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दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस के महामंत्री एनएल कुमार ने की प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस में बदलाव की मांग

Updated at : 14 Sep 2025 7:11 PM (IST)
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Railway Bonus News NL Kumar Hatia Ranchi Jharkhand

एनएल कुमार.

Railway Bonus News: दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस के महामंत्री एनएल कुमार ने प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (पीएलबी) की नीति में बदलाव की मांग की है. उन्होंने कहा है कि इस नीति की वजह से 70 से 80 प्रतिशत रेलवे कर्मचारियों को उचित और न्यायसंगत बोनस नहीं मिलता. इस संबंध में उन्होंने नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन के महासचिव को पत्र भी लिखा है.

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Railway Bonus News: दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस (SERMC) के महामंत्री एनएल कुमार ने रेल कर्मचारियों के हित में बड़ी और महत्वपूर्ण बात कही है. बोनस का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा है कि रेलवे प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) की वर्तमान नीति में संशोधन की जरूरत है. उन्होंने ये बातें नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन (NFIR) के महासचिव डॉ एम राघवैया को लिखे एक पत्र में कहीं हैं.

योगदान के अनुसार नहीं मिलता कर्मचारियों को बोनस

एनएल कुमार ने पत्र में कहा है कि वर्तमान PLB (प्रोडक्शन लिंक्ड बोनस) प्रणाली की वजह से लगभग 70-80 प्रतिशत कर्मचारियों को उनके योगदान के अनुसार बोनस नहीं मिल पाता है. इससे बोनस का उद्देश्य (उत्पादकता से इनाम को जोड़ने का उद्देश्य) पूरा नहीं हो पा रहा है. एनएल कुमार ने इस सीमा को हटाने का अनुरोध किया है, ताकि रेलवे कर्मचारियों को उनके प्रदर्शन के अनुसार उचित और न्यायसंगत बोनस मिल सके.

छठे वेतन आयोग पर आधारित है प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस

दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस के नेता कुमार ने यह भी कहा है कि यह नीति छठे वेतन आयोग की सिफारिशों पर आधारित है. छठा वेतन आयोग अब बहुत पुराना हो चुका है. इसलिए रेलवे को बोनस नीति में भी बदलाव की सख्त जरूरत है. तभी रेलवे के कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और उन्हें उनकी मेहनत का उचित पुरस्कार उन्हें मिल सकेगा.

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Railway Bonus: रेलवे को लाभ, तो बोनस में भेदभाव क्यों?

एनएल कुमार ने सवाल किया है कि जब रेलवे कर्मचारियों की मेहनत से माल ढुलाई और रेलवे की आय लगातार बढ़ रही है, तो बोनस देने में भेदभाव क्यों? उन्होंने चेतावनी दी कि यदि रेलवे प्रशासन ने इस मांग को नजरअंदाज किया, तो भविष्य में इसके खिलाफ कोर्ट का सहारा लेने से पीछे नहीं रहेंगे. उन्होंने NFIR से आग्रह किया है कि वह राष्ट्रीय स्तर पर मुद्दे को गंभीरता से उठाये.

एनएल कुमार को उम्मीद – मिलेगा न्यायसंगत बोनस

एनएल कुमार ने हालांकि कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि इस विषय पर उचित फोरम पर बात होगी और रेलवे के सभी कर्मचारियों को उचित और न्यायसंगत बोनस मिलेगा. उन्होंने कहा कि दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस और नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन के नेतृत्व और कोशिशों से जल्द ही इस मांग का सकारात्मक हल निकलेगा और भारतीय रेलवे के सभी कर्मचारियों को न्यायसंगत बोनस मिल सकेगा.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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