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Published at :15 Nov 2015 7:14 PM (IST)
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बोरना पहाड़ के इलाके में छिपे हैं नक्सली ! – गोड्डा में हुई घटना के बाद ताला दा के गिरोह की धमक की हो रही चर्चा- पुलिस प्रशासन भी हो गयी है सक्रिय————————-प्रतिनिधि, बरहरवावर्षों बाद साहिबगंज के इलाके में नक्सलियाें की आहट ने सबके कान खड़े कर दिये हैं. पिछले विधानसभा चुनाव में कोटालपोखर में […]

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बोरना पहाड़ के इलाके में छिपे हैं नक्सली ! – गोड्डा में हुई घटना के बाद ताला दा के गिरोह की धमक की हो रही चर्चा- पुलिस प्रशासन भी हो गयी है सक्रिय————————-प्रतिनिधि, बरहरवावर्षों बाद साहिबगंज के इलाके में नक्सलियाें की आहट ने सबके कान खड़े कर दिये हैं. पिछले विधानसभा चुनाव में कोटालपोखर में मतदान का विरोध करने संबंधी पोस्टरबाजी के बाद पुलिस प्रशासन सतर्क हो गयी है. दो दिन पहले साहिबगंज के लदौना पहाड़ में पुलिस प्रशासन द्वारा चलाये गये सर्च अभियान भी चलाया गया. लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा. सूत्रों के अनुसार इलाके का इनामी नक्सली ताला दा बोरना पहाड़ में अपनी रणनीति तैयार कर रहा है. यहीं से वह अपने साथियों को दिशा निर्देश दे रहा है. सूत्र यहां तक बताते हैं कि इलाके के कुछ क्रशर व खदान मालिकों से नक्सलियाें ने चंदे के नाम पर वसूली भी की है. हालांकि पुलिस इस मामले में कुछ भी कहने से परहेज कर रही है. कोई ग्रामीण भी मुंह खोलने को तैयार नहीं हो रहे. हाल के दिनों में पंचायत चुनाव होने वाले हैं ऐसे में पुलिस कोई भी रिस्क नहीं लेना चाह रही. लगातार सर्च अभियान भी चलाया जा रहा है.यहां चिपकाया था पोस्टरकोटालपोखर थाना क्षेत्र के शांतिमोड़ स्थित बीडीओ हॉल, रेलवे स्टेशन, हाटपाड़ा आदि क्षेत्रों में नक्सलियों ने पोस्टर चिपकाकर मतदान का विरोध किया था. कोटालपोखर बाजार में नक्सली पर्ची भी विभिन्न जगहों पर फेकी गयी थी. उस वक्त थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और क्षेत्र में गश्ती को तेज कर दिया. लेकिन पुलिस ने इस घटना को किसी शरारती तत्व द्वारा किये जाने की बात कही थी. नक्सलियों के गतिविधियों से साफ इनकार किया था.पूर्व में बरहेट से ही उपजे थे नक्सलीबरहेट थाना क्षेत्र के पहाड़ी इलाकों में नक्सली शांतिपाल ने अपना संगठन खड़ा करने के लिये आदिवासी, यादव, पहाड़िया युवकों के साथ बैठक कर रणनीति तैयार किया था. बरहेट ही वह जगह है जहां से शांतिपाल की उपज हुई थी. शांतिपाल क्षेत्र के कई बड़े हस्तियों को अपना निशाना बनाया था. बाद में ग्रामीणों की जागरूकता की वजह से शांतिपाल को यह महसूस होने लगा कि अब ग्रामीण उसके बहकावे में नहीं आयेंगे. तब से शांतिपाल बरहेट को छोड़ दिया.तालझारी के पहाड़ों पर देखी गयी है गतिविधितालझारी थाना क्षेत्र के बड़ा दुर्गापूर पंचायत के पोखरिया,चमदी पहाड़ व अन्य क्षेत्रों में 30 जून 2015 (हुल दिवस) से दो दिन पहले नक्सलियों का एक जत्था देखा गया था. नक्सली किसी बड़ी घटना को अंजाम देने वाले थे. तब तक इसकी भनक पुलिस को लगी. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए फौरन इन क्षेत्रों में सक्रिय हो गयी. पुलिस की सक्रियता को देख नक्सली फरार हो गये. उस वक्त भी पुलिस नक्सली गतिविधि से इनकार किया था.क्या कहते हैं एसपीफोटो -07-एसपी सुनील भास्करबोरना पहाड़ आदि क्षेत्रों में पुलिस जल्द अभियान चलायेगी. शांतिपूर्ण चुनाव कराये जाने को लेकर अतिरिक्त सुरक्षा बल की मांग की गयी है. चुनाव को लेकर पुलिस प्रशासन कोई रिस्क नहीं लेने वाली है. इलाके में नक्सलियों को पनपने नहीं दिया जायेगा.सुनील भास्करआरक्षी अधीक्षक, साहिबगंज

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