झारखंडियों की सांस्कृतिक धरोहर है सरहुल
Updated at : 19 Mar 2026 10:19 PM (IST)
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सरहुल पूजा महासमिति के तत्वावधान में महादानी मैदान में गुरुवार को सरहुल पूर्व संध्या कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
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बेड़ो.
सरहुल पूजा महासमिति के तत्वावधान में महादानी मैदान में गुरुवार को सरहुल पूर्व संध्या कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिसमें खोड़हा दलों ने पारंपरिक वेश में मांदर, ढोल, नगाड़ा की थाप पर सरहुल गीत के साथ नृत्य प्रस्तुत कर जनजातीय संस्कृति व परंपरा का समां बांधा. कार्यक्रम में विभिन्न खोड़हा दलों को सम्मानित किया गया. साथ ही अतिथियों का स्वागत महासमिति के अध्यक्ष सुका उरांव, संरक्षक राकेश भगत, सचिव चरवा उरांव ने अंगवस्त्र देकर किया. श्री उरांव ने कहा सरहुल पूजा हम झारखंडियों की सांस्कृतिक धरोहर है. सरहुल प्रकृति के संरक्षण का संदेश पूरे समाज को देता है. वहीं सचिव चरवा उरांव ने कहा प्राकृतिक पर्व सरहुल हमारी संस्कृति, धर्म और अस्तित्व से जुड़ी है. हमें अपनी परंपरा को बचाये रखना है. वहीं थाना प्रभारी सूजीत कुमार उरांव ने कहा सरहुल प्रकृति का पर्व है. कार्यक्रम में बाणी कुमार राय, मुखिया सुशांति भगत, प्रो करमा उरांव, दिवनिश तिग्गा, राजेंद्र रौनियार, प्रभात टोप्पो व रवींद्र वर्मा आदि मौजूद थे.बेड़ो, सरहुल पूर्व संध्या कार्यक्रम में नृत्य करते लोग.B
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