बंगाल चुनाव: जादवपुर में अभिषेक बनर्जी के संदेश पर हंगामा, पार्टी के तीन पार्षदों ने दे दी ये धमकी

Updated at : 20 Mar 2026 7:39 AM (IST)
विज्ञापन
बंगाल चुनाव: जादवपुर में अभिषेक बनर्जी के संदेश पर हंगामा, पार्टी के तीन पार्षदों ने दे दी ये धमकी

अभिषेक बनर्जी

Bengal Election: काफी समय से पार्टी के अंदर दोनों गुटों में खींचतान चल रही है. ताजा मामला तृणमूल नेतृत्व तक पहुंच चुका है. तृणमूल नेतृत्व चुनाव के दौरान तीनों पार्षदों के व्यवहार पर कड़ी नजर रखेंगे.

विज्ञापन

Bengal Election: कोलकाता: जादवपुर में अभिषेक बनर्जी के एक संदेश से हंगामा मचा हुआ है. पार्टी के तीन पार्षदों ने ‘अंत देखकर पार्टी छोड़ने’ की धमकी दी है. इसके बाद तृणमूल खेमे में अफरा-तफरी मच गई है. जादवपुर से तृणमूल उम्मीदवार के रूप में कोलकाता नगर निगम के मेयर पार्षद और वार्ड नंबर 96 के तृणमूल पार्षद देबब्रता मजूमदार के नाम की घोषणा की गई है. पिछली बार भी वे जादवपुर से विधायक थे. इस बार भी राज्य की सत्ताधारी पार्टी ने उन्हें मैदान में उतारा है. इस बार तृणमूल के तीन पार्षदों का उम्मीदवार से तीखी बहस हो गई.

पार्षदों और विधायक के बीच हुई बहस

सूत्रों के अनुसार, देवब्रत्रा का दो महिला पार्षदों सहित तीन लोगों के साथ तीखी बहस हुई थी. यह घटना कोलकाता नगर निगम के वार्ड नंबर 106, संपुई पारा स्थित जादवपुर की मुख्य इमारत में हुई. तृणमूल उम्मीदवार देबब्रता मजूमदार का पार्टी कार्यालय में हुई बैठक के दौरान तीनों पार्षदों के साथ तीखी बहस हो गई. स्थानीय नेतृत्व के सूत्रों के अनुसार, जब पार्टी के अखिल भारतीय महासचिव का संदेश चुनाव कोर कमेटी की बैठक में प्रस्तुत किया गया, तो पार्टी के तीनों पार्षद स्पष्ट रूप से नाराज थे.

चुनाव परिणाम से तय होगा टिकट

बैठक के दौरान तृणमूल उम्मीदवार ने देबब्रता मजूमदार ने कहा कि अभिषेक के निर्देशों के अनुसार, इस चुनाव में पार्षदों के प्रदर्शन की बारीकी से जांच की जाएगी और उसी आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा. संक्षेप में, उन्होंने समझाया कि दिसंबर 2026 में कोलकाता में होने वाले नगर निगम चुनावों में किसी पार्षद को टिकट दिया जाएगा या नहीं, यह विधानसभा चुनावों में उस पार्षद के वार्ड के परिणामों पर निर्भर करेगा. यह सुनकर तीनों पार्षद कथित तौर पर चिल्ला उठे.

पार्टी पर अविश्वास का आरोप

पार्षदों ने कहा-हम पर अविश्वास किया जा रहा है. इस तरह हमारा अपमान करने का कोई मतलब नहीं है. हम इसका अंत देखेंगे. तीनों पार्षदों को देबब्रता मजूमदार के सामने पर चिल्लाते रहे. इसके बाद तृणमूल उम्मीदवार ने तीनों पार्षदों को समझाते हुए कहा कि यह उनका संदेश नहीं था. यह संदेश अभिषेक बनर्जी के आदेश पर दिया गया है, लेकिन फिर भी, पार्षद अपनी कुर्सियों से उठ खड़े हुए और इस चुनाव में भाग न लेने की घोषणा करने लगे. उन्होंने धमकी भरे लहजे में कहा- जादवपुर में धमकियों और अप्रत्याशित फैसलों की राजनीति काम नहीं आएगी. उम्मीदवार को यह बात अच्छी तरह समझ लेनी चाहिए.

पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

पार्षदों पर सीवी भेजने का आरोप

इसके बाद देबब्रता मजूमदार भी कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि इसीलिए पार्षद बनने के बाद तीनों ने विधायक बनने के लिए अपने सीवी भेजे थे. इस टिप्पणी से आक्रोश और बढ़ गया और बैठक का माहौल तनावपूर्ण हो गया. जादवपुर के प्रभारी पर्यवेक्षक और कोलकाता नगरपालिका के वार्ड नंबर 101 के तृणमूल पार्षद बप्पादित्य दासगुप्ता भी बैठक में मौजूद थे. बताया जाता है कि उन्होंने भी हंगामा किया. उन्होंने तीनों पार्षदों से पूछा- जब कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने 2024 में कोलकाता पार्षदों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक में यही संदेश दिया था, तो इन पार्षदों ने अपनी चुप्पी क्यों साधे रखी. सभी को अभिषेक का संदेश सुनना चाहिए. यह पार्टी का निर्देश है.

Also Read: टिकट से वंचित तृणमूल विधायकों को भाजपा में जगह नहीं, दिलीप घोष ने कर दिया क्लियर

विज्ञापन
Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola