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JPSC, UPPSC और SSC पेपर लीक की जांच करने वाले CBI के ज्वाइंट डायरेक्टर राजीव रंजन की हैं इतनी उपलब्धियां

Updated at : 28 Jan 2025 6:25 AM (IST)
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rajiv ranjan cbi joint director

बिहार-झारखंड रांची जोन के सीबीआई के ज्वाइंट डायरेक्टर राजीव रंजन. फोटो : प्रभात खबर

Rajiv Ranjan IPS Police Medal: पुलिस मेडल के लिए चुने गए झारखंड-बिहार के रांची जोन के सीबीआई के ज्वाइंट डायरेक्टर राजीव रंजन तेज-तर्रार आईपीएस ऑफिसर हैं. उनकी उपलब्धियों की लंबी फेहरिस्त है. यहां पढ़ें.

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Rajiv Ranjan IPS Police Medal: झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (JPSC) भर्ती घोटाला, सारधा चिट फंड घोटाला, उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन (UPPSC) भर्ती घोटाला और स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (SSC) पेपर लीक केस जैसे हाई प्रोफाइल मामलों की जांच करने और उनमें से अधिकांश को उसके अंजाम तक पहुंचाने वाले सीबीआई ऑफिसर राजीव रंजन को पुलिस मेडल मिला है. राजीव रंजन वर्तमान में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के झारखंड-बिहार के रांची जोन के ज्वाइंट डायरेक्टर हैं. उपरोक्त घोटाला के अलावा संयुक्त बिहार के बहुचर्चित चारा घोटाला मामले के ट्रायल में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी. राजीव रंजन ने सीबीआई के अलावा सीआरपीएफ में भी अपनी सेवा दी है. वह अयोध्या के श्रीराम मंदिर और मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि को सुरक्षा देने वाली सीआरपीएफ की टीम के प्रमुख रह चुके हैं. उनके कार्यकाल में ही झारखंड के साहिबगंज में अवैध खनन घोटाला का पर्दाफाश हुआ. मामले की जांच तेजी से चल रही है.

पोंजी स्कीम की जांच के एक्सपर्ट हैं राजीव रंजन

कॉमर्स के स्टूडेंट रहे 2005 के सिक्किम बैच के आईपीएस राजीव रंजन को पोंजी स्कीम (चिट फंड स्कैम) की जांच का एक्सपर्ट माना जाता है. सारधा चिट फंड घोटाले की जांच के लिए बनी एसआईटी के वह प्रमुख थे. पश्चिम बंगाल के हजारों करोड़ के बहुचर्चित सारधा घोटाले की गहन जांच के बाद सीबीआई ने चार्जशीट फाईल की. इसके बाद देश में ऐसा कोई बड़ा पोंजी स्कैम नहीं हुआ.

झारखंड में जेपीएससी भर्ती घोटाले की जांच की, चार्जशीट फाईल की

झारखंड के बहुचर्चित जेपीएससी नियुक्ति घोटाले की चार्जशीट भी उनकी देखरेख में ही फाईल हुई थी. झारखंड-बिहार के जितने राजनेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले चल रहे हैं, सभी मामलों की स्पीडी ट्रायल हो रही है. स्पेशल टीम बनाकर उन्होंने एक-एक मामले की जांच तेज करने के निर्देश अफसरों को दे रखे हैं. साहिबगंज में अवैध खनन के मामले की भी जांच तेजी से चल रही है.

2005 बैच के सिक्किम कैडर के आईपीएस ऑफिसर राजीव रंजन दूसरी बार सीबीआई में दे रहे हैं सेवा.

उत्तर प्रदेश में भर्ती में घोटाले और भ्रष्टाचार का किया खुलासा

उत्तर प्रदेश में 186 पदों के लिए निकली भर्ती में हुए घोटाले के तार उन्होंने का पर्दाफाश उन्होंने की जांच राजीव रंजन के नेतृत्व में ही सीबीआई ने शुरू की थी. इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार के तत्कालीन विशेष सचिव प्रभुनाथ और यूपीपीएससी के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ अयोग्य उम्मीदवारों का फेवर करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. उत्तर प्रदेश विधानसभा और विधान परिषद में हुई इन नियुक्तियों में जमकर भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार हुआ था.

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SSC CGL Scam करने वाले गिरोह की गांठें खोलीं

वर्ष 2017-18 में एसएससी की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (सीजीएलई) में हुई गड़बड़ी की जांच भी राजीव रंजन के नेतृत्व में ही हुई थी. उन्होंने मामले की गहन जांच की और एसएससी सीजीएल परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों की गांठ खोलते हुए उनके खिलाफ चार्जशीट फाईल की. राजीव रंजन और उनकी टीम ने अपनी चार्जशीट में विस्तार से बताया कि एसएससी परीक्षा पास कराने वाला गिरोह कैसे काम करता है. इसके बदले में परीक्षार्थियों से गिरोह को कितने पैसे मिलते हैं.

बिहार के सासाराम के एमनडेरी गांव में हुआ राजीव रंजन का जन्म

राजीव रंजन मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं. उनका जन्म बिहार के सासाराम जिले के एमनडेरी गांव में हुआ. उनकी शुरुआती पढ़ाई सासाराम में हुई. बाद में वह उच्च शिक्षा के लिए पटना चले गए. पटना कॉलेज ऑफ कॉमर्स से स्नातक की डिग्री ली. बाद में सिविल सेवा की तैयारी की और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के लिए चुने गए. उन्हें सिक्किम कैडर मिला. आईपीएस ज्वाइन करने के बाद राजीव रंजन ने सीबीआई और सीआरपीएफ दोनों के लिए काम किया.

सीबीआई में राजीव रंजन ने कहां-कहां किया काम.

सीआरपीएफ में राजीव रंजन

वर्तमान में सीबीआई के डीआईजी और झारखंड-बिहार के रांची जोन के ज्वाइंट डायरेक्टर राजीव रंजन ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में भी लंबी सेवा दी है. उत्तर प्रदेश में श्रीराम मंदिर और श्रीकृष्ण जन्मभूमि की सुरक्षा की कमान संभाली, तो जम्मू-कश्मीर में एंटी टेरर ऑपरेशंस का सुपरविजन भी किया. वह नगरोटा के हीरानगर रेंज के डीआईजी रहे. इस दौरान आतंकवादियों के खिलाफ उनके नेतृत्व में कई ऑपरेशन चलाए गए.

सीबीआई में इन पदों पर किया काम

  • एसीबी कोलकाता के एसपी
  • एसीबी भुवनेश्वर के एसपी
  • स्पेशल क्राइम पटना के एसपी
  • पीओडब्ल्यू रांची में एसपी

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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