बंदे उत्कल जननी चारु हासमयी चारु भासमयी जननी, जननी, जननी… की रही गूंज
रांची. ओडिया समाज के सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन सागरिका ने बुधवार को उत्कल दिवस मनाया. इस समारोह का आयोजन मेकन सामुदायिक भवन में हुआ. कार्यक्रम की शुरुआत झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एके चौधरी, सेवानिवृत आइएएस पीसी मिश्रा, पूर्व कार्यकारी निदेशक एमटीआइ एमआर पांडा, संस्था के अध्यक्ष डॉ जेके रथ, सेल महाप्रबंधक संजय परीदा और सागरिका के सबसे बुजुर्ग सदस्य सिद्धेश्वर दास महापात्रा ने की. इस अवसर पर सभी ने राज्य स्थापना दिवस पर बधाई दी और संगठन की मजबूती पर जोर दिया. इस अवसर पर समाज के कई लोग उपस्थित थे.महिलाओं ने गाये प्रार्थना गीत
इस अवसर पर महिलाओं ने प्रार्थना गीत गाये. डॉ रश्मिमाला साहू, मधु, जबाश्री, सुलग्ना, स्वागतिका, पुष्पा, सागरिका, बिनय, अशोक ने बंदे उत्कल जननी चारु हासमयी चारु भासमयी जननी जननी जननी … का गायन किया. देवस्रुता ओडिशी अकादमी की सबीता मिश्रा के मार्गदर्शन में मंगलाचरण और अन्य ओडिशी समूह नृत्य प्रस्तुत किया गया. लोक नृत्य पेश भी किये गये. कार्यक्रम का संचालन सागरिका के महासचिव बिनय पटनायक ने किया. ड्राॅइंग और संगीत प्रतियोगिता के विजयी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

