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एनएफआईआर के महामंत्री से मिला दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल, रेलवे कर्मचारियों की समस्या पर हुई चर्चा

Updated at : 24 Aug 2025 6:05 PM (IST)
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Indian Railways News South Indian Railway Mens Congress

एनएफआइआर के महासचिव को मोमेंटो देते दपूरे मेंस कांग्रेस के महासचिव एनएल कुमार.

Indian Railways News: दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस के महामंत्री एनएल कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने एनएफआईआर के महामंत्री से मुलाकात की. इस दौरान एनएल कुमार ने एनएफआईआर के महामंत्री के सामने रेलवे कर्मचारियों की समस्याओं को रखा और कहा कि इसका जल्द से जल्द समाधान होना चाहिए. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दपूरे मेंस कांग्रेस की हार कुछ जयचंदों की वजह से हुई, जिन्होंने कर्मचारियों के हित से समझौता किया. कर्मचारियों की नाराजगी हमारी हार की वजह नहीं थी.

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Indian Railways News: दक्षिण पूर्व रेलवे रेलवे मेंस कांग्रेस के महामंत्री एनएल कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन के महामंत्री एम राघवैया से नयी दिल्ली में मुलाकात की. बैठक में दक्षिण पूर्व रेलवे जोन (दपूरे जोन) के कर्मचारियों से जुड़ी गंभीर समस्याओं और उनके समाधान पर चर्चा की.

रेलकर्मियों के हिसाब से आवासीय क्वार्टर बेहद कम

बैठक में एनएफआईआर को बताया गया कि दपू रेलवे जोन में रेलकर्मियों की संख्या के हिसाब से आवासीय क्वार्टर बेहद कम हैं. मजबूरी में रेलकर्मियों को बाहर पब्लिक क्षेत्रों में महंगे किराये पर रहना पड़ रहा है. आवासीय भत्ता दिये जाने की प्रक्रिया को जान-बूझकर इतना उलझा दिया गया है कि कर्मचारी परेशान और शोषित हो रहे हैं.

यात्रा भत्ता और ओवरटाइम भुगतान की मांग की

उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारियों का यात्रा भत्ता और ओवरटाइम भुगतान लंबे समय से लटका हुआ है. इसका तत्काल निबटारा होना चाहिए. HOER के नियमों के अनुसार, एस एंड टी विभाग में 8 घंटे का ड्यूटी रोस्टर लागू करने की भी जोरदार मांग उठायी. साथ ही सी एंड डब्ल्यू, टीआरडी, एस एंड टी विभाग के कर्मचारियों को रिस्क एंड हार्डशिप भत्ता देने की मांग की.

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‘कुछ भ्रष्ट, अवसरवादी नेताओं की वजह से हारे चुनाव’

चर्चा के दौरान एनएल कुमार ने बेबाकी से स्वीकार किया कि यूनियन चुनाव में दपूरे मेंस कांग्रेस की हार कर्मचारियों की नाराजगी की वजह से नहीं, बल्कि कुछ भ्रष्ट, अवसरवादी नेताओं की गंदी राजनीति और स्वार्थपूर्ण हरकतों के कारण हुई. ये वही लोग हैं, जिन्होंने संगठन को तोड़ा, कर्मचारियों के हितों का सौदा किया और निजी स्वार्थ के लिए यूनियन को बदनाम किया.

‘दपूरे मेंस कांग्रेस को फिर कर्मचारियों की आवाज बनायेंगे’

प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि ऐसे लोगों को संगठन से बाहर किया जायेगा. आने वाले समय में दपू रेलवे मेंस कांग्रेस को फिर से कर्मचारियों की आवाज बनायेंगे. एनएफआईआर के महामंत्री एम राघवैया ने इस अवसर पर भरोसा जताया कि एनएफआईआर हर परिस्थिति में दपू रेलवे मेंस कांग्रेस के साथ मजबूती से खड़ा है. सही नेतृत्व और समर्पित कार्यकर्ताओं के बल पर मेंस कांग्रेस आगामी चुनाव में और भी ताकतवर होकर उभरेगी.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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