ओके... अब नीरस हो गया स्कूलों का आनंददायी कक्ष

Published at :19 Mar 2015 6:02 PM (IST)
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ओके... अब नीरस हो गया स्कूलों का आनंददायी कक्ष

साहिबगंज. सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छोटे-छोटे बच्चों को खेल-खेल में चित्र द्वारा बेहतर शिक्षा देने के उद्देश्य से सभी प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में एक कक्ष का निर्माण कराया गया था. परंतु समय बीतने के साथ स्कूलों का यह कक्ष छात्रों के लिए नीरस कक्ष बन गया है. झारखंड शिक्षा परियोजना के निर्देश पर […]

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साहिबगंज. सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छोटे-छोटे बच्चों को खेल-खेल में चित्र द्वारा बेहतर शिक्षा देने के उद्देश्य से सभी प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में एक कक्ष का निर्माण कराया गया था. परंतु समय बीतने के साथ स्कूलों का यह कक्ष छात्रों के लिए नीरस कक्ष बन गया है. झारखंड शिक्षा परियोजना के निर्देश पर पांच वर्ष पूर्व जिले के सभी प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में आनंददायी कक्ष का निर्माण कराया गया. इसमें कई फल-फूल महान पुरुषों के चित्र गणित से जुड़े चित्र आदि बनाये गये थे ताकि इसके माध्यम से बच्चों को आसानी से समझाया जा सके. परंतु जिले के अधिकतर स्कूलों में इस आनंददायी कक्ष की स्थिति बदतर हो गयी है. किसी विद्यालय में आनंददायी कक्ष से त्रिभुज का चित्र दो भुजा वाला हो गया है तो कही तारबूज गायब हो गया है. कुल मिला कर आनंददायी कक्ष के सहारे बच्चों को पढ़ाया जाए तो बच्चे गलत जानकारी के शिकार हो जायेंगे. इस संबंध में एक विद्यालय के शिक्षक ने बताया कि पांच वर्ष पूर्व स्कूलों में आनंददायी कक्ष का निर्माण कराया गया था. इसके बाद इसके रख-रखाव के लिए अलग से कोई राशि नहीं दी गयी. इस कारण कक्ष की स्थिति खराब हुई है.

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