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Published at :07 Nov 2015 7:31 PM (IST)
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चिकित्सकों के सामुहिक हड़ताल से दिन भर परेशान रहे मरीज 07 नवंबरफोटो संख्या-14, 15, 16, 17 व 18 पाकुड़ से जा रहा हैकैप्सन-हड़ताल पर बैठे चिकित्सक, बंद पड़ा ओपीडी, प्रसव के पश्चात अस्पताल छोड़ते परिजन, इलाज के इंतजार में बैठी डायरिया से पीडि़त महिला व घायल महिला संवाददाता, पाकुड़सरकार द्वारा चिकित्सकों को मुखिया, प्रखंड प्रमुख […]

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चिकित्सकों के सामुहिक हड़ताल से दिन भर परेशान रहे मरीज 07 नवंबरफोटो संख्या-14, 15, 16, 17 व 18 पाकुड़ से जा रहा हैकैप्सन-हड़ताल पर बैठे चिकित्सक, बंद पड़ा ओपीडी, प्रसव के पश्चात अस्पताल छोड़ते परिजन, इलाज के इंतजार में बैठी डायरिया से पीडि़त महिला व घायल महिला संवाददाता, पाकुड़सरकार द्वारा चिकित्सकों को मुखिया, प्रखंड प्रमुख व जिला परिषद से छुट्टी लिये जाने की घोषण के विरोध में शनिवार को जिला मुख्यालय सहित प्रखंड स्तर पर अस्पतालों में ओपीडी बाधित रहा. सदर अस्पताल सोनाजोड़ी में चिकित्सकों ने शनिवार को अस्पताल के मुख्य गेट पर धरना देकर सरकार के उपरोक्त निर्णय का जम कर विरोध किया. धरना पर बैठे डॉ अमित कुमार, डॉ एके सिंह, डॉ एसएल मुर्मू, डॉ मनीष कुमार सिन्हा, डॉ अनिता, डॉ आरके चौधरी, डॉ एसके झा, डॉ नवीना बारला आदि ने बताया कि सरकार द्वारा केवल चिकित्सकों को मुखिया, पंचायत समिति सदस्य व जिला परिषद से छुट्टी लिये जाने को लेकर दवाब बनाया जा रहा है, जो गलत है. चिकित्सकों ने अन्य ग्रेजुएट पदाधिकारियों को भी उपरोक्त सिस्टम में लाने की मांग किया है. कहा है कि केवल चिकित्सक ही उपरोक्त सिस्टम का हिस्सा बने, यह कहां तक न्याय संगत है. चिकित्सकों ने सरकार के उपरोक्त निर्णय पर आक्रोश व्यक्त करते हुए जम कर विरोध किया है. ओपीडी प्रभावित रहने से मरीजों को हुई परेशानीअपने मांगों के समर्थन में शनिवार को सामुहिक हड़ताल पर गये चिकित्सकों के कारण आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. खास कर दूर-दराज से आये मरीजों को बिना इलाज कराये ही वापस लौटना पड़ा. वहीं इमरजेंसी सेवा चालू होने के बाद भी चिकित्सकों के अवकाश में होने के कारण इलाज के लिए मरीजों को घंटों अस्पताल परिसर में इंतजार करना पड़ा.कई मरीजों का काफी देर से हुआ इलाज शुरूअस्पताल परिसर में मौजूद हिरणपुर प्रखंड के खिजूरटांड़ निवासी तालामय मरांडी 45 वर्ष गंभीर जख्मी हालत में अस्पताल परिसर में इलाज के अभाव में घंटों बैठी रही. तालामय मरांडी के मुताबिक आज सुबह गांव में ही एक कुत्ता द्वारा उसे काट कर गंभीर रूप से लहुलुहान कर दिया गया था. वहीं सदर प्रखंड के रामपुर निवासी अजीरू बेवा डायरिया से पीड़ित होने के बाद भी अस्पताल परिसर में घंटों इलाज के लिए कराहती रही. अजीरू बेवा के मुताबिक उल्टी व दस्त से वह परेशान होने के बाद भी घंटों चिकित्सा के लिए अस्पताल में इधर-उधर भटकने को विवश रही. बाद में घंटों बाद इलाज के लिए उसे ले जाया गया. चिकित्सा के अभाव में समय के पूर्व ही जाना पड़ा अस्पताल सेलिट्टीपाड़ा प्रखंड अंतर्गत बड़ा घघरी पंचायत के कलदम पहाड़ निवासी मरांगमय मरांडी गर्भवती अवस्था में शुक्रवार को सदर अस्पताल पहुंची थी. जहां इलाज के दौरान उन्होंने एक पुत्री को जन्म दिया है. शनिवार को चिकित्सकों के सामुहिक हड़ताल पर चले जाने के कारण इलाज के अभाव में अस्पताल से छुट्टी पूर्व ही वह बेहतर इलाज के लिए अस्पताल छोड़ने को मजबूर हो गई. परिजन राम मुर्मू, तालामय मुर्मू, झानु हांसदा, महालाल मरांडी आदि के मुताबिक जच्चे-बच्चे की स्थिति अच्छी नहीं है.चिकित्सकों के सामुहिक हड़ताल पर चले जाने के कारण किसी तरह की देख-रेख नहीं हो पा रही है. जिस कारण अस्पताल छोड़ कर बेहतर इलाज के लिए बाहर जाने को मजबूर हैं.क्या कहते हैं सीएससिविल सर्जन डॉ प्रवीण कुमार राम ने बताया कि सरकार के निर्णय के खिलाफ चिकित्सकों द्वारा ओपीडी हड़ताल रखा गया है. चिकित्सकों के सामुहिक हड़ताल पर होने के बावजूद भी इमरजेंसी सेवाएं सभी जगह चालू रखी गई है. उन्होंने हड़ताल के दौरान इमरजेंसी मरीजों के इलाज में कोताही बरते जाने के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि प्रसव के बाद प्राय: मरीज अस्पताल से भागने का बहाना ढुंढते हैं. उन्होंने कहा कि इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह चालू है.

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