सरायकेला में साप्ताहिक हाट से सड़क पर नहीं लगेगा जाम, बिरसा स्टेडियम में सजेगा बाजार

Updated at : 12 Mar 2026 12:00 PM (IST)
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Birsa Stadium Saraikela

सरायकेला के बिरसा मुंडा स्टेडियम में फुटबॉल खेलते बच्चे. इसी में साप्ताहिक हाट लगेगा.

Saraikela Weekly Haat: सरायकेला में साप्ताहिक हाट को सड़क से हटाकर बिरसा स्टेडियम में शिफ्ट किया गया है, जिससे शहर के तीन प्रमुख मार्गों पर लगने वाले जाम से राहत मिलने लगी है. नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने जनता और दुकानदारों के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया और जनहित में इस पहल को जरूरी बताया. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

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सरायकेला से प्रताप मिश्रा की रिपोर्ट

Saraikela Weekly Haat: सरायकेला में लगने वाले साप्ताहिक हाट से अब सड़क पर जाम नहीं लगेगा. इसका कारण यह है कि इस साप्ताहिक हाट को बिरसा स्टेडियम में शिफ्ट कर दिया गया है. अब बिरसा स्टेडियम में ही साप्ताहिक हाट की दुकानें सजाई जाएंगी. हालांकि, सरायकेला के नवनिर्वाचित नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी की इस पहल का स्थानीय नेताओं की ओर से विरोध किया जा रहा है, लेकिन नगर अध्यक्ष ने इस काम जनता की ओर से मिल रहे सहयोग के लिए सबको धन्यवाद दिया है.

सड़क जाम से राहत के लिए किया जा रहा काम: मनोज

सरायकेला नगर पंचायत के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने शहर में साप्ताहिक हाट के कारण लगने वाले भीषण सड़क जाम से लोगों को राहत दिलाने के लिए शुरू की गई पहल पर जनता और दुकानदारों के सहयोग की सराहना की है. उन्होंने कहा कि शहर की तीन प्रमुख सड़कों पर हर सप्ताह लगने वाले हाट के कारण लंबे समय से जाम की समस्या बनी हुई थी, जिससे आम लोगों, दुकानदारों और खिलाड़ियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था.

जनता और दुकानदारों ने दिया भरपूर सहयोग

अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए जब पहल की गई तो शहर के अधिकांश लोगों ने इसका समर्थन किया. उन्होंने बताया कि आम जनता के साथ-साथ दुकानदारों ने भी सकारात्मक रुख अपनाया और प्रशासन के साथ मिलकर व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहयोग दिया. उनके अनुसार, लोगों की भागीदारी के कारण ही अब तीनों प्रमुख सड़कों पर जाम की स्थिति में लगभग 80 प्रतिशत तक सुधार देखने को मिला है.

कुछ लोगों के विरोध पर जताई नाराजगी

हालांकि इस प्रयास के बीच कुछ लोगों के विरोध को लेकर अध्यक्ष ने नाराजगी भी जाहिर की. उन्होंने कहा कि कुछ कुंठित विचारधारा के लोग इस पहल का विरोध कर रहे हैं और उपायुक्त को लिखित शिकायत देकर इस प्रयास को विफल करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने इसे बचकानी हरकत बताते हुए कहा कि ऐसी कोशिशों के बावजूद जनहित में उठाए गए कदमों को रोका नहीं जा सकेगा.

हंसाउडी, बिरसा चौक, संजय चौक होंगे जाम मुक्त

मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद उनका पहला लक्ष्य शहर के प्रमुख इलाकों को जाम की समस्या से मुक्त कराना है. उन्होंने हंसाउडी, बिरसा चौक और संजय चौक के लोगों को भरोसा दिलाया कि इन क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं. इसके लिए स्थानीय लोगों, दुकानदारों और प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर काम किया जा रहा है.

खिलाड़ियों और दुकानदारों का भी रखा गया ध्यान

अध्यक्ष ने कहा कि इस निर्णय को लेते समय शहर के खिलाड़ियों, दुकानदारों और वार्डवासियों सभी के हितों को ध्यान में रखा गया है. उन्होंने कहा कि स्टेडियम का उपयोग किस प्रकार होता है, यह शहर के लोग अच्छी तरह जानते हैं. इसलिए ऐसी व्यवस्था बनाने की कोशिश की जा रही है, जिससे खेल गतिविधियों और व्यापार दोनों पर सकारात्मक प्रभाव पड़े.

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शहर के गौरव को बनाए रखने की अपील

मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि सरायकेला शहर का इतिहास काफी गौरवशाली रहा है. वर्षों से उपेक्षित इस शहर की पहचान और गौरव को बनाए रखने के लिए कई बड़े और साहसिक कदम उठाने की जरूरत है. उन्होंने जनता से अपील की कि वे जनहित में किए जा रहे कार्यों का समर्थन करें. इससे भविष्य में शहर के विकास और लोगों की सुविधा के लिए और भी मजबूत निर्णय लिए जा सकेंगे.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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