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संशोधित : वेतनमान को लेकर सीएम आवास घेरने जा रहे पारा शिक्षकों पर लाठीचार्ज

Updated at : 21 Jul 2024 12:36 AM (IST)
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मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने जा रहे पारा शिक्षकों पर शनिवार को पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठी चार्ज किया.

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रांची. मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने जा रहे पारा शिक्षकों पर शनिवार को पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठी चार्ज किया. पांच वर्ष बाद पारा शिक्षक (सहायक अध्यापक) फिर आंदोलन के लिए रांची में जमा हुए हैं. वह वेतनमान और सरकारी कर्मी का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं. जानकारी के अनुसार, राज्य भर के शिक्षक मुख्यमंत्री आवास के अनिश्चितकालीन घेराव को लेकर मोरहाबादी मैदान में जमा हुए थे. वहां से शिक्षक जुलूस की शक्ल में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए रवाना हुए. जुलूस मोरहाबादी निबंधन कार्यालय की ओर से आगे बढ़ा. जब पुलिस ने जुलूस को आगे बढ़ने से रोका, तो पारा शिक्षकों ने बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया. इस दौरान पुलिस की शिक्षकों के साथ झड़प हो गयी. इस पर आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़ और लाठी चार्ज कर दिया. इसके बाद शिक्षक इधर-उधर भागने लगे. फिर कुछ समय के बाद मुख्यमंत्री आवास घेरने जा रहे शिक्षक फिर मोरहाबादी मैदान में जमा हो गये.

शिक्षकों को लगी चोट, इलाज के लिए पहुंचे अस्पताल

लाठी चार्ज में कई शिक्षकों को काफी चोट लगी है. शिक्षक अपने शरीर पर लगी चोटों के निशान दिखा रहे थे. एकीकृत सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा के विनोद तिवारी और प्रद्युमन सिंह को भी चोट लगी थी. विनोद तिवारी के हाथ में चोट लगी. आधा दर्जन से अधिक शिक्षकों को बाद में इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. शिक्षकों का एक्स-रे और अन्य आवश्यक जांच की गयी. कुछ शिक्षकों को गंभीर चोट लगी थी.

डीसी और एसएसपी पहुंचे मोरहाबादी :

लाठी चार्ज के बाद डीसी राहुल सिन्हा और एसएसपी चंदन सिन्हा दोपहर ढाई बजे मोरहाबादी मैदान पहुंचे. उन्होंने मोर्चा के नेताओं से बात की. डीसी और एसएसपी ने शिक्षकों की मांगों की जानकारी ली और उनकी बातों को विभागीय पदाधिकारी तक पहुंचाने व वार्ता कराने का आश्वासन दिया.

क्या है पारा शिक्षकों की मांगें :

मोर्चा की मुख्य मांगों में सहायक अध्यापकों को वेतनमान व बिहार की तर्ज पर राज्यकर्मी का दर्जा देना, शिक्षकों को इपीएफ का लाभ देना, राज्य में द्वितीय आकलन परीक्षा का आयोजन जल्द करना और दिव्यांग एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थी को प्रावधान के अनुरूप अंक में छूट देना शामिल है. मोर्चा सहायक अध्यापक सेवा शर्त नियमावली के अनुरूप सहायक अध्यापक के आश्रित को अनुकंपा पर नौकरी देने के प्रावधान में बदलाव करने की मांग कर रहा है. साथ ही शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की उम्र सीमा 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष करने और सीटेट सफल शिक्षकों को जेटेट सफल शिक्षक के समतुल्य दर्जा देने की मांग कर रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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