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Rain in Jharkhand: अगस्त में धनबाद में सबसे ज्यादा बरसा मानसून, जानें कहां हुई सबसे कम वर्षा

Updated at : 12 Sep 2024 7:07 AM (IST)
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jharkhand weather rainfall record

बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक अनुराग सनड्या और मानसून की बारिश का AI इमेज.

Rain in Jharkhand: अगस्त में मानसून की सबसे अधिक बारिश धनबाद जिले में हुई है. यहां सामान्य से दोगुना से अधिक वर्षा हुई है. जानें कहां हुई सबसे कम वर्षा.

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Rain in Jharkhand: झारखंड में मानसून की अच्छी बारिश हुई है. हालांकि, अभी सामान्य से 15 फीसदी कम वर्षा हुई है, लेकिन अगस्त के महीने में झमाझम वर्षा हुई. खासकर धनबाद जिले में. विशाल कोयला भंडार के लिए मशहूर धनबाद जिले में अगस्त 2024 में सबसे ज्यादा बारिश हुई. सबसे कम वर्षा संताल परगना के गोड्डा जिले में हुई.

झारखंड में अब तक 760.1 मिमी बरसा मानसून

मौसम विभाग की रिपोर्ट पर गौर करेंगे, तो पाएंगे कि अब तक झारखंड में 760.1 मिलीमीटर वर्षा हुई है. यह सामान्य से 15 फीसदी कम है. 1 जून से 11 सितंबर के बीच झारखंड में 890.6 मिलीमीटर वर्षा को सामान्य वर्षा माना जाता है. लेकिन, अब तक 760.1 मिलीमीटर ही वर्षा हुई है.

धनबाद में अब तक 1055.2 मिलीमीटर हुई वर्षा

धनबाद में मानसून की इस अवधि में 922.1 मिलीमीटर वर्षा होनी चाहिए, लेकिन इस बार 1055.2 मिलीमीटर बारिश हुई है. यह इस जिले में सामान्य बारिश से 14 फीसदी अधिक है. रांची स्थित बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के मौसम वैज्ञानिक अनुराग सनड्या ने बताया कि धनबाद में इस साल अगस्त के महीने में सबसे ज्यादा बारिश हुई.

अगस्त के महीने में गोड्डा में हुई सबसे कम वर्षा

उन्होंने बताया कि गोड्डा में सबसे कम वर्षा हुई है अगस्त के महीने में. धनबाद जिले में अगस्त 2024 में 621.2 मिलीमीटर वर्षा हुई. यह अगस्त के महीने में होने वाली सामान्य बारिश से दोगुना से भी अधिक है. धनबाद में अगस्त माह में सामान्य बारिश 308.3 मिलीमीटर है. इसके विपरीत यहां 621.2 मिलीमीटर वर्षा हुई.

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गोड्डा में अब तक 605.3 मिलीमीटर बरसा मानसून

वहीं, गोड्डा जिले में अगस्त के महीने में 215 मिलीमीटर वर्षा हुई. यहां भी इस महीने में सामान्य से अधिक बारिश हुई. अगस्त में गोड्डा का सामान्य वर्षापात 193.6 मिलीमीटर है. लेकिन, यहां इससे ज्यादा वर्षा हुई. समग्र रूप से देखेंगे तो 1 जून से 11 सितंबर के बीच गोड्डा में 605.3 मिलीमीटर ही वर्षा हुई, जबकि यहां 764.5 मिलीमीटर वर्षा होनी चाहिए.

