मेरे बेटे की हत्या की गयी है, उच्चस्तरीय जांच हो

Updated at : 07 Nov 2015 7:53 AM (IST)
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मेरे बेटे की हत्या की गयी है, उच्चस्तरीय जांच हो

दुमका में झुलस कर पुलिसकर्मी की मौत मामले में मृतक की मां ने कहा गम्हरिया : मेरे पुत्र (श्यामल घोष) की मृत्यु अगलगी से नहीं हुई है, बल्कि उसकी हत्या की गयी है. मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों को कड़ी सजा मिले. यह मांग की है दुमका में प्रमंडलीय आयुक्त के आवास पर तैनात […]

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दुमका में झुलस कर पुलिसकर्मी की मौत मामले में मृतक की मां ने कहा
गम्हरिया : मेरे पुत्र (श्यामल घोष) की मृत्यु अगलगी से नहीं हुई है, बल्कि उसकी हत्या की गयी है. मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों को कड़ी सजा मिले. यह मांग की है दुमका में प्रमंडलीय आयुक्त के आवास पर तैनात पुलिस श्यामल घोष की माता यशोदा घोष ने. ज्ञात हो कि गुरुवार की शाम आग से झुलस कर श्यामल की मौत हो गयी. श्यामल की मौत से उसके धीराजगंज स्थित पैतृक आवास पर शोक की लहर है.
12.30 बजे हुई थी आखिरी बार बात : श्रीमती घोष ने बताया कि अपने बेटे (श्यामल) से उनकी गुरुवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे फोन पर बात हुई थी. उस वक्त उसने मेरा हालचाल पूछा और तबीयत खराब होने की बात कही थी. जब छुट्टी लेकर उसे घर आने को कहा गया, तो उसने बताया था कि जवान की संख्या कम होने की वजह से छुट्टी नहीं मिल रही है. शाम करीब साढ़े सात बजे परिजनों को उसकी मौत की खबर मिली.
श्यामल का इलाज कराने बच्चों संग निकली थी पत्नी
नौ वर्ष पूर्व श्यामल की शादी हुई थी. उसके दो बच्चे हैं. पत्नी व बच्चे अन्य भाइयों के साथ धीराजगंज में ही रहते हैं. गुरुवार दोपहर श्यामल की तबीयत खराब होने तथा छुट्टी नहीं मिलने की खबर पाकर पत्नी अपने दोनों बच्चों के साथ श्यामल का इलाज कराने के लिए दुमका रवाना हुई, लेकिन वहां पहुंचने पर बुरी खबर मिली.
तीन माह पूर्व हुआ था तबादला
परिजनों ने बताया कि पूर्व में वह गोलमुरी स्थित पुलिस लाइन में पदस्थापित था. तीन माह पूर्व ही उसका तबादला दुमका किया गया था.
अखबार से मां को मिली जानकारी
परिजनों ने बताया कि गुरुवार शाम को ही उन्हें इसकी सूचना मिल चुकी थी. मां की तबीयत खराब रहने की वजह से उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी गयी, लेकिन सुबह अखबारों में समाचार देखकर मां को इसकी जानकारी मिली. अपने पुत्र का मौत की खबर पाकर वह बेहोश हो गयी थी.
खेल कोटा से मिली थी नौकरी
श्यामल एक अच्छा फुटबॉल खिलाड़ी था. उसे खेल कोटा से ही 15 वर्ष पूर्व पुलिस की नौकरी मिली थी. यशोदा घोष ने बताया कि खेल जीवन में उसका अधिकांश समय पटना में बीता था.
वह गोवा, राजस्थान, मुंबई, दिल्ली समेत देश के विभिन्न क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन कर काफी नाम कमा चुका था. वह संजय मेमोरियल फुटबॉल समिति धीराजगंज का कप्तान भी रहा था. श्यामल के निधन पर समिति के सदस्यों ने शोक जताया.
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