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नियमावली में बदलाव, JTET के लिए भी झारखंड से मैट्रिक और इंटर पास करना जरूरी, जानें कैबिनेट के बड़े फैसले

Updated at : 11 Feb 2022 6:34 AM (IST)
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नियमावली में बदलाव, JTET के लिए भी झारखंड से मैट्रिक और इंटर पास करना जरूरी, जानें कैबिनेट के बड़े फैसले

कल झारखंड कैबिनेट की बैठक हुई जिसमें जेटेट नियमावली के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गयी. इसके अनुरूप अब राज्य से मैट्रिक और इंटर की परीक्षा पास करना जरूरी हो गया है. इसके अलावा अब प्रमाण पत्र की मान्यता आजीवन होगी.

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रांची : झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) नियमावली को कैबिनेट ने गुरुवार को मंजूरी दे दी. कैबिनेट की गुरुवार को हुई बैठक में कुल 63 प्रस्ताव पर सहमति बनी. नयी जेटेट नियमावली के अनुसार, अब परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी का झारखंड से मैट्रिक और इंटर की परीक्षा पास होना अनिवार्य होगा. आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को इससे छूट दी गयी है. परीक्षा जैक द्वारा ली जायेगी.

नियमावली में किये गये बदलाव के अनुरूप अब प्रमाण पत्र की मान्यता आजीवन होगी. पूर्व में प्रमाण पत्र की मान्यता की अवधि सात वर्ष ही थी. संशोधित नियमावली के अनुसार, एसटी-एससी और दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए अब 50 फीसदी अंक लाना अनिवार्य होगा. अन्य वर्ग के अभ्यर्थियों का पास मार्क्स पूर्व की भांति रहेगा.

शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली 2019 में उर्दू शिक्षकों के लिए अंग्रेजी 30 और उर्दू के लिए 20 अंक की परीक्षा निर्धारित की गयी थी. लेकिन अब अंक में बदलाव किया गया है. उर्दू और अंग्रेजी दोनों भाषा की परीक्षा अब 25 -25 अंकों की होगी. विज्ञान के विभिन्न विषयों के अंक निर्धारण में भी एकरूपता लायी गयी है.

सोना सोबरन योजना से 64 लाख होंगे लाभान्वित :

कैबिनेट ने सोना सोबरन धोती साड़ी वितरण योजना के लिए जन वितरण प्रणाली दुकानदारों को प्रति वस्त्र एक रुपया कमीशन देने का निर्णय लिया. छह माह में 64 लाख लोगों को योजना का लाभ प्राप्त होगा. डीलरों के कमीशन पर 1.28 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.

ऑफलाइन भी निर्गत होता जाति प्रमाण पत्र :

कैबिनेट ने जाति प्रमाण पत्र ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन निर्गत करने के प्रस्ताव पर सहमति दी. अब तक राज्य में जाति प्रमाण पत्र पूर्णत: ऑनलाइन ही बनाया जाता था.

मुख्यमंत्री मेधा छात्रवृत्ति योजना में संशोधन :

कैबिनेट ने मुख्यमंत्री मेधा छात्रवृत्ति योजना में संशोधन का फैसला किया. पूर्व में मेधा छात्रवृत्ति योजना में लाभुकों की संख्या जिला और प्रखंड की आबादी पर आधारित थी. अब सभी जिलों के लिए हर वर्ष छात्रवृत्ति की संख्या पांच हजार निर्धाारित कर दी गयी है.

196% किया गया संविदा कर्मियों का महंगाई भत्ता

कैबिनेट सचिव वंदना डाडेल ने बताया कि कैबिनेट ने राज्य सरकार में संविदा के आधार पर कार्यरत कर्मियों के महंगाई भत्ते में वृद्धि करने का फैसला किया. संविदा पर काम कर रहे कर्मियों को अब तक महंगाई भत्ता 113 प्रतिशत मिलता था. मंत्रि परिषद ने इसे बढ़ा कर 196 प्रतिशत करने पर स्वीकृति दी .

Posted By : Sameer Oraon

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