गृह और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देकर ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी जा सकती है: कल्पना सोरेन 

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कल्पना सोरेन (Image- X @JMMKalpanaSoren)

गांडेय की विधायक कल्पना सोरेन महिलाओं की सामूहिक शक्ति और सहयोग की भावना को समाज परिवर्तन का आधार बताया. गृह एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने की जरूरत पर बल दिया. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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रांची से सुनील चौधरी की रिपोर्ट 

गांडेय की विधायक कल्पना सोरेन ने कहा है कि विकेंद्रित उत्पादन व्यवस्था ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है. उन्होंने महिलाओं की सामूहिक शक्ति, आत्मनिर्भरता और सहयोग की भावना को समाज में बदलाव का आधार बताया है.

एक्स पर शेयर किया पोस्ट 

कल्पना सोरेन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए “संघे शक्ति कलियुगे” की अवधारणा को रेखांकित किया. उन्होंने श्री महिला गृह उद्योग लिज्जत पापड़ का उदाहरण देते हुए कहा कि यह केवल एक उद्योग नहीं, बल्कि महिला सशक्तीकरण का सशक्त आंदोलन है, जिसने लाखों महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका से जोड़ा है.

मुंबई डब्बावाला एसोसिएशन की कार्यप्रणाली से मिली प्रेरणा 

कल्पना सोरेन ने बताया कि झारखंड विधानसभा की महिला एवं बाल विकास समिति के महाराष्ट्र अध्ययन दौरे के दौरान मुंबई स्थित मुंबई डब्बावाला एसोसिएशन की कार्यप्रणाली को नजदीक से समझने का अवसर मिला. लगभग 135 वर्षों से अनुशासन, मेहनत और समयबद्ध सेवा के लिए विश्वभर में पहचान बना चुके डब्बावालों की कार्यशैली प्रेरणादायक है.

गृह एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने पर जोर 

कल्पना सोरेन ने कहा कि विकेंद्रित उत्पादन व्यवस्था महिलाओं को घर या स्थानीय स्तर पर रहकर काम करने की सुविधा देती है. इससे महिलाएं पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ आर्थिक रूप से भी सशक्त बनती हैं. साथ ही स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक कौशल को भी बढ़ावा मिलता है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए गृह एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देना जरूरी है. लिज्जत पापड़ जैसे सफल प्रारूप को हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण और लघु उद्योग जैसे क्षेत्रों में भी लागू किया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सके.

सरकार और निजी क्षेत्र से प्रयास की अपील 

विधायक ने सरकार, स्वयंसेवी संस्थाओं और निजी क्षेत्र से समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण परिवारों को स्थायी और सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराई जा सकती है. विदित हो कि कल्पना सोरेन झारखंड विधानसभा की महिला एवं बाल विकास समिति की सभापति हैं.

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श्वेता वैद्य

लेखक के बारे में

By श्वेता वैद्य

श्वेता वैद्य प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हैं. उन्हें कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक साल से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में श्वेता झारखंड बीट को कवर कर रही हैं, जहां वह राज्य की ताजा खबरें, लोगों की भलाई से जुड़े मुद्दे, सरकारी योजनाओं, स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विषयों पर आधारित स्टोरीज तैयार करती हैं. श्वेता की हर बार कोशिश यही रहती है कि बात आसान, साफ और सीधे तरीके से लोगों तक पहुंचे, जिससे कि हर कोई उसे बिना दिक्कत के समझ सके. कंटेंट राइटर के तौर पर उनका फोकस होता है कि कंटेंट सिंपल, रिलेटेबल और यूजर-फ्रेंडली हो.

झारखंड बीट से पहले उन्होंने लाइफस्टाइल बीट के लिए भी कंटेंट लिखा. इस बीट में उन्होंने रेसिपी, फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स, गार्डनिंग टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर आर्टिकल लिखे.

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