Live Updates

Ansh Anshika Case: अंश और अंशिका के परिवार को मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ, सीएम हेमंत सोरेन ने दिया आदेश

Published by :Govind Jee
Published at :14 Jan 2026 5:09 PM (IST)
विज्ञापन
Ansh Anshika Case: अंश और अंशिका के परिवार को मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ, सीएम हेमंत सोरेन ने दिया आदेश

पुलिस टीम के साथ अंश और अंशिका, फोटो एक्स

Ansh Anshika Case Live Updates: रांची के धुर्वा से लापता पांच वर्षीय अंश और चार वर्षीय अंशिका 13 दिन बाद रजरप्पा पुलिस ने चितरपुर के पहाड़ी इलाके से सकुशल बरामद किए. देशभर में चली तलाश, एसआईटी, सामाजिक संगठनों, स्थानीय युवाओं और मीडिया की सक्रिय भूमिका से बच्चों की सुरक्षित वापसी संभव हो सकी.

विज्ञापन
Auto-updating every 30s

अंश और अंशिका की सकुशल वापसी से मरांडी खुश, पर सरकार की मंशा पर उठाया सवाल

अंश और अंशिका की सकुशल वापसी बीजेपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी खुशी जताई, लेकिन सरकार की मंशा पर सवाल भी उठा दिया. मरांडी ने सोशल मीडिया पोस्ट किया और दोनों बच्चों की वापसी में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने भूमिका निभाई उन्हें भी सम्मान मिलना चाहिए. मरांडी ने लिखा, बच्चे बरामद हुए, इसमें दो राय नहीं कि पुलिस ने काफी मेहनत की, दिन-रात एक कर दिया. इसी का परिणाम है कि यह बात गांव-गांव तक फैल गई और लोग इन बच्चों को ढूंढने में लग गये. अंततः बजरंग दल के युवाओं ने ही इन बच्चों को सकुशल ढूंढ निकाला. रामगढ़ के चितरपुर से बजरंग दल के कार्यकर्ता सचिन प्रजापति, डबलु साहु, सन्नी और उनके साथियों ने जिस दिलेरी से बच्चों को बरामद किया, वह काबिल-ए-तारीफ है. तस्वीरें आपके सामने हैं, मैंने पहले भी पोस्ट किया था. इन तस्वीरों को देखकर कोई भी हकीकत और बयानबाजी के बीच के फासले को आसानी से समझ सकता है कि सच क्या है और कुछ पुलिस वाले इसे किस तरीके से परोस कर पूरी वाहवाही हड़पने का घटिया प्रयास कर रहे हैं. लेकिन पुलिस की आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस देखकर चंद सवाल उभरते हैं. पुलिस ने अपनी पीठ तो थपथपा ली, लेकिन बरामद करने वाले बजरंग दल के इन युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए चंद शब्द तक नहीं कहे. अब श्रेय लेने की होड़ मचेगी और मनचाहे लोगों को चुन-चुन कर पुरस्कार बांटे जाएंगे. हम चाहेंगे कि पुलिस अपनी गलती सुधारे और इन युवाओं को बुलाकर सम्मानित करे, ताकि आगे भी लोग मदद के लिए आगे आएं. दूसरों की पहचान और मेहनत को खा जाना एक ‘दलाल संस्कृति’ है और इससे बचा जाना चाहिए. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी ने भी जो प्रशासन की प्रशंसा के पुल बांधे हैं, ऐसा लगता है कि उन्हें भी अधिकारियों ने सही जानकारी नहीं दी है. उन्हें भी धरातल की सच्चाई पता कर अपने सोशल मीडिया पोस्ट में संशोधन करना चाहिए और असली नायकों को सम्मान देना चाहिए. अगर ऐसा नहीं होता है, तो मान लिया जाएगा कि यह व्यवस्था संवेदनहीन थी, है और रहेगी. पुलिस के उच्च अधिकारियों द्वारा इन बातों का ख्याल न रखा जाना निंदनीय और शर्मनाक है.

