वरीय संवाददाता, रांची
गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे एचइसी कर्मियों को नौ दिसंबर को दिल्ली में होने वाली बैठक का बेसब्री से इंतजार है. उक्त तिथि को रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ की पहल पर भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमार स्वामी एचइसी को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे.एचइसी के अधिकारी ने बताया कि एचइसी के पास कुल 7199.51 एकड़ जमीन थी. इसमें एचइसी ने राज्य सरकार को 2342.03 एकड़, सीआइएसएफ को 158 एकड़, स्मार्ट सिटी के लिए झारखंड सरकार को 647.08 एकड़ व लीज पर 313.31 एकड़ जमीन दी है. वहीं, 73.05 एकड़ जमीन पर अतिक्रमण है. वर्तमान में एचइसी के पास 3666.04 एकड़ जमीन है. इसमें आवासीय परिसर में एक हजार एकड़ से अधिक जमीन खाली पड़ी हुई है. अगर मंत्रालय उक्त जमीन को दीर्घकालीन लीज पर दे, तो एचइसी को बड़ी राशि मिल सकती है. इसके अलावा एसबीआइ ने भी एचइसी को जमीन के एवज में लोन देने की बात कही है. वहीं, कई सार्वजनिक लोक उपक्रम कंपनियों ने पांच से 10 एकड़ जमीन एचइसी से लीज पर लेने की बात कही है.
अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार के सहयोग के बिना एचइसी नहीं चल सकता है. कंपनी पर करीब 2500 करोड़ की देनदारी है. वहीं, प्लांटों का जीर्णोद्धार भी जरूरी है. इसके लिए आर्थिक पैकेज सबसे अहम है. अधिकारी ने बताया कि एचइसी की मशीनें पुरानी हो गयी हैं. इस कारण कार्यादेश पर अधिक लागत आती है और समय पर कार्य पूरे नहीं हो पा रहे हैं. एचइसी प्रबंधन ने मंत्रालय को कई प्रस्ताव भेजे हैं. इसमें जमीन को दीर्घकालीन लीज पर देकर राशि एकत्रित करना शामिल है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

