PHOTOS: साहिबगंज में गंगा खतरे के निशान के पार, बाढ़ में घिरी 20 हजार आबादी, सभी स्कूल बंद

Updated:
विज्ञापन

जलमग्न हो गये हैं गंगा के किनारे बसे गांव. फोटो : प्रभात खबर

Jharkhand Flood: साहिबगंज जिले में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है. गंगा किनारे बसे गांवों में बाढ़ की स्थिति है. 20 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. जिला प्रशासन ने अलग-अलग प्रखंडों में 50 राहत शिविर बनाये हैं, लेकिन बाढ़ में फंसे लोग वहां जाने से इंकार कर रहे हैं. इस बीच, प्रशासन की ओर से लोगों को चावल, गुड़, तिरपाल, मोमबत्ती आदि का वितरण किया जा रहा है.

विज्ञापन

Jharkhand Flood: झारखंड के साहिबगंज जिले में गंगा नदी का जलस्तर सोमवार (11 अगस्त 2025) को खतरे के निशान को पार गया. जिले में बाढ़ जैसी स्थिति की वजह से करीब 20 हजार लोग प्रभावित हुए हैं. एक अधिकारी ने बताया कि एहतियाती उपाय के तौर पर जिले के बाढ़ प्रभावित या निचले इलाकों में स्थित सभी सरकारी और निजी स्कूलों को मंगलवार तक बंद कर दिया गया है. किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए जिले में लगभग 50 राहत शिविर स्थापित किये गये हैं.

आपके शहर में

विज्ञापन
गांव में भरा बाढ़ का पानी. फोटो : प्रभात खबर

गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से बढ़कर 28.61 मीटर हुआ

गंगा का जलस्तर सोमवार को 28.61 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का स्तर 27.25 मीटर है. साहिबगंज के अतिरिक्त कलेक्टर गौतम भगत ने बताया कि गंगा नदी के किनारे स्थित घरों में पानी घुस गया है, जिससे जिले के 5 प्रखंडों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गयी है. 15 हजार से 20 हजार लोग प्रभावित हुए हैं.

बाढ़ से धिरा हाजीपुर दियरा गांव. फोटो : प्रभात खबर

Jharkhand Flood: प्रशासन ने बनाये 50 राहत शिविर

उन्होंने कहा कि साहिबगंज जिला प्रशासन प्रभावित लोगों को चावल, गुड़, माचिस, मोमबत्तियां और प्लास्टिक का तिरपाल उपलब्ध करा रहा है. भगत ने कहा, ‘हमने प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न ब्लॉकों में लगभग 50 राहत शिविर भी स्थापित किये हैं, लेकिन वे अपने घर छोड़ना नहीं चाहते. अगर स्थिति और बिगड़ती है, तो उन्हें राहत शिविरों में पहुंचा दिया जायेगा.’

झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

घरेलू सामान और मवेशियों के साथ राहत शिविर जाना आसान नहीं – बाढ़ पीड़ित

बाढ़ प्रभावित व्यक्ति मोहन पासवान ने कहा, ‘हर मानसून के मौसम में हम इस क्षेत्र में बाढ़ देखते हैं. हमें राहत शिविर में जाने के लिए कहा गया है, लेकिन घरेलू सामान और पालतू मवेशियों के साथ वहां जाना आसान नहीं है.’

गांव में घुसा बाढ़ का पानी. फोटो : प्रभात खबर

12 अगस्त को बंद रहेंगे सभी सरकारी और निजी स्कूल

साहिबगंज जिला प्रशासन ने एक नोटिसस जारी किया है, जिसमें कहा है कि जिले में गंगा नदी के किनारे बाढ़ प्रभावित सरकारी और निजी स्कूल छात्रों और शिक्षकों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 11 अगस्त और 12 अगस्त को बंद रहेंगे.

इसे भी पढ़ें : Karma Puja 2025: रांची में धूमधाम से मनेगा करम पूजा महोत्सव 2025, शुरू हो गयी तैयारी

झारखंड में 40 फीसदी अधिक बरसा है मानसून

साहिबगंज के उपायुक्त (डीसी) हेमंत सती ने भी लोगों से गंगा के किनारे जाने से बचने का आग्रह किया. साहिबगंज नगर परिषद के ‘सिटी मैनेजर’ बीरेश कुमार ने बताया कि नगर परिषद क्षेत्र के 28 में से 10 वार्ड बाढ़ से प्रभावित हैं. झारखंड में 17 जून को मानसून के आगमन के बाद से भारी बारिश हो रही है. राज्य में एक जून से 11 अगस्त के बीच 863 मिलीमीटर बारिश हुई, जो औसत बारिश 616.5 मिलीमीटर की तुलना में 40 प्रतिशत अधिक है.

इसे भी पढ़ें

Kal Ka Mausam: आंधी के साथ वर्षा-वज्रपात की चेतावनी, जानें, 12 अगस्त को कैसा रहेगा मौसम

पूर्व भाजपा नेता सूर्या हांसदा पुलिस एनकाउंटर में ढेर, कल हुई थी गिरफ्तारी

बंगाल की खाड़ी में बनेगा लो प्रेशर एरिया, 11 अगस्त को झारखंड में कैसा रहेगा आज का मौसम

Viral Video: लड़की ने लड़के से कहा- कोई खर्च नहीं, फायदा ही फायदा, वीडियो देख नहीं रुकेगी हंसी

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola