झारखंड में 12 साल बाद विवि शिक्षकों की प्रोन्नति का रास्ता साफ, जानें किस वजह से फंसा है पेंच

Published by : Sameer Oraon Updated At : 11 Sep 2022 6:39 AM

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झारखंड में 12 साल बाद विवि शिक्षकों के प्रोन्नति का रास्ता साफ हो गीया , सीएम हेमंत सोरेन ने यूजीसी रेगुलेशन 2010 के प्रस्ताव के मंजूरी दे दी. कैबिनेट से स्वीकृति मिलने के बाद इन्हें जल्द ही राज्यपाल के पास भेजा जाएगा.

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झारखंड में 12 वर्षों के बाद विवि शिक्षकों का प्रोन्नति परिनियम लागू किया जायेगा. उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग के मंत्री सह राज्य के सीएम हेमंत सोरेन ने यूजीसी रेगुलेशन 2010 के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है. इसे शीघ्र ही कैबिनेट से स्वीकृति दिलायी जायेगी. इसके बाद अंतिम स्वीकृति राज्यपाल सह कुलाधिपति द्वारा दी जायेगी. राज्यपाल रमेश बैस भी विभाग को यूजीसी रेगुलेशन 2010 शीघ्र लागू कराने का कई बार निर्देश दे चुके हैं. मामले में झारखंड हाइकोर्ट द्वारा अवमानना वाद भी चला है.

रेगुलेशन 2018 लागू है, पर रेगुलेशन 2010 नहीं : झारखंड में छह अगस्त 2021 की तिथि को यूजीसी रेगुलेशन-2018 लागू किया गया. इससे संशोधित प्रस्ताव को भी हाल ही में कैबिनेट से स्वीकृति भी मिली है. लेकिन राज्य में यूजीसी रेगुलेशन-2010 पिछले 12 साल से लागू नहीं हो सका है. इससे झारखंड में एक जनवरी 2009 के बाद से अब तक हजारों शिक्षकों की प्रोन्नति फंसी हुई है.

उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग विवि सिंडिकेट/सीनेट से रेगुलेशन प्रस्ताव की स्वीकृति भी ले चुका है. इसके बाद उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर इसे कार्मिक व वित्त विभाग के पास भेजा, जहां आंशिक त्रुटि में संशोधन करने के बाद स्वीकृति दी गयी.

परिनियम नहीं रहने से फंसी है प्रोन्नति :

जानकारी के अनुसार, झारखंड में 22.9.1995 तक कालबद्ध प्रोन्नति योजना लागू थी. जिसका कट ऑफ डेट 23.9.1995 तक रहा. इसके बाद 1995 से 27.7.1998 तक एक भी प्रोन्नति परिनियम नहीं बना. जिससे 1981-82 में नियुक्त हुए शिक्षकों को प्रोन्नति नहीं मिल सकी और वे सेवानिवृत्त भी हो गये.

कालांतर में राज्य सरकार ने 27.7.1998 के प्रभाव से जुलाई 2008 में करियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत प्रोन्नति परिनियम लागू किया और उसे 31 दिसंबर 2008 में समाप्त भी कर दिया. इसके बाद परिनियम नहीं रहने से शिक्षकों की प्रोन्नति फंसी हुई है. कई शिक्षक असिस्टेंट प्रोफेसर के पद से ही सेवानिवृत्त हो गये.

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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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