टेंडर कमीशन घोटाले में दो रिटायर्ड इंजीनियरों ने किया सरेंडर, जमानत पर रिहा

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झारखंड टेंडर घोटाले की ईडी कर रही है जांच. प्रतीकात्मक फोटो.

Jharkhand Tender Scam: झारखंड के टेंडर कमीशन घोटाले में दो रिटायर्ड इंजीनियरों ने कोर्ट में सरेंडर किया. पीएमएलए अदालत ने दोनों को एक लाख के मुचलके पर जमानत दी. ईडी की जांच में कई वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं. मामले की सुनवाई जारी है और आगे और आरोपियों पर कार्रवाई की संभावना बनी हुई है. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

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रांची से प्रणब की रिपोर्ट

Jharkhand Tender Scam: झारखंड के ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े चर्चित टेंडर कमीशन घोटाले में एक अहम मोड़ सामने आया है. इस मामले में आरोपी रिटायर्ड चीफ इंजीनियर सुरेंद्र कुमार और रिटायर्ड एग्जीक्यूटिव इंजीनियर रमेश ओझा ने पीएमएलए की विशेष अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया. यह मामला लंबे समय से चर्चा में था और अब इसमें कानूनी प्रक्रिया तेज होती नजर आ रही है.

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अदालत से मिली जमानत, शर्तें सख्त

आत्मसमर्पण के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को राहत देते हुए एक-एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी. हालांकि, कोर्ट ने जमानत के साथ सख्त शर्तें भी तय की हैं. आरोपियों को हर निर्धारित तिथि पर अदालत में उपस्थित रहना होगा और जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करना होगा. यदि वे इन शर्तों का उल्लंघन करते हैं, तो उनकी जमानत रद्द की जा सकती है.

ईडी की जांच में सामने आए कई पहलू

इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की जा रही है. ईडी पहले ही 14 आरोपियों के खिलाफ प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल कर चुकी है. अदालत ने इस पर संज्ञान लेते हुए सभी आरोपियों को समन जारी किया था. जांच के दौरान वित्तीय लेन-देन और संदिग्ध भुगतान से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है.

टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप

बताया जा रहा है कि यह घोटाला सरकारी टेंडर प्रक्रिया में कमीशनखोरी और नियमों की अनदेखी से जुड़ा है. आरोप है कि सरकारी कार्यों के आवंटन में पारदर्शिता का पालन नहीं किया गया और कुछ विशेष पक्षों को लाभ पहुंचाने के लिए अनियमितताएं बरती गईं. इस कारण सरकारी व्यवस्था की साख पर भी सवाल उठे हैं.

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अदालत में सुनवाई रहेगी जारी

फिलहाल दोनों आरोपियों को जमानत मिलने से अस्थायी राहत जरूर मिली है, लेकिन मामले की सुनवाई जारी है. आने वाले दिनों में अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज होने की संभावना है. जांच एजेंसियां इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं, जिससे भविष्य में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.

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