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seraikela News : मॉडल स्कूल में तीन शिक्षकों के भरोसे छठी से 12वीं तक की पढ़ाई

Updated at : 10 Jan 2025 12:06 AM (IST)
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seraikela News : मॉडल स्कूल में तीन शिक्षकों के भरोसे छठी से 12वीं तक की पढ़ाई

सरायकेला में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई के लिए शुरू हुआ था स्कूल

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प्रताप मिश्रा/धीरज सिंह, सरायकेला

सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई के लिए सरायकेला में शुरू मॉडल स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी है. मात्र तीन शिक्षकों (दो अनुबंध पर) के भरोसे छठी से 12वीं तक पढ़ाई हो रही है. स्कूल में शिक्षकों के 13 पद स्वीकृत हैं. शिक्षकों की कमी के असर बच्चों के पढ़ाई पर पड़ रहा है. विद्यालय में हर वर्ष कक्षा 6 से 10 में 40 बच्चों का नामांकन लिया जाता है. 11वीं में अधिकतम 1500 बच्चों का नामांकन लेने का प्रावधान है. स्कूल में कक्षा छह से 10 तक 197 बच्चे नामांकित हैं. वहीं, 11वीं में 84 व 12वीं में 68 बच्चे हैं.

विज्ञान, गणित, इतिहास, भूगोल आदि के शिक्षक नहीं

मॉडल स्कूल में कई विषयों के शिक्षक नहीं हैं. प्रभारी प्राचार्य देवरूप बागची सामाजिक विज्ञान के शिक्षक हैं. मुकेश कुमार सिंह अंग्रेजी के शिक्षक, जबकि स्कूल में प्रतिनियुक्त आशुतोष शुक्ला हिंदी पढ़ाते हैं. स्कूल में कई बार शिक्षकों की पदस्थापना की मांग की गयी, परंतु पहल नहीं हुई. स्कूल में एक शिक्षक को कई विषय पढ़ाना पड़ता है. यहां विज्ञान, गणित, इतिहास, भूगोल आदि विषय के शिक्षक नहीं हैं.

सिलेबस पूरा नहीं हो पा रहा

मॉडल स्कूल में शिक्षकों की कमी के कारण इंटर के तीनों संकाय की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. स्कूल में 11वीं के विज्ञान संकाय में 32 विद्यार्थी, कला में 50 व वाणिज्य में 2 विद्यार्थी हैं. वहीं, 12वीं के विज्ञान संकाय में 18, कला में 49 व वाणिज्य में 1 विद्यार्थी है. इंटर की पढ़ाई कर रहे बच्चों का कहना है कि सिलेबस पूरा नहीं हो पा रहा है.

आसपास के शिक्षित बेरोजगारों से लेते हैं मदद : प्रधानाध्यापक

प्रभारी प्रधानाध्यापक देवरूप बागची ने कहा कि शिक्षकों की कमी है. आस-पास के गांव के शिक्षित व बीएड किये बेरोजगार युवक-युवतियों से मदद ली जा जाती है. स्थानीय युवक-युवती निःशुल्क शिक्षादान कर रहे हैं. किंतु यह स्थायी व्यवस्था नहीं है. सरकार को ध्यान देना चाहिए. स्थायी शिक्षकों को पदस्थापित करना चाहिये. उन्होंने कहा कि निःशुल्क शिक्षादान करने वाले दो युवक और युवती शामिल हैं.

2012 से संचालित स्कूल को 2022 में मिला भवन

सरायकेला के बड़ा कंकड़ा गांव में वर्ष 2012 में मॉडल इंग्लिश स्कूल खोला गया. स्कूल का संचालन अस्थायी रूप से एनआर प्लस टू हाई स्कूल के भवन में होता था. इसके बाद लाखों रुपये खर्च कर बड़ा कांकड़ा में मॉडल स्कूल का भवन बनाया गया. वर्ष 2022 से नये भवन में स्कूल चल रहा है. अबतक स्कूल कैंपस की चहारदीवारी नहीं बन पायी है. ऐसे में सुरक्षा पर प्रश्न चिह्न उठता है. स्कूल भवन में पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है.

…कोट…

मॉडल स्कूल में शिक्षकों की कमी है. सभी कक्षाएं एक साथ संचालित करने में परेशानी होती है. किसी तरह कक्षाओं का संचालन हो रहा है. वैकल्पिक व्यवस्था के तहत आस-पास के गांवों के शिक्षित युवक-युवतियों का सहयोग लिया जा रहा है.

– देवरूप बागची, प्रभारी प्रधानाध्यापक, मॉडल स्कूल, सरायकेला

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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