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भूख से किसी की मौत न हो, राज्य की कोई महिला शराब न बेचे, उन्हें रोजगार दें, CM हेमंत ने कही यह बात

रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड में भूख से किसी की मौत न हो. यह सभी जिला के उपायुक्त सुनिश्चित करें. इस बात को गंभीरता से लें. अगर ऐसा हुआ तो यह शर्मनाक के साथ दर्दनाक भी होगा. हम सभी को अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन ईमानदारी से करना होगा. राशन वितरण, दीदी किचन, मनरेगा व अन्य योजनाओं की समीक्षा करें, साथ ही योजनाओं में इजाफा कर लोगों को रोजगार से जोड़ें. इसमें बिचौलियों को जगह नहीं मिलनी चाहिए.

रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड में भूख से किसी की मौत न हो. यह सभी जिला के उपायुक्त सुनिश्चित करें. इस बात को गंभीरता से लें. अगर ऐसा हुआ तो यह शर्मनाक के साथ दर्दनाक भी होगा. हम सभी को अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन ईमानदारी से करना होगा. राशन वितरण, दीदी किचन, मनरेगा व अन्य योजनाओं की समीक्षा करें, साथ ही योजनाओं में इजाफा कर लोगों को रोजगार से जोड़ें. इसमें बिचौलियों को जगह नहीं मिलनी चाहिए.

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मुख्यमंत्री ने कहा कि बिचौलियों के पास जॉबकार्ड होने की जानकारी मिली है. ये हावी न हों, इसका ध्यान रखें. ग्रामीणों को रोजगार देना सरकार की प्राथमिकता है. तेजी से कार्य करें. किसी तरह की लापरवाही न हो, इसका ध्यान रखें. प्रखंड और पंचायत स्तर पर श्रमिकों को चिन्हित कर उन्हें रोजगार उपलब्ध करने की दिशा में कार्य हो. श्रमिकों को पारिश्रमिक का भुगतान समय पर करें. मुख्यमंत्री राज्य के राज्य के सभी 14 जिलों के उपायुक्तों एवं उप विकास आयुक्तों के साथ आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान बैठक कर निर्देश दे रहे थे.

हाट-बाजार में महिलाएं शराब की बिक्री न करें

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की महिलाएं हाट-बाजार में शराब की बिक्री न करें. उन्हें बल पूर्वक नहीं हटाकर, ऐसी महिलाओं को अन्य रोजगार से जोड़ने की पहल करनी है. महिलाओं का समूह बनाकर रोजगार के नये अवसर तैयार करना है. धीरे-धीरे महिलाओं को शराब बिक्री नहीं करने के लिए जागरूक करते हुए उनके अनुरूप कार्य उपलब्ध कराना है. सभी उपायुक्त इसके लिए योजना बनाएं.

मनरेगा के कार्य में लगी मशीनों को जब्त करें

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के दौरान कुछ योजनाओं के कार्य में बारिश की वजह से बंद हो सकता है. ऐसी स्थिति में ग्रामीणों के लिए मॉनसून के अनुरूप कार्य योजना तैयार करें. ताकि उन्हें बारिश के दौरान भी रोजगार से जोड़ा जा सके. सभी जिला के उपायुक्त इस कार्य को प्राथमिकता के तौर पर करें. स्किल्ड लोगों की भी पहचान करें, जिससे उन्हें उनके कौशल के अनुरूप उद्योगों, खनन, निर्माण व अन्य क्षेत्रों में रोजगार से जोड़ा जा सके.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जहां भी मनरेगा के तहत हो रहे कार्य में मशीन का उपयोग हो रहा हो तो उस मशीन को जब्त करें. सभी उपायुक्त इस संबंध में सूचना जारी कर जानकारी दें कि अगर मशीन को कार्य करते पकड़ा गया तो पहली बार में एक माह, दूसरी बार तीन माह और तीसरी बार छह माह मशीन को जब्त कर थाना में रखें. मुख्यमंत्री ने कहा धनबाद व देवघर से जेसीबी मशीन द्वारा कार्य कराने की अधिक शिकायत मिली है.

20 हजार एकड़ में फलदार पौधा लगाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 20 हजार एकड़ गैर मजरुआ और रैयती भूमि पर सरकार ने बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत फलदार पौधा लगाने का लक्ष्य तय किया है. सभी उपायुक्त इस कार्य पर ध्यान दें. योजना के माध्यम से आने वाले समय में ग्रामीणों को उन फलदार वृक्षों का पट्टा देना है. योजना के तहत बागवानी सखी योजना में महिलाओं के समूह को पांच एकड़ भूमि पर फलदार पौधा के संरक्षण की जिम्मेवारी सौंप, आर्थिक स्वावलंबन सुनिश्चित करना है.

कांके डैम जैसी स्थिति गेतलसूद डैम की न हो

मुख्यमंत्री ने उपायुक्त रांची को विभिन्न राज्यों से लौटे श्रमिकों को निर्माण क्षेत्र के कार्य से जोड़ने का निदेश दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा के तहत तालाब, छोटे जलाशयों एवं चेक डैम के निर्माण की योजना भी सरकार बना रही है. ताकि भूमिगत जल की क्षमता में वृद्धि हो सके. मेढ़ बनाकर वर्षा जल रोकने का भी निदेश मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को दिया. ऐसे कार्यों के माध्यम से लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है. राजधानी के कांके डैम के कैचमेंट एरिया और ओरमांझी के गेतलसूद डैम में अतिक्रमण हो रहा है, उसपर ध्यान दें. गेतलसुद डैम की स्थिति कांके डैम जैसी न हो.

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा

मुख्यमंत्री ने बोकारो उपायुक्त से कहा कि विभिन्न उद्योगों में कार्यरत छह हजार मजदूर बाहर चले गये हैं. इन उद्योगों के प्रतिनिधियों से बात कर उनकी जगह पर वापस लौटे श्रमिकों को कार्य से जोड़ने का प्रयास करें. प्रति पंचायत 250-300 श्रमिकों को प्रतिदिन कार्य देने एवं 10 लाख श्रमिकों को कार्य उपलब्ध कराने का लक्ष्य है. मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों को निदेश दिया कि सामाजिक दूरी का पालन करते हुए अधिक से अधिक श्रमिकों को कार्य में लगाएं. मात्र 350 रुपये प्रतिदिन पारिश्रमिक के लिए राज्य के श्रमिक लेह-लद्दाख,केरल, तमिलनाडु व अन्य जगह जाते हैं, उन्हें यहां भी काम दिया जा सकता है.

मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने कहा कि मानसून का समय आ रहा है. वृक्षारोपण के लिए वन क्षेत्र पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है. उपायुक्त दुमका बी राजेश्वरी ने बताया कि दुमका में 16,129 श्रमिक वापस लौटें हैं, जिनमें दर्जी, राजमिस्त्री, कुक, पारा मेडिकल कर्मी भी शामिल हैं, उन्हें रोजगार कार्यालय से निबंधित कर रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है.

इस मौके पर मंत्री आलमगीर आलम, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, पुलिस महानिदेशक एमवी राव, अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, प्रधान सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी, प्रधान सचिव आराधना पटनायक, प्रधान सचिव अमिताभ कौशल, मनरेगा आयुक्त सिद्धार्थ त्रिपाठी, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपालजी तिवारी, मुख्यमंत्री के वरीय आप्त सचिव सुनील श्रीवास्तव व अन्य उपस्थित थे.

Posted By: Amlesh Nandan Sinha

Prabhat Khabar Digital Desk
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