साहिबगंज : भरतिया कॉलोनी स्थित प्रभात खबर कार्यालय में शनिवार को प्रभात चर्चा का आयोजन किया गया. इस दौरान शहर के प्रसिद्ध चित्रकार श्याम विश्वकर्मा ने युवाओं के मन में उठे सवालों का जवाब दिया.
कहा टेरोकाटा चित्रकारी के माध्यम से बेरोजगार युवा भविष्य संवार सकते हैं. हाल में पीएम के साहिबगंज आगमन पर श्याम विश्वकर्मा ने चित्रकारी के माध्यम से संताली संस्कृति व लोक कला की जीवंत चित्रण पेंटिंग के माध्यम से किया था. प्रस्तुत है युवाओं द्वारा पूछे गये सवालों के कुछ अंश :
प्रश्न : टेराकोटा पेंटिंग क्या है.
रवींद्र ठाकुर, नौपाड़ा, उधवा
उत्तर : मिट्टी से मूर्ति तैयार कर उसे भट्ठी में पका कर उभरी हुई पेंटिंग कला को ही टेराकोटा चित्रकारी कहा जाता है.
प्रश्न : आपके अनुसार झारखंड की लोक कला क्या है.
विक्की तिवारी, साहिबगंज
उत्तर : वैसे तो जाइपटिया एवं पैटकार कला एवं सोहराय पेंटिंग झारखंड की लोक कला है. लेकिन जादूपटिया एवं पैटकार कला बिल्कुल लुप्त हो गया है. सोहराय कलाकृति लोक कला के लिये प्रसिद्ध है. यह कलाकृति हजारीबाग जिले में प्रचलित है.
प्रश्न : टेराकोटा से कैसे करे कमाई.
शंभू जजोदिया, साहिबगंज
उत्तर: टेराकोटा के पार्टरी वॉल है. गीड़ा म्यूरल तैयार कर सीधे तौर पर झारक्राफ्ट जैसे सरकारी एजेंसी से संपर्क कर इसका पूरे भारत वर्ष में रोजगार किया जा सकता है.
प्रश्न : चित्रकारी सीखने के लिए क्या करना होगा.
संजय यादव, मिर्जाचौकी
उत्तर : इस व्यवसाय में बचपन से रुचि बढ़ानी होती है. छोटे-छोटे ड्राइंग बनाकर हुनर सीखा जा सकता है. वैसे कला एवं शिला संस्था से डिप्लोमा एवं चार वर्ष कोटा का चित्रकारी में अपना पहल कर सकते हैं.
प्रश्न: चित्रकारी के क्षेत्र में कितना पैसा इंतजाम करना होगा.
दीपक कुमार, बरहरवा
उत्तर : कैनवास कलर व फ्रेम में 20 से 25 हजार रुपये की लागत आती है.
प्रश्न: दुकान या गैलरी तैयार करने के लिए कितनी जमीन चाहिए.
मुकेश अग्रवाल, बरहरवा
उत्तर : गैलरी के लिये 20 x15 वर्ग फीट की जगह में कार्य किया जा सकता है. इसमें वॉल पर एवं जमीन पर डिस्प्ले किया जा सकता है.
प्रश्न : चित्रकारी एवं टेराकोटा में प्रदर्शनी के लिये कौन-कौन सी जगह उपयुक्त है.
सुनिता कुमारी, राजमहल
उत्तर: ललित कला अकादमी, नई दिल्ली और गैलरी जहांगीर और गैलरी मुंबई, श्रीधरानी आर्ट गैलरी दिल्ली स्टेट और गैलरी रांची, झारखंड से संपर्क कर प्रदर्शनी बनायी जा सकती है.
प्रश्न : टेराकोटा को दीवारों में कैसे तैयार किया जा सकता है.
अमित पंडित, साहिबगंज
उत्तर : टेराकोटा का प्लेट को सैंपल आकृति गढ़ का उसे मैनुअल मई या इलेक्ट्रॉनिक में पका कर सीमेंट का घोल बना कर दीवार में पेस्ट किया जा सकता है. प्लाय पर भी फेवीकॉल व एकेलिस की मदद से टेराकोटा को पेस्ट कर दीवार पर टेराकोटा लगाया जा सकता है.
प्रश्न : टेराकोटा पेंटिंग के व्यवस्था के रूप देने के लिये क्या रूपरेखा तैयार करना होगा.
रेणुका मुर्मू, बरहेट
उत्तर : वैसे अगर आपकी इसमें रुचि है, तो घर में समान तैयार कर हस्तकला वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार, जिसमें संताल परगना में जसीडीह, देवघर, अवस्थित है. इसके लिये सरकार काफी जागरूक है.