साहिबगंज में हड़ताल का बड़ा असर, बैंकों में 10 करोड़ से अधिक लेन-देन प्रभावित

हड़ताल करते बैंककर्मी
Sahibganj: साहिबगंज में मजदूर यूनियन की हड़ताल का बड़ा असर देखने को मिला. कई बैंक बंद रहने से 10 करोड़ से ज्यादा का लेनदेन प्रभावित हुए. हड़ताल कर रहे श्रमिकों ने केंद्र सरकार के नये लेबर कोड का जमकर विरोध किया.
Sahibganj: देशव्यापी बंद को लेकर साहिबगंज जिला मुख्यालय सहित पूरे जिले के 17 बैंकों में ऑल इंडिया बैंक इम्प्लाइज फेडरेशन के बैनर तले गुरुवार को आंदोलन और प्रदर्शन किया गया. बैंक कर्मी गोपाल कुमार और अखिलेश कुमार ने बताया कि बैंकों के बंद रहने से 10 करोड़ से अधिक के लेन-देन और कारोबार पर असर पड़ा है. सभी कर्मचारी इकट्ठा होकर शहर के बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, एलआईसी सहित अन्य बैंकों को बंद कराया. प्रदर्शन के दौरान मजदूर विरोधी श्रम संहिताएं वापस लो, मजदूर वर्ग पर हमले बंद करो, युवाओं पर रोजगार के हमले रोको जैसे नारे लगाए गए.
हड़ताल की वजह से कई बैंकों के एटीएम भी बंद रहे, जिससे आम लोगों को परेशानी हुई. भारतीय स्टेट बैंक ने नैतिक समर्थन देने की बात कही. मौके पर सुबोध कुमार, मिथिलेश कुमार, कमलेश कुमार, मनीष कुमार सहित दर्जनों बैंक कर्मी मौजूद थे और सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे.
क्या है मांग
उनकी मांग है कि बैंकों, एलआईसी और जीआईसी में निजीकरण और विनिवेश बंद किया जाए. आईडीबीआई बैंक को बेचने का निर्णय वापस लिया जाए. बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआई वृद्धि को रद्द किया जाए. सार्वजनिक क्षेत्र की सामान्य बीमा कंपनियों का एक इकाई में विलय किया जाए. पर्याप्त भर्तियां सुनिश्चित की जाएं और युवाओं को स्थायी रोजगार दिया जाए. आउटसोर्सिंग और ठेका प्रथा बंद की जाए. मजदूरों का शोषण रोका जाए. एनपीएस खत्म कर ओपीएस बहाल किया जाए ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो. फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट योजना वापस ली जाए. कॉरपोरेट से बकाया और डूबे कर्ज की वसूली के लिए कड़े कदम उठाए जाएं. आम ग्राहकों के लिए बैंकों में सेवा शुल्क कम किया जाए.
एमआर यूनियन ने देशव्यापी आंदोलन को दिया समर्थन
बिहार झारखंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव एमआर यूनियन के सदस्यों ने गुरुवार को देशव्यापी आंदोलन का समर्थन किया. सचिव अनंत कुमार वर्मा के नेतृत्व में जेएन राय रोड स्थित कार्यालय से प्रदर्शन शुरू हुआ जो शहर के प्रमुख मार्गों से होकर कार्यालय पहुंचा. प्रदर्शन के दौरान यूनियन के सदस्य नये लेकर कोड रद्द करो, सेल्स प्रमोशन इम्प्लाइज एक्ट और सेवा की शर्तें 1976 को बहाल रखो, सेल्स प्रमोशन इम्प्लाइज के काम की वैधानिक नियमावली लागू करो, सेल्स प्रमोशन इम्प्लाइज को सेल्स के आधार पर उत्पीड़न और दंडित करना बंद करो, ट्रैकिंग और निगरानी के जरिये निजता के अधिकार का हनन बंद करो जैसे नारे लगा रहे थे. इस आंदोलन में चन्द्रकांत, रोमित कुमार, आनंद कुमार, आशुतोष कुमार, मनीष, संतोष, मिथिलेश सहित कई एमआर शामिल थे.
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By AmleshNandan Sinha
अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.
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