Ranchi News : वर्ष 1993 में सिर्फ 200 रुपये के लिए हुई थी हत्या, चार सजायाफ्ता बरी
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 14 Dec 2024 12:30 AM
लोन के रूप में दिये गये 200 रुपये मांगने पर कर दी गयी थी हत्या
रांची़ झारखंड हाइकोर्ट ने वर्ष 1993 में सिर्फ 200 रुपये के लिए हुई हत्या मामले के सजायाफ्ताओं की ओर से दायर अपील याचिका पर अपना फैसला सुनाया है. जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय व जस्टिस अरुण कुमार राय की खंडपीठ ने मामले के सजायाफ्ता जमादार पंडित, लखन पंडित (पूर्व में निधन हो चुका है), लक्खी पंडित व किशुन पंडित की आजीवन कारावास की सजा को निरस्त कर दिया. खंडपीठ ने अपील याचिकाओं को स्वीकार करते हुए निचली अदालत के सजा संबंधी आदेश को निरस्त कर दिया तथा सभी को मुक्त करने का निर्देश दिया. खंडपीठ ने चश्मदीद गवाह मृतक के पुत्र के बयान को नहीं माना. पूर्व में अपील याचिकाओं पर सुनवाई पूरी होने के बाद खंडपीठ ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. इससे पूर्व मामले के एमीकस क्यूरी अधिवक्ता टीएन वर्मा ने पैरवी की थी. उन्होंने खंडपीठ को बताया कि वर्ष 1993 में यह घटना जसीडीह थाना क्षेत्र में हुई थी, जिसमें लोन के रूप में दिये गये 200 रुपये मांगने पर हत्या कर दी गयी थी. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी लखन पंडित, जमादार पंडित, लखी पंडित, किशुन पंडित ने क्रिमिनल अपील याचिका दायर की थी. पटना हाइकोर्ट से ट्रांसफर होकर झारखंड हाइकोर्ट में आयी थी अपील : छह जून 1997 को देवघर की निचली अदालत ने नुनूलाल महतो की हत्या के आरोपी लखन पंडित, जमादार पंडित, लक्खी पंडित व किशुन पंडित को दोषी पाने के बाद आजीवन कारावास की सजा सुनायी थी. इसके बाद अपीलकर्ताओं ने पटना हाइकोर्ट में क्रिमिनल अपील याचिका दायर कर सजा को चुनौती दी थी. पटना हाइकोर्ट ने 1997 में अपीलकर्ताओं को जमानत दे दी. झारखंड राज्य गठन के बाद क्रिमिनल अपील याचिका पटना हाइकोर्ट से झारखंड हाइकोर्ट में ट्रांसफर हो गयी. अपील की सुनवाई में प्रार्थियों की ओर से कोई अधिवक्ता उपस्थित नहीं होता था. इसके बाद कोर्ट ने अंतत: अधिवक्ता टीएन वर्मा को एमीकस क्यूरी नियुक्त किया. क्या है मामला : नुनूलाल महतो ने 200 रुपये लोन के रूप में लखन पंडित को दिया था. लखन पंडित ने कहा था कि वह खेती बारी शुरू होने पर आपके खेत में काम कर रुपये लौटा देगा, लेकिन उसने काम नहीं किया और न ही रुपये लौटाये. तीन सितंबर 1993 को नुनूलाल महतो बिसवरिया गांव के लखन पंडित से पैसा मांगे जाने की बात कह कर घर से निकला था, लेकिन वह खाने के समय तक नहीं लौटा. इसके बाद पुत्र भैरव महतो बिसवरिया गांव पहुंचा, तो उसने देखा कि उसके पिता नुनूलाल महतो को टांगी-लाठी लिये हुए लोग घेरे हुए हैं. लोगों ने भैरव महतो को खदेड़ कर भगा दिया. भाग कर भैरव गांव पहुंचा और घटना की जानकारी चाचा को दी. चाचा ने सुबह जाने की बात कही. सुबह होने पर भैरव और उसके चाचा अन्य लोगों के साथ बिसवरिया गांव की ओर रवाना हुए. सभी लोग जब गांव की सीमा के पास पहुंचे, तो देखा कि नुनूलाल महतो का शव पड़ा है. इस मामले को लेकर मृतक नुनूलाल महतो के पुत्र भैरव ने जसीडीह थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










