20 अगस्त को झारखंड में आंधी-तूफान के साथ वर्षा का अलर्ट, बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर का असर

झारखंड में लगातार बरस रहा मानसून. खेतों में जमा पानी. फोटो : प्रभात खबर
Kal Ka Mausam: बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के असर से झारखंड में 20 अगस्त को आंधी-तूफान के साथ वर्षा होगी. कुछ जगहों पर वज्रपात भी हो सकता है. तेज हवाओं के झोंके की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है. भारत मौसम विज्ञान विभाग के रांची स्थित मौसम केंद्र ने इस संबंध में येलो अलर्ट जारी किया है.
Kal Ka Mausam: बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) बनने का असर झारखंड के मौसम पर देखने को मिलेगा. 20 अगस्त को राज्य के कई जिलों में आंधी-तूफान और गरज के साथ वर्षा एवं वज्रपात की चेतावनी जारी की गयी है. मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि इस दौरान तेज हवाओं का झोंका चलेगा, जिसकी गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है.
आंध्र के तट को पार कर गया चक्रवाती परिसंचरण
मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिम मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तरी आंध्रप्रदेश-दक्षिण ओडिशा तटों पर गहरा निम्न दबाव का क्षेत्र बना है. इससे संबंधित चक्रवाती परिसंचरण औसत समुद्र तल से 9.6 किलोमीटर ऊपर तक फैला है, जो 19 अगस्त को दक्षिण ओडिशा-उत्तरी आंध्रप्रदेश के तटों को पार कर गया.
अब इन इलाकों से गुजर रहा है मानसून ट्रफ
मौसम केंद्र रांची के एक वैज्ञानिक ने बताया मानसून ट्रफ अब दीव, सूरत, नंदूरबार, अमरावती से गुजर रहा है. डिप्रेशन का सेंटर दक्षिणी आंतरिक ओडिशा और दक्षिणी-पश्चिमी से पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैला है. इसका असर झारखंड के मौसम पर भी देखा जायेगा.
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24 घंटे के दौरान झारखंड में सामान्य रहा मानसून
मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि झारखंड में पिछले 24 घंटे के दौरान मानसून सामान्य रहा. कई जगहों पर गर्जन के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा हुई. सबसे अधिक 36.6 मिलीमीटर वर्षा पश्चिमी सिंहभूम के गोईलकेरा में हुई. सबसे अधिक उच्चतम तापमान 35.3 डिग्री सेंटीग्रेड गोड्डा में और सबसे कम न्यूनतम तापमान लातेहार में 20.7 डिग्री सेंटीग्रेड दर्ज किया गया.
अधिकतम, न्यूनतम तापमान में बड़ा बदलाव नहीं
मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि पिछले 24 घंटे के दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया. अगले 5 दिनों तक उच्चतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है.
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20 अगस्त को रांची में अधिकतम तापमान में गिरावट संभव
राजधानी रांची में 20 अगस्त को अधिकतम तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है. दिन में आसमान में बादल छाये रहेंगे. दो बार या इससे अधिक बार हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा होने की संभावना है. न्यूनतम तापमान में कोई परिवर्तन नहीं होने की संभावना है. यह 22 डिग्री सेल्सियस बना रह सकता है.
झारखंड में अब तक 27 फीसदी अधिक बरसा मानसून
मौसम विभाग ने मानसून की बारिश का जो आंकड़ा जारी किया है, उसके मुताबिक, 1 जून 2025 से 19 अगस्त 2025 तक सामान्य से 27 फीसदी अधिक बारिश हुई है. कई जिलों में 50 फीसदी से ज्यादा अतिरिक्त बारिश हो चुकी है. ऐसे जिलों में पूर्वी सिंहभूम, रांची, धनबाद, लातेहार और सरायकेला-खरसावां जिला शामिल हैं.
Kal Ka Mausam: 888.9 मिमी हो चुकी है मानसून की बारिश
झारखंड में अब तक मानसून 888.9 मिलीमीटर बरस चुका है, जो सामान्य वर्षा 700.5 मिलीमीटर से 27 फीसदी अधिक है. हालांकि, अतिरिक्त वर्षा की दर धीरे-धीरे कम होती जा रही है, क्योंकि अगस्त के महीने में राज्य में सामान्य से कम वर्षा हुई है.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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