श्री झारखंड सीमेंट प्लांट में ब्लड डोनेशन कैंप, 28 लोगों ने किया रक्त दान

खरसावां के हांसदा में श्री झारखंड सीमेंट प्लांट में रक्तदान शिविर में उपस्थित लोग. फोटो: प्रभात खबर
Kharsawan News: खरसावां के श्री झारखंड सीमेंट प्लांट में आयोजित रक्तदान शिविर में 28 यूनिट रक्त संग्रह किया गया. कार्यक्रम में कर्मचारियों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. प्लांट प्रबंधन और डॉक्टरों ने रक्तदान को मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल बताया. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.
खरसावां से शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट
Kharsawan News: खरसावां के हांसदा स्थित श्री झारखंड सीमेंट प्लांट परिसर में शनिवार को रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में कर्मचारियों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. इस दौरान कुल 28 यूनिट रक्त संग्रह किया गया. रक्तदान शिविर को लेकर कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल देखा गया. कार्यक्रम का उद्घाटन प्लांट के यूनिट हेड योगेश कौशिक, एचआर विभाग के विजय निशांत, सदर अस्पताल सरायकेला के उपाधीक्षक डॉ नकुल चौधरी तथा सरायकेला ब्लड बैंक की प्रभारी डॉ अनुपमा कुमारी ने दीप प्रज्वलित कर किया.
रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं: योगेश कौशिक
शिविर के दौरान यूनिट हेड योगेश कौशिक ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा दान है, क्योंकि इससे किसी जरूरतमंद की जान बचायी जा सकती है. उन्होंने कहा कि रक्तदान केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है. उन्होंने आगे भी इस तरह के सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन जारी रखने की बात कही. साथ ही रक्तदान शिविर में स्वेच्छा से भाग लेने वाले कर्मचारियों और युवाओं के प्रति आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का यह निस्वार्थ योगदान जरूरतमंदों के लिए आशा की किरण साबित होगा.
सामाजिक दायित्व निभाने के लिए प्रतिबद्ध है कंपनी
श्री सीमेंट के एचआर विभाग के विजय निशांत ने कहा कि कंपनी हमेशा अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ करती रही है. उन्होंने कहा कि समाजहित से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से कंपनी लोगों के बीच जागरूकता फैलाने और जरूरतमंदों की मदद करने का प्रयास करती है. वहीं, सदर अस्पताल सरायकेला के उपाधीक्षक डॉ नकुल चौधरी ने रक्तदान शिविर की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की स्वैच्छिक भागीदारी मानवता और करुणा की मिसाल है. उन्होंने कहा कि रक्तदान जैसे आयोजन समाज में सहानुभूति और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करते हैं.
ब्लड बैंक प्रभारी ने की कर्मचारियों की सराहना
सरायकेला ब्लड बैंक की प्रभारी डॉ अनुपमा कुमारी ने भी कर्मचारियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि नियमित रूप से आयोजित होने वाले रक्तदान शिविर अस्पतालों में रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. उन्होंने कहा कि कई बार गंभीर मरीजों को समय पर रक्त नहीं मिल पाने से परेशानी होती है. ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर जरूरतमंदों के लिए काफी मददगार साबित होते हैं.
पहली बार रक्तदान करने वाले युवाओं में दिखा उत्साह
शिविर में कई ऐसे युवा भी शामिल हुए, जिन्होंने पहली बार रक्तदान किया. पहली बार रक्तदान करने पहुंचे कुंदन कुमार दाश, अंकित शर्मा, जीतेंद्र महतो और विश्वजीत प्रमाणिक में खासा उत्साह देखने को मिला. युवाओं ने कहा कि रक्तदान कर उन्हें काफी अच्छा महसूस हो रहा है. उन्होंने कहा कि भविष्य में भी जब मौका मिलेगा, वे रक्तदान जरूर करेंगे. युवाओं ने अन्य लोगों से भी रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की.
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डॉक्टरों और कर्मचारियों ने निभायी अहम भूमिका
रक्त संग्रह कार्य में सरायकेला ब्लड बैंक के डॉक्टरों और अधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. शिविर के सफल आयोजन में नीरज कुमार, सनुब टीएस, प्रशांत कुमार सिंह, अंजन चटर्जी और संतोष कुमार रंजन सहित कई लोगों का सहयोग रहा. रक्तदान शिविर के माध्यम से लोगों को मानवता और सामाजिक सेवा का संदेश दिया गया. कार्यक्रम के अंत में सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त किया गया.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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