Iran US Talks: ईरान इन दिनों अंदर से सुलग रहा है और बाहर से दबाव में है. एक तरफ देशभर में महंगाई और बदहाल हालात को लेकर लोग सड़कों पर हैं, तो दूसरी तरफ अमेरिका की सख्त नजर ईरान पर टिकी हुई है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐसा दावा कर दिया है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है. ट्रंप का कहना है कि ईरान ने खुद अमेरिका को फोन करके बातचीत की गुहार लगाई है, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि अगर हालात बिगड़े, तो अमेरिका पीछे नहीं हटेगा.
Iran US Talks Trump Warning Tehran in Hindi: ईरान ने कॉल किया
रविवार को एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के नेताओं ने अमेरिका से संपर्क किया है. ट्रंप के मुताबिक, ईरान अब अमेरिका से टकराव नहीं, बल्कि बातचीत चाहता है. ट्रंप ने कहा कि हां, उन्होंने कॉल किया. कल ईरान ने बातचीत के लिए फोन किया. ईरान के नेता बात करना चाहते हैं. मुझे लगता है कि वे अमेरिका से बार-बार मार खाकर थक चुके हैं. ईरान अब बातचीत चाहता है.
ट्रंप ने यह भी बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच बैठक की तैयारी चल रही है. हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान के अंदर जो हालात बने हुए हैं, उन्हें देखते हुए अमेरिका को बातचीत से पहले ही कोई कदम उठाना पड़ सकता है. ट्रंप ने कहा कि हम उनसे मिल सकते हैं. मीटिंग तय हो रही है. लेकिन मीटिंग से पहले हालात हमें कार्रवाई के लिए मजबूर कर सकते हैं.
US ठिकानों पर हमला किया तो करारा जवाब- ट्रंप की चेतावनी
जब एक पत्रकार ने ट्रंप से पूछा कि ईरान कह रहा है कि अगर अमेरिका ने हमला किया, तो वह अमेरिकी सैन्य और कारोबारी ठिकानों को निशाना बनाएगा, तो ट्रंप का जवाब बेहद सख्त था. ट्रंप ने कहा कि अगर उन्होंने ऐसा किया, तो हम उन्हें ऐसा जवाब देंगे, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की होगी. हम उन्हें ऐसे स्तर पर मारेंगे, जैसे उन्हें पहले कभी नहीं मारा गया.
क्या ईरान ट्रंप की धमकी को गंभीरता से लेगा?
इसके बाद जब रिपोर्टर ने पूछा कि क्या ईरान ट्रंप की धमकी को गंभीरता से लेगा, तो राष्ट्रपति नाराज हो गए. ट्रंप ने कहा कि क्या आपको नहीं लगता कि इतने सालों बाद वे मुझे गंभीरता से लेते होंगे? सोलेमानी मारा गया, अल-बगदादी खत्म हुआ, ईरान का परमाणु खतरा खत्म किया गया. यह बहुत बेवकूफी भरा सवाल है. (Iran US Talks Trump Warning Tehran Under Pressure in Hindi)
ईरान में इंटरनेट बंद
इस वक्त ईरान में पिछले दो दिनों से इंटरनेट बंद है. जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या अमेरिका ईरान में इंटरनेट चालू कराने पर विचार कर रहा है, तो उन्होंने कहा कि इस पर चर्चा चल रही है. ट्रंप ने संकेत दिए कि एलन मस्क की स्टारलिंक सेवा को लेकर भी बात हो सकती है. उन्होंने कहा कि हम इस पर बात करेंगे. हो सकता है इंटरनेट चालू कराया जाए. मैं एलन मस्क से बात कर सकता हूं.
‘किसी भी वक्त हो सकता है हमला’
अमेरिका में इस बीच ईरान को लेकर बयानबाजी और तेज हो गई है. अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने एक फंडरेजिंग कार्यक्रम में कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई कभी भी हो सकती है. ग्राहम ने कहा कि मुझे नहीं पता क्या होगा, लेकिन यह रात भी हो सकती है. अब सिर्फ समय की बात है. यह तानाशाही खत्म होनी चाहिए. उसे जाना होगा, चाहे खड़े-खड़े या गिरकर.
15 दिन से उबल रहा है ईरान
ईरान में बीते 15 दिनों से लगातार विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं. महंगाई, बेरोजगारी और खराब आर्थिक हालात के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए हैं. धीरे-धीरे ये प्रदर्शन देशभर में फैल गए और कई जगहों पर हिंसा भी हुई. मानवाधिकार संगठन Human Rights Activists in Iran (HRA) के मुताबिक, इन प्रदर्शनों के दौरान अब तक कम से कम 544 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं 10,681 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. HRA का कहना है कि देश के 31 प्रांतों के 186 शहरों और 585 जगहों पर प्रदर्शन हुए हैं और कई मामलों की जांच अभी भी जारी है. ये विरोध प्रदर्शन 28 दिसंबर को शुरू हुए थे और धीरे-धीरे पूरे देश में फैल गए. सरकार ने हालात संभालने के लिए गिरफ्तारी, सख्ती और बल प्रयोग का सहारा लिया है. एक तरफ ईरान के अंदर हालात बिगड़ते जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ अमेरिका की चेतावनियां हालात को और तनावपूर्ण बना रही हैं.
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