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Jharkhand Budget 2021 : कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने पर जोर, मनरेगा मजदूरों की बढ़ी मजदूरी

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
सदन में बजट पेश करने से पहले सीएम हेमंत सोरेन से मिलते वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव.
सदन में बजट पेश करने से पहले सीएम हेमंत सोरेन से मिलते वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव.
ट्विटर.

Jharkhand Budget Session 2021, Ranchi News, रांची : झारखंड विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2021-22 का बजट पेश हुआ. बुधवार (3 मार्च, 2021) को वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने झारखंड का बजट पेश किया. आगामी वित्तीय वर्ष के लिए वित्त मंत्री ने 91,277 करोड़ रुपये का बजट सदन में पेश किया. इस दौरान हर सेक्टर के विकास पर जोर दिया गया. खासकर कृषि और ग्रामीण विकास पर विशेष जोर रहा. वहीं, मनरेगा मजदूरी में 31 रुपये की बढ़ोतरी हुई. सीएम हेमंत सोरेन ने इस बजट को सराहते हुए इसे दूरगामी सोच का बजट बताया. उन्होंने कहा कि इस बार राज्य सरकार ने आउटकम बजट का प्रावधान निर्धारित किया है. सिर्फ बजट बनाने पर वर्तमान सरकार जोर नहीं दे रही है, बल्कि बजट के परिणाम पर भी विशेष फोकस रखा गया है.

सदन में झारखंड का बजट पेश करते वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने इस वित्तीय वर्ष में विकास दर 9.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया. इस दौरान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से ग्रामीण विकास विभाग, जल संसाधन विभाग, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के लिए समेकित रूप से आगामी वित्तीय वर्ष में 18,653 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. कोरोना वायरस संक्रमण के बावजूद वित्तीय वर्ष 2020- 21 की तुलना में आगामी वित्तीय वर्ष 2021-22 में करीब 11 फीसदी अधिक है.

वित्त मंत्री श्री उरांव ने आशा जतायी कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में काफी विकास होगा. वहीं, हर प्रमंडल में गौ मुक्तिधाम की स्थापना के अतिरिक्त किसानों को एक जोड़ा बैल देने की बात कही. इसके अलावा आवागमन को सुचारू बनाने के लिए देवघर, गिरिडीह और धनबाद में रिंग रोड बनाने की घोषणा की गयी.

आत्मनिर्भर झारखंड की दिखी झलक

वित्त मंत्री डॉ उरांव ने अपने बजटीय संबोधन में आत्मनिर्भर भारत के साथ-साथ आत्मनिर्भर झारखंड की भी झलक दिखायी. इस दौरान युवाओं को स्वरोजगार बढ़ाने पर विशेष जोर दिया. मुर्गी पालन के अलावा मत्स्य उत्पादन, बत्तख पालन, डेयरी आदि के जरिये युवाओं को आत्मनिर्भर बनने पर जोर दिया.

ग्रामीण महिलाओं के उत्थान पर जोर

इस बजट में ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के विकास पर भी जोर दिया गया है. इसके तहत राज्य के सखी मंडलों को वित्तीय वर्ष 2021-22 में 50 हजार सखी मंडलों को चक्रीय निधि तथा 20 हजार सखी मंडलों को सामुदायिक निधि (Community fund) उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया. वहीं, सखी मंडल की दीदियों द्वारा निर्मित उत्पादों को पलाश ब्रांड के जरिये एक पहचान दिलाने के उद्देश्य से करीब 2 लाख ग्रामीण महिलाओं की आमदनी में सुनिश्चित किया गया है.

मनरेगा मजदूरों की बढ़ी मजदूरी

झारखंड में मनरेगा मजदूरों की मजदूरी दर 31 रुपये बढ़ा दी गयी है. राज्य सरकार ने अपने संसाधनों में बढ़ोतरी करते हुए मनरेगा मजदूरों को 194 रुपये के बदले 225 रुपये मजदूरी भुगतान किया जायेगा.

किसानों की ऋण माफी के लिए 1200 करोड़ रुपये आवंटित

झारखंड के किसानों को ऋण माफी को लेकर राज्य सरकार काफी गंभीर दिख रही है. बजट में भी इसका प्रभाव दिखा. वित्त मंत्री डॉ उरांव ने सदन को बताया कि कृषि ऋण माफी के लिए 1200 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं, ताकि राज्य के किसानों को खेती-बारी करने में कोई परेशानी उत्पन्न ना हो. इसके अलावा किसान समृद्धि योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2021-22 में 4,583 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

Posted By : Samir Ranjan.

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