वेतन घोटाला: वित्त मंत्री का सवाल, कहा- घोटालेबाज डीडीओ सीआइडी की जांच टीम से दूर हैं ना, देख लें
Published by : Sweta Vaidya Updated At : 20 May 2026 10:18 AM
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर
झारखंड में करोड़ों के वेतन घोटाले को लेकर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सीआइडी जांच पर सवाल उठाए हैं. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.
रांची से आनंद मोहन की रिपोर्ट
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वेतन घोटाले की सीआइडी जांच को लेकर बड़ा सवाल उठाया है. वित्त मंत्री ने वेतन घोटाले के बाद लगातार चौथा पत्र लिखा है. इस बार का पत्र गंभीर और गहरे सवाल उठा रहा है. सीआइडी जांच में शामिल लोगों को लेकर संदेह है, यह पत्र के मजमून से साफ है. उन्होंने दो टूक कहा है कि घोटालेबाज डीडीओ, सीआइडी की जांच टीम से दूर हैं ना, देख लें. वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल को पत्र लिखकर कहा है कि पिछले दिनों बोकारो, हजारीबाग, देवघर, चाईबासा और खूंटी जिले में पुलिस विभाग के अंतर्गत अवैध रूप से लगभग 35-40 करोड़ रुपये की अवैध वेतन निकासी का मामला प्रकाश में आया है.
वित्त मंत्री ने क्या कहा?
अवैध वेतन की निकासी से संबंधित आपराधिक बिंदुओं की जांच सीआइडी द्वारा की जा रही है. वित्त मंत्री ने कहा: आवश्यक होगा कि जांच के लिए प्रतिनियुक्त पुलिस अधिकारी घोटाले की अवधि में संबंधित जिलों में से किसी में भी डीडीओ के पद पर पदस्थापित थे अथवा नहीं, इसे सुनिश्चित कर लिया जाए. वित्त मंत्री ने पत्र में कहा कि वित्त विभाग द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय स्तर पर जांच शुरू कर दी गई थी. वित्त विभाग के निर्देश पर ही प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया गया.
मुख्यमंत्री का अवैध निकासी मामले में कठोर रुख
वित्त मंत्री ने पत्र में कहा है कि अवैध निकासी मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कठोर रुख अपनाया है. उन्होंने एक उच्चस्तरीय जांच समिति गठित कर मामले की व्यापक जांच करने का आदेश दिया है. उच्चस्तरीय जांच समिति के द्वारा जांच प्रारंभ कर दी गई है. जांच के अंतिम प्रतिवेदन के आलोक में कार्रवाई होगी. वित्त मंत्री ने कहा कि यह सर्वविदित है कि किसी भी सरकारी धन की निकासी के लिए डीडीओ अधिकृत किए जाते हैं. डीडीओ द्वारा ऑनलाइन विपत्र की जांच कर उस पर हस्ताक्षर के बाद ही विपत्र पारित करने के लिए कोषागार (ट्रेजरी) को अग्रसारित किया जाता है. वेतन मद में अवैध निकासी के लिए प्रत्यक्ष रूप से डीडीओ उत्तरदायी होते हैं. अवैध निकासी के मामले में प्राथमिकी दर्ज होने और मामला प्रकाश में आने के समय, जिन जिलों में जो डीडीओ थे, उन पदाधिकारियों का स्थानांतरण करें.
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श्वेता वैद्य प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक साल से अधिक का अनुभव है. पिछले करीब दो महीनों से वे झारखंड बीट पर सक्रिय रूप से काम कर रही हैं. इस दौरान वे राज्य से जुड़ी ताजा खबरों, लोगों से जुड़े मुद्दे और जरूरी जानकारियों पर आधारित स्टोरीज तैयार कर रही हैं. इससे पहले उन्होंने लाइफस्टाइल बीट के लिए भी कंटेंट लिखा. इस बीट में उन्होंने रेसिपी, फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स, गार्डनिंग टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर रोचक और उपयोगी आर्टिकल लिखे. श्वेता की हर बार कोशिश यही रहती है कि बात आसान, साफ और सीधे तरीके से लोगों तक पहुंचे, जिससे कि हर कोई उसे बिना दिक्कत के समझ सके. कंटेंट राइटर के तौर पर उनका फोकस होता है कि कंटेंट सिंपल, रिलेटेबल और यूजर-फ्रेंडली हो.
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