झारखंड का अनोखा मंदिर, जहां बसता है मां का निराकार स्वरूप

Published by : Shaurya Punj Updated At : 26 Feb 2026 2:47 PM

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बुढ़िया माता मंदिर, हजारीबाग, झारखंड

Budhiya Mata Temple: झारखंड के हजारीबाग स्थित बुढ़िया माता मंदिर में बिना मूर्ति मां दुर्गा की पूजा होती है. यहां श्रद्धालु दीवार को ही देवी का निराकार स्वरूप मानकर आराधना करते हैं.

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Budhiya Mata Mandir Hazaribagh: देशभर में मां दुर्गा के अनेक मंदिर हैं, जहां उनकी भव्य और सजीव मूर्तियां स्थापित हैं. कहीं पिंडी के रूप में तो कहीं शिलाओं पर उकेरे गए स्वरूप में मां की आराधना की जाती है. लेकिन झारखंड के हजारीबाग जिले के इचाक प्रखंड में स्थित करीब 300 साल पुराना ‘बुढ़िया माता मंदिर’ अपनी अनोखी परंपरा के लिए जाना जाता है. यहां न तो कोई मूर्ति है और न ही पिंडी, बल्कि एक साधारण दीवार को ही मां का स्वरूप मानकर पूजा की जाती है.

दीवार में बसता है मां का निराकार स्वरूप

इचाक स्थित इस प्राचीन मंदिर में श्रद्धालु एक दीवार के सामने माथा टेकते हैं. मान्यता है कि इसी दीवार में मां बुढ़िया का दिव्य वास है. बिना किसी मूर्त रूप के भी यहां की आस्था इतनी गहरी है कि दूर-दूर से भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं. करीब तीन सदियों से यह परंपरा बिना रुके चली आ रही है. खासकर नवरात्रि के दौरान यहां विशेष रौनक देखने को मिलती है. सप्तमी के दिन श्रद्धालु दीवार पर उभरी हल्की आकृति पर सिंदूर चढ़ाते हैं. लोगों का विश्वास है कि सच्चे मन से मां से मांगी गई हर मुराद यहां पूरी होती है.

1668 की महामारी से जुड़ी है पौराणिक कथा

इस मंदिर के साथ एक प्राचीन कथा भी जुड़ी है. कहा जाता है कि वर्ष 1668 में इचाक क्षेत्र में हैजा महामारी फैल गई थी. उस समय एक वृद्ध महिला बाजार में प्रकट हुईं. उन्होंने गांव वालों को कुछ मिट्टी दी और कहा कि इसे गांव से दूर रख दें, इससे महामारी समाप्त हो जाएगी. कुछ ही समय बाद वह महिला अचानक गायब हो गईं और धीरे-धीरे महामारी भी खत्म हो गई. बाद में वही मिट्टी तीन पिंडी के रूप में उभर आई, जिन्हें आज भी पूजनीय माना जाता है. तभी से इस स्थान को दिव्य मानकर पूजा-अर्चना की जाने लगी.

नवरात्रि और रामनवमी पर उमड़ती है श्रद्धा

मंदिर के मुख्य पुजारी बताते हैं कि मां के इस निराकार स्वरूप में अपार शक्ति है. यहां सालभर भक्तों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन नवरात्रि, रामनवमी और दुर्गा पूजा के दौरान विशेष अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं. नवरात्रि में लगातार पूजा-पाठ होता है और भक्तों की लंबी कतारें लगती हैं. साल में दो बार मां का वस्त्र भी बदला जाता है, जो यहां की विशेष परंपरा है.

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रूप से परे आस्था का प्रतीक

स्थानीय श्रद्धालु गायत्री देवी कहती हैं, “इस मंदिर की महिमा बताना ऐसे है जैसे उगते सूरज को दीपक दिखाना.” भक्तों का मानना है कि मां बुढ़िया सच्चे मन से प्रार्थना करने वालों को शक्ति और समृद्धि प्रदान करती हैं. बुढ़िया माता मंदिर इस बात का जीवंत उदाहरण है कि आस्था किसी मूर्ति या आकार की मोहताज नहीं होती. यहां मां का निराकार रूप श्रद्धालुओं और ईश्वर के बीच अटूट विश्वास का प्रतीक बन चुका है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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