अंश और अंशिका के परिवार को मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ, सीएम हेमंत सोरेन ने दिया आदेश

अंश और अंशिका की सकुशल वापसी पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुशी जाहिर की है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट डालकर झारखंड पुलिस को बधाई दी है. इसके अलावा उन्होंने रांची डीसी को आदेश दिया है कि बच्चों के परिवार वालों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाए. सीएम ने एक्स पर लिखा- एक मां और परिवार ही इस पल की असीमित खुशी महसूस कर सकता है. झारखंड पुलिस की टीम को इस शानदार सफलता के लिए पुनः हार्दिक बधाई. डीसी रांची कृपया अंश और अंशिका के परिवार को सभी जरूरी सरकारी योजनाओं से जोड़ते हुए भी सूचित करें.

अंश और अंशिका के परिवार को मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ, सीएम हेमंत सोरेन ने दिया आदेश

अंश और अंशिका की सकुशल वापसी से झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुशी जाहिर की है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट डालकर झारखंड पुलिस को बधाई दी है. इसके अलावा उन्होंने रांची डीसी को आदेश दिया है कि बच्चों के परिवार वालों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाए. सीएम ने एक्स पर लिखा- एक मां और परिवार ही इस पल की असीमित खुशी महसूस कर सकता है. झारखंड पुलिस की टीम को इस शानदार सफलता के लिए पुनः हार्दिक बधाई. डीसी रांची कृपया अंश और अंशिका के परिवार को सभी जरूरी सरकारी योजनाओं से जोड़ते हुए भी सूचित करें.

अंश और अंशिका के परिवार को मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ, सीएम हेमंत सोरेन ने दिया आदेश

अंश और अंशिका की सकुशल वापसी से झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुशी जाहिर की है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट डालकर झारखंड पुलिस को बधाई दी है. इसके अलावा उन्होंने रांची डीसी को आदेश दिया है कि बच्चों के परिवार वालों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाए. सीएम ने एक्स पर लिखा- एक मां और परिवार ही इस पल की असीमित खुशी महसूस कर सकता है. झारखंड पुलिस की टीम को इस शानदार सफलता के लिए पुनः हार्दिक बधाई. डीसी रांची कृपया अंश और अंशिका के परिवार को सभी जरूरी सरकारी योजनाओं से जोड़ते हुए भी सूचित करें.

https://x.com/HemantSorenJMM/status/2011350123448836315

अंश और अंशिका के परिवार को मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ, सीएम हेमंत सोरेन ने दिया आदेश

अंश और अंशिका की सकुशल वापसी पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुशी जाहिर की है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट डालकर झारखंड पुलिस को बधाई दी है. इसके अलावा उन्होंने रांची डीसी को आदेश दिया है कि बच्चों के परिवार वालों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाए. सीएम ने एक्स पर लिखा- एक मां और परिवार ही इस पल की असीमित खुशी महसूस कर सकता है. झारखंड पुलिस की टीम को इस शानदार सफलता के लिए पुनः हार्दिक बधाई. डीसी रांची कृपया अंश और अंशिका के परिवार को सभी जरूरी सरकारी योजनाओं से जोड़ते हुए भी सूचित करें.

मामले पर डीजीपी ने आगे की डिटेल साझा करने से किया इनकार

डीजीपी ने कहा कि टीम में शामिल सभी पुलिस वालों को पुरस्कार की अनुशंसा की जाएगी. उन्होंने केस के मुद्दे पर आगे कोई जवाब नहीं दिया. उन्होंने कहा कि केस की जांच की जा रही है. इसकी डिटेल समय पर सामने आएगी. उन्होंने कहा कि दोनों आरोपी झारखंड के बाहर के हैं. डीजीपी ने कहा कि मानव तस्करी सबसे बड़ा अपराध है. हम इसकी तह तक जाएंगे.

डीजीपी तडाशा मिश्रा ने मीडिया को किया धन्यवाद

मीडिया की भूमिका को सराहते हुए धन्यवाद किया. मीडिया के द्वारा मुद्दे को लगातार उठाए जाने की वजह से पुलिस के ऊपर भी दबाव पड़ा. उन्होंने कहा कि आपकी लगातार रिपोर्टिंग की वजह से ये (दोनों आरोपी) बच्चों को ज्यादा दूर नहीं ले जा सके. उन्हें मजबूरी में बाहर आना पड़ा.

