20.1 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

Ranchi News : नये बिजली टैरिफ की घोषणा मार्च के अंत तक

19 मार्च से नियामक आयोग शुरू करेगा जनसुनवाई, 31 मार्च को नये टैरिफ की हो सकती है घोषणा

सुनील चौधरी, रांची

झारखंड में एक अप्रैल से बिजली महंगी हो सकती है. अगले वित्तीय वर्ष 2025-26 के बिजली टैरिफ को लेकर कार्यवाही शुरू हो गयी है. 19 मार्च को झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग जेबीवीएनएल के बिजली टैरिफ पर जनसुनवाई की प्रक्रिया आरंभ करेगा. 19 मार्च को चाईबासा में जनसुनवाई का प्रस्ताव है. फिर 20 मार्च को धनबाद, 21 मार्च को देवघर, 24 मार्च को डालटनगंज और 25 मार्च को रांची में जनसुनवाई होगी. 26 मार्च को राज्य विद्युत सलाहकार समिति की बैठक में टैरिफ पर सहमति ली जायेगी. 31 मार्च को नये टैरिफ की घोषणा संभव है, जो एक अप्रैल 2025 से लागू हो जायेगी.

दो रुपये प्रति यूनिट तक दर बढ़ाने का है प्रस्ताव

जेबीवीएनएल ने झारखंड के घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली दरों में प्रति यूनिट दो रुपये बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है. वर्तमान में शहरी क्षेत्र के घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली दर 6.65 रुपये प्रति यूनिट है. जिसे 8.65 रुपये प्रति यूनिट करने का प्रस्ताव है. वहीं फिक्स्ड चार्ज भी 100 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 200 रुपये प्रति माह करने का प्रस्ताव है. ग्रामीण क्षेत्र के घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली दर भी 6.30 रुपये से बढ़ाकर आठ रुपये प्रति यूनिट करने का प्रस्ताव है. वहीं फिक्स्ड चार्ज 75 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति माह करने का प्रस्ताव है. डीएस एचटी यानी कि आवासीय कॉलोनी या अपार्टमेंट की बिजली दर भी 6.25 रुपये प्रति यूनिट से बढ़ाकर 9.50 रुपये करने का प्रस्ताव है. फिक्सड चार्ज भी 150 से बढ़ाकर 250 रुपये प्रति माह करने का प्रस्ताव है. वहीं एनडीएस श्रेणी के कॉमर्शियल उपभोक्ताओं की दर में भी लगभग 4.90 रुपये प्रति यूनिट बढ़ाने का प्रस्ताव है. वर्तमान दर 6.10 रुपये प्रति यूनिट है, जिसे बढ़ाकर 11 रुपये प्रति यूनिट करने का प्रस्ताव है.

औद्योगिक उपभोक्ताओं की दर भी दो रुपये प्रति यूनिट बढ़ाने का प्रस्ताव

एचटीएस यानी की औद्योगिक उपभोक्ताओं की दर भी दो रुपये प्रति यूनिट बढ़ाने का प्रस्ताव है. एचटीएस-1 श्रेणी के उपभोक्ताओं की दर 5.85 से बढ़ाकर 7.85 रुपये करने का प्रस्ताव है.

जेबीवीएनएल को सालाना राजस्व चाहिए 10875.46 करोड़

जेबीवीएनएल को सालाना राजस्व 10875.46 करोड़ रुपये चाहिए. आयोग में दायर एनुअल प्रोजेक्ट रिपोर्ट में जेबीवीएनएल ने घरेलू उपभोक्ताओं से 6433.46 करोड़ रुपये राजस्व वसूली का लक्ष्य रखा है. इसमें एनर्जी चार्ज के रूप में 5842.54 करोड़ और फिक्स चार्ज के रूप में 591.13 करोड़ शामिल है. वहीं कॉमर्शियल उपभोक्ता से 1849 करोड़ रुपये राजस्व वसूली का अनुमान है. एसएस कैटेगरी के उपभोक्ताओं से 64.30 करोड़ रुपये राजस्व की दरकार है. लो टेंशन (एलटी) उपभोक्ताओं से 506.66 करोड़ और सिंचाई (आइएएस) के उपभोक्ताओं से 148.70 करोड़ रुपये राजस्व वसूली का लक्ष्य रखा गया है. आरटीएस (रेलवे) से 91.30 करोड़ रुपये राजस्व वसूली का टारगेट रखा गया है. जबकि एचटी (हाइटेंशन) कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं से 1766.97 करोड़ रुपये राजस्व का लक्ष्य है. एमइएस से 14.31 करोड़ रुपये राजस्व वसूली का लक्ष्य है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

Prabhat Khabar News Desk
Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel