धनबाद भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाला मामले में आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई, हाईकोर्ट ने मांगा बिंदुवार जवाब
झारखंड हाईकोर्ट की फाइल फोटो.
Jharkhand High Court: धनबाद भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाला मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने 18 आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई की. सरकार से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अदालत ने बिंदुवार जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया. मामले की अगली सुनवाई 30 जून को होगी.
रांची से राणा प्रताप की रिपोर्ट
Jharkhand High Court: धनबाद भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाला मामले में झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस राजेश कुमार की अदालत में बुधवार को 18 आरोपियों की क्रिमिनल अपील (जमानत) याचिका पर सुनवाई हुई. अदालत ने प्रार्थियों और राज्य सरकार दोनों का पक्ष सुना. सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिए जाने पर अदालत ने अगली सुनवाई से पहले मामले में बिंदुवार जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया. मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 जून की तिथि निर्धारित की गई है.
18 आरोपियों ने लगाई जमानत की गुहार
मामले में विशाल कुमार समेत कुल 18 आरोपियों ने हाईकोर्ट से जमानत देने की मांग की है. जमानत याचिका दायर करने वालों में सुशील प्रसाद, विशाल कुमार, अशोक कुमार महथा, कुमारी रत्नाकर, दिलीप गोप, बापी राय चौधरी, सुमेश्वर शर्मा, शंकर प्रसाद दुबे, अनिल कुमार, नीलम सिन्हा, हर्ष कुमार, उमेश महतो, उदय कांत पाठक, राम कृपाल गोस्वामी, रविंद्र कुमार, आलोक बरियार, काली प्रसाद सिंह और अनुपम कुमारी शामिल हैं. इन सभी की ओर से अदालत से राहत देने की अपील की गई है.
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों के भुगतान का आरोप
मामले में आरोप है कि भूमि अधिग्रहण के दौरान वास्तविक रैयतों के बजाय अन्य व्यक्तियों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों रुपये के मुआवजे का भुगतान कर दिया गया था. जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि पूरे मामले में भू-माफिया, तत्कालीन अंचल अधिकारियों और कुछ सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से इस कथित घोटाले को अंजाम दिया गया था. इससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा.
नौ जनवरी को हुई थी आरोपियों की गिरफ्तारी
इस चर्चित मामले में 9 जनवरी को आरोपियों की गिरफ्तारी की गई थी. तभी से सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं. मामले की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) धनबाद की ओर से की जा रही है.
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30 जून को फिर होगी सुनवाई
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को अगली सुनवाई से पहले मामले से संबंधित सभी बिंदुओं पर विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. अब इस मामले में 30 जून को होने वाली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि उसी दिन आरोपियों की जमानत याचिका पर आगे की प्रक्रिया तय होगी.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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