डीजीपी तडाशा मिश्रा ने पुलिस टीम की सराहना की

झारखंड की राज्य पुलिस की डीजीपी तडाशा मिश्रा ने पुलिस टीम को धन्यवाद किया. उन्होंने एडीजी मनोज कौशिक के नेतृत्व में रांची एसपी, सिटी एसपी, ट्रैफिक एसपी और रूरल एसपी के सहयोग से यह सफलता हासिल की है. सभी ने शानदार मेहनत की. रात-रात भर छापेमारी की. पूरे देश में, जहां भी अंश अंशिका के होने की आशंका थी, सभी जगह यह टीम पहुंची. बच्चों का पोस्टर हर जगह लगाए गए. रिवार्ड भी 4 लाख किया गया था.

मां और पिता से मिले अंश-अंशिका

सारी चिंता, सारा गुस्सा समाप्त हो गया. अब केवल खुशी है… पिता की आंखों में, मां की ममता में और मासूमों की मासूमियत में.

घर के बाहर डीजे पर झूम रहे लोग

घर में संक्रांति पर मन रही होली

एसएसपी ऑफिस में बच्चों ने खाई मैगी

Ansh Anshika Case Live: रोशन आरा के घर में रखे गए थे बच्चे

Ansh Anshika Case Live: रोशन आरा के घर में रखे गए थे बच्चे

Ansh Anshika Case Live: अंश-अंशिका के लिए देश के 17,130 थाने अलर्ट हुए थे

झारखंड पुलिस की सीआइडी ने दूसरे राज्यों की पुलिस को बच्चों की फोटो और डिटेल भेज उनकी तलाश में हयू एंड क्राइ नोटिस जारी कर मदद का आग्रह किया. देश के 17130 थानों को अलर्ट किया गया.

रांची के अलावा विभिन्न शहरों में बच्वों की तसवीर चस्पा किया गया. रांची पुलिस ने 12 जनवरी को ही देश के 20 राज्यों के 437 जिलों में कार्यरत बचपन बचाओ आंदोलन के कॉर्डिनेटरों के अलावा अन्य एनजीओं के प्रतिनिधियों से बात कर अंश-अंशिका की सकुशल बरामदगी में मदद की अपील की थी.

Ansh Anshika Case Live: प्रभात खबर की एसआइटी ने क्या-क्या किया

-आठ जनवरी : प्रभात खबर ने अंश-अंशिका की सकुशल बरामदगी तक अभियान चलाने को लेकर एसआइटी गठित किया.

– नौ जनवरी : बच्चों की मां नीतू कुमारी और बाप सुनील कुमार का दर्द बयां

किया. एसआइटी की कार्रवाई पर रखी पैनी नजर.

-10 जनवरी : अंश और अंशिका को शहीद मैदान में दो जनवरी की दोपहर तीन से साढ़े तीन बजे तक देखने वाले शालीमार बाजार के सब्जी विक्रेता सूरज कुमार तक पहुंची पुलिस और प्रभात खबर की एसआइटी.

-11 जनवरी : प्रभात खबर की टीम रांची-हजारीबाग स्थित टोल प्लाजा पहुंच कर सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की. मौसीबाड़ी के पूरे इलाके का खंगाला.

-12 जनवरी : मासूम अंश-अंशिका की तलाश के लिए देश के 17 हजार थाने अलर्ट पर आए. साथ ही प्रभात खबर की टीम ओरमांझी में गुलगुलिया टीम के पास पहुंचकर पड़ताल . वहीं बुंडू और हेसल टोल प्लाजा और रामपुर रिंग रोड और खादगढ़ा बस स्टैंड पर सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की. लोगों ने किया धुर्वा क्षेत्र बंद किया.

-13 जनवरी : अंश-अंशिका को भुरकुंडा में देखने का दावा करने वाले दो लोगों तक पहुंची प्रभात खबर की टीम. पुलिस को भी दी जानकारी. रांची रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी फुटेज और रामगढ़ में गुलगुलिया के पास पहुंची प्रभात खबर टीम.

-14 जनवरी : रामगढ़ के छोटालारी में गुलगुलिया तक पहुंची प्रभात खबर की टीम और दिन का सूरज ने बस अपनी हल्की सी झलक दिखलाई थी कि यह जानकारी सामने आई कि अंश और अंशिका रामगढ़ के चितरपुर के पहाड़ी इलाके से मिल गए.

Ansh Anshika Case Live: प्रभात खबर की एसआइटी ने क्या-क्या किया

-आठ जनवरी : प्रभात खबर ने अंश-अंशिका की सकुशल बरामदगी तक अभियान चलाने को लेकर एसआइटी गठित किया.

