2008 में सरायकेला नगर पालिका को बना दिया था नगर पंचायत, इस बार नहीं होगा नोटा का ऑप्शन

Saraikela: झारखंड बनने के बाद जब पहली बार 2008 में नगर निकाय चुनाव हुआ था, तब सरायकेला को नगर निगम से हटाकर नगर पंचायत बना दिया गया था. तब से सरायकेला नगर पंचायत ही है.
धीरज सिंह
Saraikela: सरायकेला नगर निकाय चुनाव में अब मतदाता को किसी न किसी प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करना ही होगा, क्योंकी इस बार निकाय चुनाव में नोटा का ऑप्शन नहीं रहेगा. नोटा का ऑप्शन नहीं रहने से मत पत्र में सभी प्रत्याशियों के चुनाव चिह्न और नाम रहेंगे, जिसमें ठप्पा लगाना होगा. इस संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नोटा का ऑप्शन नहीं रहने का निर्देश जारी किया गया है.
2008 में नगर पालिका से डिमोशन कर किया गया था नगर पंचायत
झारखंड गठन के बाद निकाय चुनाव पहली बार वर्ष 2008 में हुआ था, इसके पूर्व सरायकेला शहरी क्षेत्र नगर पालिका हुआ करता था, लेकिन जनसंख्या को आधार बनाते हुए वर्ष 2008 में नगर पालिका को डिमोशन करते हुए सरायकेला नगर पंचायत कर दिया गया और चुनाव कराया गया था. पहली बार हुए चुनाव में भी ईवीएम मशीन का प्रयोग किया गया था, यह पहली बार होगा कि निकाय चुनाव बैलेट पेपर से होगा.
अध्यक्ष के लिए हल्का गुलाबी और पार्षद के लिए सफेद रंग का बैलेट पेपर
नगर निकाय चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए हल्का गुलाबी मत पत्र होगा वहीं पार्षद के पद के लिए मत पत्र सफेद रंग का होगा. निर्वाचन आयोग द्वारा मत पत्र के रंग को लेकर अधिसूचना जारी कर दिया गया है.
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By अमलेश नंदन सिन्हा
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