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PHOTOS: साहिबगंज में गंगा खतरे के निशान के पार, बाढ़ में घिरी 20 हजार आबादी, सभी स्कूल बंद

Updated at : 11 Aug 2025 8:13 PM (IST)
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Jharkhand Flood Affects 2000 Population in Sahibganj District

जलमग्न हो गये हैं गंगा के किनारे बसे गांव. फोटो : प्रभात खबर

Jharkhand Flood: साहिबगंज जिले में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है. गंगा किनारे बसे गांवों में बाढ़ की स्थिति है. 20 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. जिला प्रशासन ने अलग-अलग प्रखंडों में 50 राहत शिविर बनाये हैं, लेकिन बाढ़ में फंसे लोग वहां जाने से इंकार कर रहे हैं. इस बीच, प्रशासन की ओर से लोगों को चावल, गुड़, तिरपाल, मोमबत्ती आदि का वितरण किया जा रहा है.

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Jharkhand Flood: झारखंड के साहिबगंज जिले में गंगा नदी का जलस्तर सोमवार (11 अगस्त 2025) को खतरे के निशान को पार गया. जिले में बाढ़ जैसी स्थिति की वजह से करीब 20 हजार लोग प्रभावित हुए हैं. एक अधिकारी ने बताया कि एहतियाती उपाय के तौर पर जिले के बाढ़ प्रभावित या निचले इलाकों में स्थित सभी सरकारी और निजी स्कूलों को मंगलवार तक बंद कर दिया गया है. किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए जिले में लगभग 50 राहत शिविर स्थापित किये गये हैं.

गांव में भरा बाढ़ का पानी. फोटो : प्रभात खबर

गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से बढ़कर 28.61 मीटर हुआ

गंगा का जलस्तर सोमवार को 28.61 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का स्तर 27.25 मीटर है. साहिबगंज के अतिरिक्त कलेक्टर गौतम भगत ने बताया कि गंगा नदी के किनारे स्थित घरों में पानी घुस गया है, जिससे जिले के 5 प्रखंडों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गयी है. 15 हजार से 20 हजार लोग प्रभावित हुए हैं.

बाढ़ से धिरा हाजीपुर दियरा गांव. फोटो : प्रभात खबर

Jharkhand Flood: प्रशासन ने बनाये 50 राहत शिविर

उन्होंने कहा कि साहिबगंज जिला प्रशासन प्रभावित लोगों को चावल, गुड़, माचिस, मोमबत्तियां और प्लास्टिक का तिरपाल उपलब्ध करा रहा है. भगत ने कहा, ‘हमने प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न ब्लॉकों में लगभग 50 राहत शिविर भी स्थापित किये हैं, लेकिन वे अपने घर छोड़ना नहीं चाहते. अगर स्थिति और बिगड़ती है, तो उन्हें राहत शिविरों में पहुंचा दिया जायेगा.’

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घरेलू सामान और मवेशियों के साथ राहत शिविर जाना आसान नहीं – बाढ़ पीड़ित

बाढ़ प्रभावित व्यक्ति मोहन पासवान ने कहा, ‘हर मानसून के मौसम में हम इस क्षेत्र में बाढ़ देखते हैं. हमें राहत शिविर में जाने के लिए कहा गया है, लेकिन घरेलू सामान और पालतू मवेशियों के साथ वहां जाना आसान नहीं है.’

गांव में घुसा बाढ़ का पानी. फोटो : प्रभात खबर

12 अगस्त को बंद रहेंगे सभी सरकारी और निजी स्कूल

साहिबगंज जिला प्रशासन ने एक नोटिसस जारी किया है, जिसमें कहा है कि जिले में गंगा नदी के किनारे बाढ़ प्रभावित सरकारी और निजी स्कूल छात्रों और शिक्षकों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 11 अगस्त और 12 अगस्त को बंद रहेंगे.

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झारखंड में 40 फीसदी अधिक बरसा है मानसून

साहिबगंज के उपायुक्त (डीसी) हेमंत सती ने भी लोगों से गंगा के किनारे जाने से बचने का आग्रह किया. साहिबगंज नगर परिषद के ‘सिटी मैनेजर’ बीरेश कुमार ने बताया कि नगर परिषद क्षेत्र के 28 में से 10 वार्ड बाढ़ से प्रभावित हैं. झारखंड में 17 जून को मानसून के आगमन के बाद से भारी बारिश हो रही है. राज्य में एक जून से 11 अगस्त के बीच 863 मिलीमीटर बारिश हुई, जो औसत बारिश 616.5 मिलीमीटर की तुलना में 40 प्रतिशत अधिक है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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