– नौ जनवरी : बच्चों की मां नीतू कुमारी और बाप सुनील कुमार का दर्द बयां

किया. एसआइटी की कार्रवाई पर रखी पैनी नजर.

-10 जनवरी : अंश और अंशिका को शहीद मैदान में दो जनवरी की दोपहर तीन से साढ़े तीन बजे तक देखने वाले शालीमार बाजार के सब्जी विक्रेता सूरज कुमार तक पहुंची पुलिस और प्रभात खबर की एसआइटी.

-11 जनवरी : प्रभात खबर की टीम रांची-हजारीबाग स्थित टोल प्लाजा पहुंच कर सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की. मौसीबाड़ी के पूरे इलाके का खंगाला.

-12 जनवरी : मासूम अंश-अंशिका की तलाश के लिए देश के 17 हजार थाने अलर्ट पर आए. साथ ही प्रभात खबर की टीम ओरमांझी में गुलगुलिया टीम के पास पहुंचकर पड़ताल . वहीं बुंडू और हेसल टोल प्लाजा और रामपुर रिंग रोड और खादगढ़ा बस स्टैंड पर सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की. लोगों ने किया धुर्वा क्षेत्र बंद किया.

-13 जनवरी : अंश-अंशिका को भुरकुंडा में देखने का दावा करने वाले दो लोगों तक पहुंची प्रभात खबर की टीम. पुलिस को भी दी जानकारी. रांची रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी फुटेज और रामगढ़ में गुलगुलिया के पास पहुंची प्रभात खबर टीम.

-14 जनवरी : रामगढ़ के छोटालारी में गुलगुलिया तक पहुंची प्रभात खबर की टीम और दिन का सूरज ने बस अपनी हल्की सी झलक दिखलाई थी कि यह जानकारी सामने आई कि अंश और अंशिका रामगढ़ के चितरपुर के पहाड़ी इलाके से मिल गए.

Ansh Anshika Case Live: सड़क और गली-गली घूमी पुलिस, ईनाम की राशि बढ़ाई

पुलिस ने रांची की सड़कों में घूमकर तीन हजार लोगों को अंश-अंशिका की तस्वीर दिखा जानकारी ली. राजधानी रांची के रेलवे स्टेशनों, टोल प्लाजा आदि पर करीब दो हजार सीसीटीवी की जांच की. घटना के दिन मौजूद वाहनों (कार, दो पहिया, ऑटो और मालवाहक) का पूरा डिटेल पुलिस ने निकाला.

डॉग स्क्वॉयड की अगल-अलग दो टीमें लगायी गयी. गोताखोरों ने तालाब और कुएं खंगाले. बंजारा समूह गुलगुलिया के ठिकाने पर दबिश दी गयी. बस में पोस्टर चस्पां किये गये. पुलिस ने ऑटो-टोटो वालों को भी बुलाकर बच्चों की बरामदगी के लिए अपील की.

मौसीबाडी, जहां से बच्चे गायब हुए थे, के पास शालीमार बाजार में सब्जी विक्रेताओं के अलावा राह चलते सैंकड़ों लोगों को दोनों बच्चों की तस्वीरें दिखायी गयीं. बच्चों की सूचना देनेवाले के लिए पुलिस ने पहले 51 हजार रुपये के नकद इनाम की घोषणा की थी. इसे बाद में बढ़ाकर चार लाख रुपये कर दिया गया.

Ansh Anshika Case Live: हाई क्वालिटी टेक्निक का भी पूरा उपयोग

अंश और अंशिका को खोजने में पर्दे के पीछे तकनीकी टीम ने भी दिन रात एक कर दिया. पुलिस की जांच टीम में शामिल 50 लोगों ने कॉल डंप, मोबाइल नंबर के सीडीआर निकाले. सीसीटीवी खंगाले गये और ड्रोन की भी मदद ली गयी.

Video: रांची से लापता अंश-अंशिका रामगढ़ के चितरपुर से सकुशल बरामद, दो लोगों की हुई गिरफ्तारी

Ansh Anshika Case Live: सड़क और गली-गली घूमी पुलिस, ईनाम की राशि बढ़ाई

पुलिस ने रांची की सड़कों में घूमकर तीन हजार लोगों को अंश-अंशिका की तस्वीर दिखा जानकारी ली. राजधानी रांची के रेलवे स्टेशनों, टोल प्लाजा आदि पर करीब दो हजार सीसीटीवी की जांच की. घटना के दिन मौजूद वाहनों (कार, दो पहिया, ऑटो और मालवाहक) का पूरा डिटेल पुलिस ने निकाला.

