झारखंड: सड़क हादसों में ऐसे आएगी कमी, सड़क सुरक्षा सेमिनार में क्या बोले एडीजी अभियान संजय आनंदराव लाठकर

Published at :14 Feb 2024 5:00 AM (IST)
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झारखंड: सड़क हादसों में ऐसे आएगी कमी, सड़क सुरक्षा सेमिनार में क्या बोले एडीजी अभियान संजय आनंदराव लाठकर

झारखंड के एडीजी अभियान संजय आनंदराव लाठकर ने कहा कि वर्ष 2023 में सड़क हादसों में छह पुलिसकर्मियों की मौत हुई. इनमें से तीन पुलिसकर्मियों ने हेलमेट नहीं पहना था. इसलिए जरूरत है कि रोड सेफ्टी की शुरुआत घर से करें.

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रांची: स्टेशन रोड स्थित एक होटल में राष्ट्र स्तरीय सड़क सुरक्षा सेमिनार, जागरूकता अभियान 2024 का आयोजन किया गया. झारखंड के एडीजी अभियान संजय आनंदराव लाठकर ने कहा कि सड़क हादसों और मृत्युदर में कमी लाने के लिए सड़क के ब्लैक स्पॉट का आकलन कर उसे घटाने की आवश्यकता है. इसके साथ ही नये ब्लैक स्पॉट की पहचान की जानी चाहिए, तो निश्चित तौर पर झारखंड में सड़क दुर्घटनाओं व इससे होने वाली मृत्युदर में कमी आयेगी. उन्होंने कहा कि रोड सेफ्टी में इंजीनियरिंग, एजुकेशन व एनफोर्समेंट महत्वपूर्ण होता है. इंजीनियरिंग के तहत सड़क की गुणवत्ता, वाहनों की फिटनेस की जांच, एजुकेशन के तहत लोगों को जागरूक करना और एनफोर्समेंट के तहत इन सभी पहलुओं को लागू करने की जरूरत है.

2023 में सड़क हादसे में छह पुलिसकर्मियों की मौत

एडीजी अभियान संजय आनंदराव लाठकर ने कहा कि वर्ष 2023 में सड़क हादसों में छह पुलिसकर्मियों की मौत हुई. इनमें से तीन पुलिसकर्मियों ने हेलमेट नहीं पहना था. इसलिए जरूरत है कि रोड सेफ्टी की शुरुआत घर से करें. तभी सही मायने में जागरूकता फैलेगी. एडीजी ने पुलिस अफसरों को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क हादसों को लेकर हमारी सोच होती है कि गलती बड़े वाहन वालों की होती है, लेकिन जजमेंट में भूल की वजह भी सड़क हादसे का कारण बनती है. जरूरी है जांच के दौरान इस पर ध्यान देने की. रोड सेफ्टी सेल के डीआईजी धनंजय सिंह ने कहा कि रोड सेफ्टी सेल से जुड़े सभी डिपार्टमेंट को बेहतर तरीके से कार्य करना होगा. सभी थानों को एंबुलेंस, हॉस्पिटल आदि का फोन नंबर रखना होगा, ताकि समय रहते दुर्घटना में घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाया जा सके.

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सड़क दुर्घटना कम करने के लिए विभागों को करना होगा बेहतर काम

परिवहन विभाग के सचिव कृपानंद झा ने कहा कि सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं को कम कर लोगों की जान बचायी जा सकती है. उन्होंने कहा कि कभी-कभी सड़क की डिजाइन दुर्घटना का कारण बनती है. इसलिए डीपीआर के अनुसार ही सड़कें बनानी चाहिए. सड़कों पर प्रॉपर साइनेज जरूरी है. गाड़ियों की पूर्ण जांच के बाद ही फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करना चाहिए. ड्राइविंग लाइसेंस देने से पहले सभी प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए. ट्रिपल राइडिंग करने से रोकने और नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाना होगा. इसे सख्ती के साथ लागू करना होगा. ट्रामा सेंटर सक्रिय रहे, ताकि दुर्घटना के बाद के गोल्डन आवर में घायलों की जान बचायी जा सके.

साइनेज की महत्ता की दी जानकारी

संयुक्त परिवहन आयुक्त प्रवीण प्रकाश कुमार ने साइनेज की महत्ता पर महत्वपूर्ण जानकारी दी. मौके पर सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट के सुभाष चंद्रा, सेंट्रल फॉर रोड सेफ्टी मैनेजमेंट, निर्वाण यूनिवर्सिटी जयपुर की डॉ प्रेरणा अरोड़ा सिंह, रोड ट्रैफिक सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम के लीड ऑडिटर हरप्रीत सिंह ने तकनीकी सत्र में बच्चों को सड़क सुरक्षा पर विस्तार से जानकारी दी. सेमिनार में रोड सेफ्टी के जेटीडीसी प्रदीप कुमार, संयुक्त परिवहन आयुक्त दिलेश्वर महतो, सभी जिलों के डीटीओ, डीएसपी सहित अन्य मौजूद थे.

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