रांची. पथ निर्माण, भवन निर्माण व ग्रामीण कार्य विभाग में अभियंता प्रमुख व मुख्य अभियंता के पद महीनों से खाली पड़े हैं. इन पदों के लिए इंजीनियर नहीं मिल रहे हैं. किसी की पोस्टिंग नहीं की जा सकी है. वहीं, किसी इंजीनियर को प्रभार तक नहीं दिया जा सका है. इससे विभागों के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं. उच्च टेक्निकल पदों के खाली रहने का असर विभाग व उनकी योजनाओं पर भी पड़ रहा है. योजनाओं की मॉनिटरिंग ठीक से नहीं हो पा रही है. न ही महत्वपूर्ण टेक्निकल निर्णय ही हो पा रहे हैं. यहां तक कि टेंडर निबटारा भी प्रभावित हो रहा है. अभियंता प्रमुख मुरारी भगत मंत्रिमंडल निगरानी विभाग में मुख्य अभियंता थे. वह 31 दिसंबर को रिटायर हो गये. उनके रिटायर हुए चार माह हो गये हैं, लेकिन इस पद पर किसी की पोस्टिंग नहीं की जा सकी है. सबसे महत्वपूर्ण पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख का पद है. इस पद पर पहले प्रभारी व्यवस्था के तहत संजय कुजूर थे, लेकिन उनका तबादला भवन विभाग के प्रभारी अभियंता प्रमुख के पद पर कर दिया गया है. ऐसे में अब पथ निर्माण विभाग खाली हो गया है. वहीं, पथ निर्माण विभाग में सीडीओ के मुख्य अभियंता सत्येंद्र प्रसाद सिंह व भवन निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता देवाशीष लाहिरी 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हो गये. इसके बाद से ये दोनों पद रक्त है. 28 फरवरी को ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंता प्रमुख जेपी सिंह रिटायर हुए हैं. वह जेएसआरआरडीए के मुख्य अभियंता भी थे. उनकी सेवानिवृत्ति के बाद से दोनों पदों पर किसी की पोस्टिंग नहीं की जा सकी है.
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