डॉग स्क्वॉयड की अगल-अलग दो टीमें लगायी गयी. गोताखोरों ने तालाब और कुएं खंगाले. बंजारा समूह गुलगुलिया के ठिकाने पर दबिश दी गयी. बस में पोस्टर चस्पां किये गये. पुलिस ने ऑटो-टोटो वालों को भी बुलाकर बच्चों की बरामदगी के लिए अपील की.

मौसीबाडी, जहां से बच्चे गायब हुए थे, के पास शालीमार बाजार में सब्जी विक्रेताओं के अलावा राह चलते सैंकड़ों लोगों को दोनों बच्चों की तस्वीरें दिखायी गयीं. बच्चों की सूचना देनेवाले के लिए पुलिस ने पहले 51 हजार रुपये के नकद इनाम की घोषणा की थी. इसे बाद में बढ़ाकर चार लाख रुपये कर दिया गया.

Ansh Anshika Case Live: अंश-अंशिका के लिए देश के 17,130 थाने अलर्ट हुए थे

झारखंड पुलिस की सीआइडी ने दूसरे राज्यों की पुलिस को बच्चों की फोटो

और डिटेल भेज उनकी तलाश में हयू एंड क्राइ नोटिस जारी कर मदद का आग्रह किया. देश के 17130 थानों को अलर्ट किया गया.

रांची के अलावा विभिन्न शहरों में बच्वों की तसवीर चस्पा किया गया. रांची पुलिस ने 12 जनवरी को ही देश के 20 राज्यों के 437 जिलों में कार्यरत बचपन बचाओ आंदोलन के कॉर्डिनेटरों के अलावा अन्य एनजीओं के प्रतिनिधियों से बात कर अंश-अंशिका की सकुशल बरामदगी में मदद की अपील की थी.

Ansh Anshika Case Live: अंश-अंशिका के लिए देश के 17,130 थाने अलर्ट हुए थे

झारखंड पुलिस की सीआइडी ने दूसरे राज्यों की पुलिस को बच्चों की फोटो और डिटेल भेज उनकी तलाश में हयू एंड क्राइ नोटिस जारी कर मदद का आग्रह किया. देश के 17130 थानों को अलर्ट किया गया.

रांची के अलावा विभिन्न शहरों में बच्वों की तसवीर चस्पा किया गया. रांची पुलिस ने 12 जनवरी को ही देश के 20 राज्यों के 437 जिलों में कार्यरत बचपन बचाओ आंदोलन के कॉर्डिनेटरों के अलावा अन्य एनजीओं के प्रतिनिधियों से बात कर अंश-अंशिका की सकुशल बरामदगी में मदद की अपील की थी.

Ansh Anshika Case Live: झारखंड पुलिस ने एक कर दिया भारत का आधा इलाका

झारखंड के सभी जिलों के अलावा बिहार, उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, दिल्ली, राजस्थान और महाराष्ट्र तक रांची पुलिस की एसआइटी ने अलग-अलग टुकड़ियों में बंटकर की गहन पड़ताल. इसके अलावा सीआइडी और विभिन्न जिलों की टीम रात-दिन लगी रही.

Ansh Anshika Case Live: सड़क और गली-गली घूमी पुलिस, ईनाम की राशि बढ़ाई

पुलिस ने रांची की सड़कों में घूमकर तीन हजार लोगों को अंश-अंशिका की तस्वीर दिखा जानकारी ली. राजधानी रांची के रेलवे स्टेशनों, टोल प्लाजा आदि पर करीब दो हजार सीसीटीवी की जांच की. घटना के दिन मौजूद वाहनों (कार, दो पहिया, ऑटो और मालवाहक) का पूरा डिटेल पुलिस ने निकाला.

डॉग स्क्वॉयड की अगल-अलग दो टीमें लगायी गयी. गोताखोरों ने तालाब और कुएं खंगाले. बंजारा समूह गुलगुलिया के ठिकाने पर दबिश दी गयी. बस में पोस्टर चस्पां किये गये. पुलिस ने ऑटो-टोटो वालों को भी बुलाकर बच्चों की बरामदगी के लिए अपील की.

