गंगा तट पर बसे 78 गांवों का होगा समुचित विकास

Updated at : 15 Jul 2017 12:02 PM (IST)
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गंगा तट पर बसे 78 गांवों का होगा समुचित विकास

साहिबगंज : जिले में नमामि गंगे परियोजना के तहत गंगा किनारे बसे गांवों में विकास कार्य गति नहीं पकड़ पा रहा है. जिला प्रशासन की ओर से जिला स्तर पर गंगा नदी संरक्षण समिति का गठन कर गंगा संरक्षण कराने का प्रयास किया जा रहा है. यह बातें डीसी शैलेश चौरसिया ने शुक्रवार को कही. […]

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साहिबगंज : जिले में नमामि गंगे परियोजना के तहत गंगा किनारे बसे गांवों में विकास कार्य गति नहीं पकड़ पा रहा है. जिला प्रशासन की ओर से जिला स्तर पर गंगा नदी संरक्षण समिति का गठन कर गंगा संरक्षण कराने का प्रयास किया जा रहा है. यह बातें डीसी शैलेश चौरसिया ने शुक्रवार को कही. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से गंगा को स्वच्छ व निर्मल बनाने का कार्य किया रहा है. गंगा के किनारे छह प्रखंड के 33 पंचायतों के 78 गांव बसे हैं.
इस सभी गांवों को स्वच्छ व निर्मल बनाने के लिए गति प्रदान किया जायेगा. सभी वर्ग व संरक्षण समिति से समन्वय बनाकर कार्य को आगे बढ़ाया जायेगा. जिले के 83 किमी क्षेत्र से होकर गंगा नदी बहती है. जिले में गंगा नदी के जल की रासायनिक, भौतिक व जैविक तरीके से जांच कर गंगा संरक्षण के कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने का काम गंगा नदी संरक्षण समिति जिला स्तर पर करेगी. साहिबगंज नगर परिषद और राजमहल नगर पंचायत में समन्वय बनाकर गंगा नदी को निर्मल रखने के प्रति लोगों को जागरूक किया जायेगा. समय- समय पर जागरूकता कार्यक्रम भी चलाया जायेगा. गंगा नदी संरक्षण समिति में अध्यक्ष डीसी एवं संयोजक डीएफओ ‍‍बनाये गये हैं.
इसके अलावा साहिबगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी, राजमहल नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी, पथ निर्माण विभाग, गंगा पंप नहर, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता, राज्य प्रदूषण बोर्ड दुमका के अधिकारी एवं डीसी द्वारा नामित पर्यावरणविद डॉ रंजीत कुमार सिंह सहित स्थानीय उद्योग मंच आदि के अधिकारियों को सदस्य नामित किया गया है. गंगा तट के गांवों में नमामि गंगे योजना के तहत बन रहे शौचालय निर्माण का काम अब तक पूरा नहीं हो सका है. अक्सर शिकायत मिलती रहती है कि मुखिया व जल सहिया की मदद से लाभुकों की राशि निकाल कर घटिया निर्माण कराया जाता है. गांवों में स्वरोजगार दिलाने के लिये सही प्रयास नहीं हो रहे हैं.
गंगा तट के गांवों में औषधीय पौधे लगाने का काम अब तक जमीन पर नहीं उतरा है. कभी साहिबगंज वासियों के लिये गंगा नदी जीवनदायिनी से कम नहीं थी, लेकिन फरक्का में गंगा पर बांध बन जाने के बाद जलीय जीव जंतुओं का सफाया हो रहा है.
हर साल बाढ़ का सामना जिले वासियों को करना पड़ रहा है. गंगा का पानी भी दूषित हो रहा है. विधायकों का भी इस ओर सक्रिय ध्यान नहीं देखने को मिल रहा है. हर साल करोड़ों रुपये इस पर खर्च हो रहे हैं. वहीं दूसरी ओर गंगा महासभा के जिला प्रमुख व किसानों के प्रतिनिधि शिव प्रसाद ठाकुर बताते हैं कि जब तक गंगा अविरल नहीं बहेगी तब तक उसे स्वच्छ एवं निर्मल बनाना मुश्किल है.
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