Mahila Yojana Jharkhand : बिहार की तर्ज पर हमारी मंईयां को भी दें 10 हजार, झारखंड ने केंद्र से की मांग

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 11 Jan 2026 7:52 AM

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झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर (File Photo)

Mahila Yojana Jharkhand : झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बिहार की तर्ज पर मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत झारखंड की मंईयां को भी कुटीर उद्योग के लिए 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का केंद्र से आग्रह किया.

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Mahila Yojana Jharkhand : केंद्र की बजट पूर्व चर्चा बैठक में शनिवार को झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने भाग लिया. मौके पर उन्होंने राज्य के समग्र विकास के लिए सुझाव देते हुए वित्तीय मांगें रखीं. दिल्ली में उनके द्वारा केंद्र के समक्ष मांग पत्र प्रस्तुत किया गया. श्री किशोर ने बिहार की तर्ज पर मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत झारखंड की मंईयां को भी कुटीर उद्योग के लिए 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का आग्रह किया. उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्य सरकार लगभग 51 लाख महिलाओं को 2500 रुपये प्रतिमाह सहायता दे रही है. मांग पत्र में सामाजिक-आर्थिक पिछड़ापन दूर करने, खनन क्षेत्रों में सामाजिक योगदान सुनिश्चित करने, स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने व बुनियादी ढांचे को गति देने पर विशेष फोकस किया गया. केंद्र सरकार से व्यापक आर्थिक पैकेज, बुनियादी ढांचे के विकास, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य शिक्षा और पर्यटन विस्तार के लिए विशेष सहायता मांगी गयी है.

संसाधनों का समुचित लाभ नहीं मिल सका

श्री किशोर ने कहा कि राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने पर भी झारखंड को बिहार की तुलना में संसाधनों का समुचित लाभ नहीं मिल सका है. खनन से होनेवाली भारी आय के बाद भी स्थानीय क्षेत्रों का विकास प्रभावित रहा है. उन्होंने केंद्र सरकार से झारखंड की जरूरतों और पिछड़ेपन को ध्यान में रखते हुए विशेष सहयोग देने की जरूरत बतायी. वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने जीएसटी लागू होने पर राज्य को हो रहे 4,000 करोड़ रुपये के वार्षिक नुकसान की भरपाई की मांग की. साथ ही, उन्होंने कोल कंपनियों पर बकाया 1.36 लाख करोड़ रुपये का तत्काल भुगतान करने और एफआरबीएम एक्ट के तहत ऋण सीमा को तीन से बढ़ाकर चार फीसदी करने का आग्रह किया. राज्य में सुरक्षा और शांति के लिए उग्रवाद विरोधी अभियानों के लिए अगले पांच वर्षों तक विशेष केंद्रीय सहायता और एसआरइ के तहत राशि देने की मांग की.

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आधुनिक उपकरण चाहिए

वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य में कैंसर उपचार के लिए रांची, पलामू और दुमका सहित सभी जिला अस्पतालों में पेट-सिटी स्कैन मशीन समेत अन्य आधुनिक मशीन लगाने की आवश्यकता है. इसके लिए केंद्र को बजट में आवश्यक प्रावधान करने की जरूरत है. मौके पर कहा गया कि झारखंड में अगले चार वर्षों में एक लाख हेक्टेयर खेतों में सिंचाई क्षमता का सृजन करने की योजना है. राज्य में सिंचाई विस्तार के लिए केंद्र प्रतिवर्ष 2000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराये.

31380 करोड़ की चार सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति मिले

झारखंड ने केंद्र को राज्य के चार बड़े सड़क मार्गों के लिए डीपीआर सौंपा है. 1060 किमी लंबाई वाली इन सड़कों की अनुमानित लागत 31,380 करोड़ रुपये है. मांग की गयी कि बजट में 335 किमी लंबे मुसीबंदर-चतरा-बरही-बेंगाबाद-सारठ-दुमका पथ, 332 किमी लंबे साहिबगंज-बरहेट-अमरपाड़ा-दुमका, जामताड़ा-निरसा-चंदनकियारी-धनबाद बाईपास, 286 किमी लंबाई वाले झुमरी तिलैया-विष्णुगढ़- पेटरवार-गोला-मुरी-सिल्ली-रड़गांव-सरायकेला-चाईबासा पथ व 107 किमी लंबे रांची-ठाकुरगांव-बुड़मू-टंडवा सिमरिया- बगरा मोड़ हाइवे कॉरिडोर निर्माण के लिए उपबंध किया जाये.

पर्यटन के विकास में सहयोग की अपील

राज्य सरकार ने पर्यटन विकास के लिए भी केंद्र से सहयोग की अपील की. बताया गया कि नेतरहाट, तेनुघाट व चांडिल में इको टूरिज्म विकसित करने, हुआंगहातू गांव में स्टैच्यू ऑफ स्ट्रेंथ, तोपचांची में व मलय में लेक फ्रंट परियोजना, चतरा में रोपवे, नेतरहाट, रांची व रामगढ़ में ग्लास ब्रिज, पतरातू मे एक्वेरियम पार्क व हीलियम बैलून उड़ान, बेतला में टाइगर सफारी व मलूटी मंदिर, बैद्यनाथ मंदिर, बंशीधर मंदिर, पारसनाथ मंदिर, दिउड़ी मंदिर और अंजन धाम को टूरिस्ट कॉरिडोर बनाने के लिए केंद्र सरकार से आर्थिक सहयोग की अपेक्षा है.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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