मौसीबाडी, जहां से बच्चे गायब हुए थे, के पास शालीमार बाजार में सब्जी विक्रेताओं के अलावा राह चलते सैंकड़ों लोगों को दोनों बच्चों की तस्वीरें दिखायी गयीं. बच्चों की सूचना देनेवाले के लिए पुलिस ने पहले 51 हजार रुपये के नकद इनाम की घोषणा की थी. इसे बाद में बढ़ाकर चार लाख रुपये कर दिया गया.

Ansh Anshika Case Live: हाई क्वालिटी टेक्निक का भी पूरा उपयोग

अंश और अंशिका को खोजने में पर्दे के पीछे तकनीकी टीम ने भी दिन रात एक कर दिया. पुलिस की जांच टीम में शामिल 50 लोगों ने कॉल डंप, मोबाइल नंबर के सीडीआर निकाले. सीसीटीवी खंगाले गये और ड्रोन की भी मदद ली गयी.

Ansh Anshika Case Live: झारखंड पुलिस ने एक कर दिया भारत का आधा इलाका

झारखंड के सभी जिलों के अलावा बिहार, उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, दिल्ली, राजस्थान और महाराष्ट्र तक रांची पुलिस की एसआइटी ने अलग-अलग टुकड़ियों में बंटकर की गहन पड़ताल. इसके अलावा सीआइडी और विभिन्न जिलों की टीम रात-दिन लगी रही.

Ansh Anshika Case Live: अंश-अंशिका को ढूंढ़ने के लिए पुलिस ने क्या-क्या किया?

चार जनवरी को रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने रांची के ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर और सिटी एसपी पारस राणा के नेतृत्व में बनाई एसआइटी. इसमें चार डीएसपी और छह थाना प्रभारियों को किया गया शामिल.

Ansh Anshika Case Live: कैसे लापता हुए थे दोनों बच्चे

अंश और अंशिका धुर्वा थाना क्षेत्र के मल्लार टोली मौसीबाड़ी के रहने वाले हैं. दोनों घर के पास की दुकान से दोनों सगे भाई-बहन अचानक गायब हो गए थे. यहीं से पूरे राज्य और देश भर में दोनों की तलाश की कहानी शुरू हुई.

सड़क और गली-गली घूमी पुलिस, ईनाम की राशि बढ़ाई

पुलिस ने रांची की सड़कों में घूमकर तीन हजार लोगों को अंश-अंशिका की तस्वीर दिखा जानकारी ली. राजधानी रांची के रेलवे स्टेशनों, टोल प्लाजा आदि पर करीब दो हजार सीसीटीवी की जांच की. घटना के दिन मौजूद वाहनों (कार, दो पहिया, ऑटो और मालवाहक) का पूरा डिटेल पुलिस ने निकाला.

डॉग स्क्वॉयड की अगल-अलग दो टीमें लगायी गयी. गोताखोरों ने तालाब और कुएं खंगाले. बंजारा समूह गुलगुलिया के ठिकाने पर दबिश दी गयी. बस में पोस्टर चस्पां किये गये. पुलिस ने ऑटो-टोटो वालों को भी बुलाकर बच्चों की बरामदगी के लिए अपील की.

मौसीबाडी, जहां से बच्चे गायब हुए थे, के पास शालीमार बाजार में सब्जी विक्रेताओं के अलावा राह चलते सैंकड़ों लोगों को दोनों बच्चों की तस्वीरें दिखायी गयीं. बच्चों की सूचना देनेवाले के लिए पुलिस ने पहले 51 हजार रुपये के नकद इनाम की घोषणा की थी. इसे बाद में बढ़ाकर चार लाख रुपये कर दिया गया.

Ansh Anshika Case Live: सड़क और गली-गली घूमी पुलिस, ईनाम की राशि बढ़ाई

पुलिस ने रांची की सड़कों में घूमकर तीन हजार लोगों को अंश-अंशिका की तस्वीर दिखा जानकारी ली. राजधानी रांची के रेलवे स्टेशनों, टोल प्लाजा आदि पर करीब दो हजार सीसीटीवी की जांच की. घटना के दिन मौजूद वाहनों (कार, दो पहिया, ऑटो और मालवाहक) का पूरा डिटेल पुलिस ने निकाला.

डॉग स्क्वॉयड की अगल-अलग दो टीमें लगायी गयी. गोताखोरों ने तालाब और कुएं खंगाले. बंजारा समूह गुलगुलिया के ठिकाने पर दबिश दी गयी. बस में पोस्टर चस्पां किये गये. पुलिस ने ऑटो-टोटो वालों को भी बुलाकर बच्चों की बरामदगी के लिए अपील की.

