेला-खरसावां जिले में सड़क दुर्घटना से होने वाली मौत के आंकड़े डराने वाले हैं. जनवरी से अगस्त 2025 तक जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं में 145 लोगों की मौत हो चुकी है. अगस्त में करीब एक दर्जन लोग काल के गाल में समा चुके हैं. सरायकेला-खरसावां जिले में जुलाई में 29 दुर्घटनाएं हुईं, जिसमें सबसे ज्यादा 26 लोगों की जान गयी.
ये हैं पिछले 6 माह में मौत के आंकड़े
| माह | मौत की संख्या |
|---|---|
| जनवरी 2025 | 15 |
| फरवरी | 20 |
| मार्च 2025 | 21 |
| अप्रैल 2025 | 18 |
| मई 2025 | 20 |
| जून 2025 | 13 |
| जुलाई 2025 | 26 |
| अगस्त 2025 | 12 |
बढ़ रहे हैं दुर्घटना में मौत के आंकड़े
वर्ष 2023 में सड़क दुर्घटना में जिले में 161 लोगों की मौत हुई थी. वहीं वर्ष 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 166 हो गया. वर्ष 2025 में 8 महीने में 145 लोगों की मौत हो चुकी है. आंकड़े बता रहे हैं कि जिले में सड़क हादसे बढ़े हैं. 3 साल में 462 लोगों की मौत के बावजूद वाहन चलाने में लोग सावधानी नहीं बरत रहे. ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं कर रहे. यही वजह है कि लगातार हादसों की संख्या बढ़ रही है. साथ ही मृतकों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है.
चिंता की बात
- सरायकेला-खरसावां जिले में यातायात नियमों की अनदेखी के कारण सड़क दुर्घटनाएं हो रहीं हैं.
- जांच अभियान के बावजूद यातायात नियमों का उल्लंघन हो रहा है.
- ट्रिपल राइडिंग धड़ल्ले से जारी है.
- कम उम्र के बच्चों को ट्रैक्टर चलाते भी देखा जा सकता है.
- नियमों को ताक पर रखकर छोटे-बड़े वाहनों का परिचालन हो रहा है.
- कम उम्र के बच्चे भी बेखौफ बाइक पर ट्रिपल राइडिंग करते हैं.
- भारी वाहनों में ओवरलोडिंग, तेज गति से वाहन चलाना आम बात हो गयी है.
- सड़कों पर चल रही स्लैग लदे वाहनों से उड़ती धूल के कारण दोपहिया वाहन चालकों को काफी परेशानी होती है.
बाइकर्स कर रहे स्टंट, दुर्घटना की आशंका बढ़ी
सरायकेला-खरसावां जिले के अलग-अलग मार्ग पर शाम के वक्त युवक साइलेंसर खुली बाइक पर स्टंट शुरू कर देते हैं. इससे न केवल उनकी जान बल्कि सड़क से गुजरने वाले अन्य वाहनों और लोगों की भी सुरक्षा खतरे में रहती है. प्रेशर हॉर्न से ध्वनि प्रदूषण भी फैल रहा है. लोगों का कहना है कि इस पर रोक लगाना जरूरी है. जिले में अब तक 18 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किये गये हैं, जहां अक्सर सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं.
इसे भी पढ़ें
जमशेदपुर में आंख में मिर्च पाउडर डालकर दिनदहाड़े 30 लाख की लूट, अपराधियों ने फायरिंग भी की
जमशेदपुर में बैठकर अमेरिकी नागरिकों से कर रहे थे ठगी, 12 साइबर क्रिमिनल्स की पुलिस ने की पहचान
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
लेखक के बारे में
By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




