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बाढ़ प्रभावित इस क्षेत्र में सबसे गंभीर समस्या जर्जर और क्षतिग्रस्त बरसात के मौसम में नालियां ओवरफ्लो हो जाती हैं.

Updated at : 14 Feb 2026 9:03 PM (IST)
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sahibganj

साहिबगंज (फाइल फोटो)

पतली गलियां और मुख्य सड़क से जुड़ाव की समस्या

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साहिबगंज. नगर परिषद चुनाव के बीच शहर का वार्ड नंबर 19 इन दिनों बुनियादी समस्याओं को लेकर चर्चा में है. बाढ़ प्रभावित इस क्षेत्र में सबसे गंभीर समस्या जर्जर और क्षतिग्रस्त नालियों की है.बरसात के मौसम में नालियां ओवरफ्लो हो जाती हैं. कई जगह टूट चुकी हैं और जल निकासी का रास्ता पूरी तरह बाधित हो जाता है.परिणामस्वरूप पानी गलियों और घरों तक पहुंच जाता है. नालियों की बिगड़ी हालत बनी मुख्य चिंता वार्ड के अधिकांश हिस्सों में नालियां टूटी हुई हैं या पूरी तरह जाम पड़ी हैं.कई स्थानों पर नालियों की दीवारें ध्वस्त हो चुकी हैं, जिससे गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है.नियमित सफाई और मरम्मत के अभाव में बरसात के समय जलजमाव आम बात हो जाती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है. पतली गलियां और मुख्य सड़क से जुड़ाव की समस्या मोहल्ले के भीतर मुख्य सड़क से जुड़ने के लिए पतली-पतली गलियां ही सहारा हैं.इन गलियों का चौड़ीकरण और पक्कीकरण बेहद जरूरी बताया जा रहा है.वर्तमान में कई गलियां कच्ची हैं और बारिश के दौरान कीचड़ में तब्दील हो जाती हैं.आपात स्थिति में एंबुलेंस या चारपहिया वाहन का प्रवेश भी मुश्किल हो जाता है.लोगों ने इन गलियों को चौड़ा कर पक्का बनाने की मांग उठाई है. बाढ़ का स्थायी समाधान अब भी अधूरा हर वर्ष बाढ़ के दौरान पानी घरों में प्रवेश कर जाता है। फर्नीचर, अनाज और घरेलू सामान को नुकसान होता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर इसका सबसे अधिक असर पड़ता है.लोगों का कहना है कि मजबूत जलनिकासी तंत्र, ऊंची और पक्की सड़कें तथा नियमित नाली सफाई से इस समस्या का स्थायी समाधान संभव है. पेयजल और सफाई भी बड़ा मुद्दा नियमित कूड़ा उठाव नहीं होने से गंदगी फैलती है और नालियां जाम रहती हैं। पेयजल आपूर्ति भी अनियमित बताई जा रही है। साफ पानी की स्थायी व्यवस्था की मांग लगातार उठ रही है.चुनावी माहौल में मतदाता अब बुनियादी सुविधाओं के मुद्दे पर ही अपना निर्णय लेने की बात कह रहे हैं. विकास की अपील वार्ड नंबर 19 के नागरिकों ने नगर परिषद चुनाव में निर्वाचित होने वाले वार्ड पार्षद और नगर परिषद प्रशासन से अपील की है कि वे चुनावी वादों से आगे बढ़कर ठोस विकास कार्य सुनिश्चित करें.लोगों का कहना है कि अब उन्हें आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर बदलाव चाहिए. क्या कहते हैं स्थानीय लोग हर साल बाढ़ से घरों में पानी घुस जाता है. इसका स्थायी समाधान होना चाहिए. मालो अंसारी मोहल्ले की सड़कों और गलियों का पक्का निर्माण जरूरी है.बरसात में चलना मुश्किल हो जाता है. तौहीद अंसारी नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी फैलती है.नालियों की सफाई और कूड़ा उठाव की व्यवस्था दुरुस्त होनी चाहिए. राम जी तांती पेयजल की समस्या गंभीर है.साफ पानी की स्थायी व्यवस्था होनी चाहिए. भोला दास क्या कहते हैं एक्सिपर्ट फोटो नं 14 एसबीजी 3 है कैप्सन – शनिवार को विजय कर्ण विशेषज्ञों का मानना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मजबूत और वैज्ञानिक जलनिकासी तंत्र विकसित करना प्राथमिकता होनी चाहिए.क्षतिग्रस्त नालियों की मरम्मत, गलियों का चौड़ीकरण एवं पक्कीकरण और नियमित सफाई व्यवस्था लागू करने से स्थायी राहत मिल सकती है. दीर्घकालिक योजना के तहत कार्य किए जाने की जरूरत है. विजय कर्ण सचिव अधिवक्ता संघ

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ABDHESH SINGH

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