मनोज सिंह, रांची.
भारत सरकार ने एग्रीस्टैक स्कीम के तहत किसानों का निबंधन कराने का निर्णय लिया है. इसके तहत सभी किसानों का निबंधन कराया जायेगा. फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तहत झारखंड के दो जिलों रांची और साहिबगंज के पांच-पांच गांवों का चयन किया जायेगा. इन गांवों के किसानों को अलग पहचान नंबर (यूनिक आइडी) दिया जायेगा. किसानों की यूनिक आइडी तैयार करने का काम निजी एजेंसी और कृषक मित्र करेंगे. भारत सरकार डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत यह काम करा रही है. इसके तहत किसानों के निबंधन के साथ-साथ डिजिटल क्रॉप सर्वे और गांवों का जियो रिफ्रेसिंग का काम भी होगा. किसानों के निबंधन में किसान परिवार की पूरी जानकारी होगी. किसान के पास कितनी खेत है, कौन सी फसल उगाते हैं, कितनी सरकारी स्कीम का लाभ लिया है व केसीसी और फसल बीमा संबंधी भी जानकारी रहेगी. इससे किसानों का आइडी नंबर डालने पर पूरी जानकारी मिल पायेगी. झारखंड में अंतिम सर्वे नहीं होने के कारण जमीन में किसानों का नाम अपटूडेट नहीं है. ऐसी स्थिति में वंशावली को आधार मानकर किसानों को जमीन का मालिक माना जायेगा.12 जिले के 696 गांवों में होगा डिजिटल क्रॉप सर्वे
भारत सरकार की इसी स्कीम के तहत 12 जिले के 696 गांवों में डिजिटल क्रॉप सर्वे होगा. यह काम मोबाइल ऐप के माध्यम से होगा. ऐप में यह डालना होगा कि किस किसान ने कितने खेत में कौन सी फसल लगायी है. खेत के प्रकार की जानकारी के साथ-साथ फोटो भी अपलोड किया जायेगा. खरीफ में यह काम पूर्वी सिंहभूम, सिमडेगा, बोकारो, धनबाद, साहिबगंज, दुमका और लोहरदगा में होगा. रबी के मौसम में गढ़वा, गोड्डा, हजारीबाग, रांची और सरायकेला में यह काम होगा.
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