झारखंड के एक-एक जिले में हुई वर्षा का रिकॉर्ड

क्रम संख्याजिला का नामकितनी वर्षा हुईसामान्य वर्षापातवर्षा की कमी/अधिकता
1.बोकारो774.5 मिलीमीटर799.3 मिलीमीटर-3 प्रतिशत
2.चतरा523.4 मिलीमीटर815.8 मिलीमीटर-36 प्रतिशत
3.देवघर514.4 मिलीमीटर826.2 मिलीमीटर-38 प्रतिशत
4.धनबाद1055.2 मिलीमीटर922.1 मिलीमीटर14 प्रतिशत
5.दुमका810.5 मिलीमीटर879.9 मिलीमीटर-8 प्रतिशत
6.पूर्वी सिंहभूम745.3 मिलीमीटर960.9 मिलीमीटर-22 प्रतिशत
7.गढ़वा790.5 मिलीमीटर804.0 मिलीमीटर-2 प्रतिशत
8.गिरिडीह792.2 मिलीमीटर836.8 मिलीमीटर-5 प्रतिशत
9.गोड्डा605.3 मिलीमीटर764.5 मिलीमीटर-21 प्रतिशत
10.गुमला688.6 मिलीमीटर932.4 मिलीमीटर-26 प्रतिशत
11.हजारीबाग701.3 मिलीमीटर912.6 मिलीमीटर-23 प्रतिशत
12.जामताड़ा710.7 मिलीमीटर908.0 मिलीमीटर-22 प्रतिशत
13.खूंटी909.5 मिलीमीटर984.2 मिलीमीटर-8 प्रतिशत
14.कोडरमा658.9 मिलीमीटर762.1 मिलीमीटर-14 प्रतिशत
15.लातेहार895.0 मिलीमीटर905.5 मिलीमीटर-1 प्रतिशत
16.लोहरदगा547.3 मिलीमीटर861.4 मिलीमीटर-36 प्रतिशत
17.पाकुड़437.9 मिलीमीटर997.7 मिलीमीटर-56 प्रतिशत
18.पलामू696.6 मिलीमीटर746.5 मिलीमीटर-7 प्रतिशत
19.रामगढ़749.6 मिलीमीटर903.7 मिलीमीटर-17 प्रतिशत
20.रांची928.1 मिलीमीटर910.1 मिलीमीटर2 प्रतिशत
21.साहिबगंज777.5 मिलीमीटर985.9 मिलीमीटर-21 प्रतिशत
22.सरायकेला-खरसावां839.0 मिलीमीटर890.3 मिलीमीटर-6 प्रतिशत
23.सिमडेगा1162.4 मिलीमीटर1157.1 मिलीमीटर0 प्रतिशत
24.पश्चिमी सिंहभूम655.3 मिलीमीटर894.8 मिलीमीटर-27 प्रतिशत
झारखंड में हुई वर्षा760.1 मिलीमीटर890.6 मिलीमीटर-15 प्रतिशत
Source : Mausam Kendra, Ranchi

अगस्त में झारखंड के किस जिले में हुई सबसे ज्यादा वर्षा?

अगस्त के महीने में झारखंड में सबसे ज्यादा वर्षा धनबाद जिले में हुई. जिले में 621.2 मिलीमीटर वर्षा हुई, जो सामान्य वर्षापात 308.3 मिलीमीटर की तुलना में 100 फीसदी से अधिक है.

अगस्त में सबसे कम कहां बरसा मानसून?

अगस्त के महीने में झारखंड में सबसे कम मानसून की बारिश गोड्डा जिले में हुई. यहां अब तक 215 मिलीमीटर वर्षा हुई है, जो सामान्य वर्षापात 193.6 मिलीमीटर से अधिक है.

झारखंड में सबसे ज्यादा बारिश कहां हुई है?

झारखंड के सिमडेगा जिले में इस मानसून सबसे ज्यादा वर्षा हुई है. यहां अब तक 1162.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से मामूली अधिक है.

झारखंड में कैसा है मानसून?

झारखंड में पिछले 24 घंटे के दौरान मानसून की गतिविधि सामान्य रही. राज्य में लगभग सभी जगहों पर गरज के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा हुई. सबसे अधिक 83.2 मिलीमीटर बारिश धनबाद जिले के बलियापुर में हुई.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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