मौसीबाडी, जहां से बच्चे गायब हुए थे, के पास शालीमार बाजार में सब्जी विक्रेताओं के अलावा राह चलते सैंकड़ों लोगों को दोनों बच्चों की तस्वीरें दिखायी गयीं. बच्चों की सूचना देनेवाले के लिए पुलिस ने पहले 51 हजार रुपये के नकद इनाम की घोषणा की थी. इसे बाद में बढ़ाकर चार लाख रुपये कर दिया गया.

Ansh Anshika Case Live: हाई क्वालिटी टेक्निक का भी पूरा उपयोग

अंश और अंशिका को खोजने में पर्दे के पीछे तकनीकी टीम ने भी दिन रात एक कर दिया. पुलिस की जांच टीम में शामिल 50 लोगों ने कॉल डंप, मोबाइल नंबर के सीडीआर निकाले. सीसीटीवी खंगाले गये और ड्रोन की भी मदद ली गयी.

Video: रांची से लापता अंश-अंशिका रामगढ़ के चितरपुर से सकुशल बरामद, दो लोगों की हुई गिरफ्तारी

Ansh Anshika Case Live: झारखंड पुलिस ने एक कर दिया भारत का आधा इलाका

झारखंड के सभी जिलों के अलावा बिहार, उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, दिल्ली, राजस्थान और महाराष्ट्र तक रांची पुलिस की एसआइटी ने अलग-अलग टुकड़ियों में बंटकर की गहन पड़ताल. इसके अलावा सीआइडी और विभिन्न जिलों की टीम रात-दिन लगी रही.

अंश-अंशिका को ढूंढ़ने के लिए पुलिस ने क्या-क्या किया?

चार जनवरी को रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने रांची के ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर और सिटी एसपी पारस राणा के नेतृत्व में बनाई एसआइटी. इसमें चार डीएसपी और छह थाना प्रभारियों को किया गया शामिल.

Ansh Anshika Case Live: अंश-अंशिका को ढूंढ़ने के लिए पुलिस ने क्या-क्या किया?

चार जनवरी को रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने रांची के ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर और सिटी एसपी पारस राणा के नेतृत्व में बनाई एसआइटी. इसमें चार डीएसपी और छह थाना प्रभारियों को किया गया शामिल.

Ansh Anshika Case Live: कैसे लापता हुए थे दोनों बच्चे

अंश और अंशिका धुर्वा थाना क्षेत्र के मल्लार टोली मौसीबाड़ी के रहने वाले हैं. दोनों घर के पास की दुकान से दोनों सगे भाई-बहन अचानक गायब हो गए थे. यहीं से पूरे राज्य और देश भर में दोनों की तलाश की कहानी शुरू हुई.

मीडिया और राजनीति की सक्रियता

प्रभात खबर ने भी दबाव बनाने के लिए अपने रिपोर्टरों की एसआईटी गठित की थी. सत्तापक्ष और विपक्ष के नेता बच्चों के माता-पिता से मिलकर समर्थन जता रहे थे. राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ने डीजीपी को नोटिस जारी कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे.

देशभर में चला खोज अभियान

बच्चों(Ansh Anshika) की तलाश के लिए पुलिस ने एसआईटी का गठन कर 18 राज्यों में छापेमारी शुरू की थी. बचपन बचाओ आंदोलन, झालसा, लीगल वॉलेंटियर्स और कई राज्यों की पुलिस अभियान में जुटी रही. रांची पुलिस ने सूचना देने वालों के लिए 4 लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था.

प्रभात खबर की टीम ने कैसे अपनी एसआईटी से बच्चों को खोजने में मदद की

प्रभात खबर की टीम लगातार बच्चों की खोज में अपने रिपोर्टर्स के साथ अंश और अंशिका की खोज में लगी हुई थी. दोनों बच्चों के लापता होने के 6 दिन बाद, 8 जनवरी को हमने अपनी एसआईटी गठित की. रामगढ़ के चितरपुर में भी प्रभात खबर के रिपोर्टर जनता के साथ जाकर मिले. उन्हें बच्चों की फोटोज दिखाई. लगातार उनके संपर्क में बने रहे.

विज्ञापन
विज्ञापन
Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola