पटना यूनिवर्सिटी में NSUI का दबदबा, महिलाओं ने गाड़ा झंडा और निर्दलीयों ने बदला समीकरण

शांतनु शेखर और खुशी कुमारी
PUSU Result: पटना यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में इस बार परिणामों ने कई राजनीतिक समीकरण बदल दिए. अध्यक्ष और महासचिव जैसे अहम पदों पर जीत ने जहां NSUI को मजबूती दी, वहीं उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार की जीत और संयुक्त सचिव-कोषाध्यक्ष पर ABVP की सफलता ने मुकाबले को बहुध्रुवीय बना दिया.
PUSU Result: पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव के रोमांचक मुकाबले के नतीजे साफ हो चुके हैं. इस बार के नतीजों ने न केवल छात्र राजनीति के नए चेहरों को पहचान दी है, बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि कैंपस की सत्ता में अब महिलाओं की भागीदारी पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है.
सेंट्रल पैनल की पांच प्रमुख सीटों पर हुए इस घमासान में NSUI ने अपना दबदबा कायम रखते हुए अध्यक्ष और महासचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कब्जा जमा लिया है.
सेंट्रल पैनल में NSUI की मजबूत पकड़
अध्यक्ष पद पर शांतनु शेखर ने 2896 वोट लाकर छात्र जदयू के प्रिंस कुमार को 1496 वोट से हराया. महासचिव पद पर खुशी कुमारी की 553 वोटों से जीत ने संगठन को सेंट्रल पैनल में निर्णायक बढ़त दी. लगातार दूसरी बार प्रमुख पदों पर जीत से एनएसयूआई ने कैंपस में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है.
यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि संगठन ने पिछले चुनाव के अपने प्रदर्शन को दोहराते हुए इस बार शीर्ष पदों पर पकड़ बनाई है.
निर्दलीय की जीत ने सबको चौंकाया
उपाध्यक्ष पद पर शिफत फैज की जीत इस चुनाव की सबसे बड़ी कहानी रही. टीम ओसामा से जुड़े फैज ने 1568 वोट पाकर छात्र जदयू के आयुष हर्ष को महज 71 वोट से हराया. यह जीत बताती है कि छात्र राजनीति में अब केवल संगठन नहीं, व्यक्तिगत पहचान भी निर्णायक हो रही है. शिफत की इस जीत ने कैंपस के पारंपरिक दलीय समीकरणों को हिला कर रख दिया है.
वहीं, महासचिव पद पर भी महिला शक्ति का दबदबा दिखा, जहां NSUI की खुशी कुमारी ने 2164 वोट हासिल कर छात्र राजद के प्रत्युष राज को 553 वोटों के अंतर से हराया. दो प्रमुख पदों पर महिलाओं की जीत यह संदेश देती है कि पीयू की छात्राओं ने अब नेतृत्व की कमान अपने हाथों में लेना शुरू कर दिया है.
एबीवीपी ने संगठनात्मक मजबूती दिखाई
संयुक्त सचिव पद पर अभिषेक कुमार ने 2173 वोट हासिल कर एनएसयूआई के मोनव्वर आजम को 392 वोट से हराया. वहीं कोषाध्यक्ष पद पर हर्षवर्धन ने 1519 वोट पाकर छात्र जदयू उम्मीदवार को 90 वोट से मात दी. इससे स्पष्ट है कि एबीवीपी ने संगठन स्तर पर अपनी कैडर ताकत बनाए रखी है.
इस पूरे चुनाव में सबसे चिंताजनक पहलू कम मतदान रहा. 41 बूथों पर हुई वोटिंग में महज 37.84% मतदाताओं ने ही हिस्सा लिया. महिला ट्रेनिंग कॉलेज में जहां सबसे अधिक 59 फीसदी वोट पड़े, वहीं बीएन कॉलेज में सबसे कम 21.02 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई.
चुनाव के दौरान नामांकन गड़बड़ी को लेकर हंगामा और साइंस कॉलेज में फायरिंग की घटना ने भी माहौल को तनावपूर्ण बनाया, लेकिन देर रात परिणाम घोषित होने के साथ ही कैंपस में राजनीतिक तस्वीर साफ हो गयी. छात्रसंघ चुनाव के ये नतीजे संकेत दे रहे हैं कि आने वाले वर्षों में पीयू की राजनीति में संगठन, चेहरे और मुद्दों के बीच त्रिकोणीय मुकाबला और तेज होगा.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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