झारेरा का हंटर: रांची के 77 बिल्डरों पर 83.50 लाख का जुर्माना, ये काम नहीं किया तो बैंक खाते भी होंगे फ्रीज

77 बिल्डरों पर 83.50 लाख रुपये का जुर्माना
JHARERA Ranchi Penalty: रांची के बिल्डरों पर झारेरा ने कानून का डंडा चलाया है. नियमों के मुताबिक हर 3 महीने में रिपोर्ट जमा नहीं करने वाले 77 बिल्डरों पर 83.50 लाख रुपये का जुर्माना ठोका गया है. झारेरा ने साफ कर दिया है कि अगर जुर्माना नहीं भरा गया, तो बैंक खाते फ्रीज कर दिए जाएंगे. देखिए, कैसे रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता लाने के लिए अथॉरिटी अब कोई समझौता नहीं कर रही है.
JHARERA Ranchi Penalty, रांची (विवेक चंद्रा): झारखंड भू-संपदा नियामक प्राधिकरण (JHARERA) ने नियमों की अनदेखी करने वाले रांची के बिल्डरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. त्रैमासिक प्रगति प्रतिवेदन (QPR) जमा करने में कोताही बरतने के मामले में झारेरा न्यायालय ने रांची के 77 बिल्डरों पर कुल 83.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. प्राधिकरण की इस कार्रवाई ने उन बिल्डरों की नींद उड़ा दी है जो प्रोजेक्ट की प्रगति की जानकारी साझा करने में लापरवाही बरत रहे थे.
106 बिल्डरों को जारी किया गया था नोटिस
झारेरा द्वारा कुल 106 बिल्डरों को समय पर रिपोर्ट जमा न करने के आरोप में नोटिस जारी किया गया था. इनमें से 77 बिल्डरों को नोटिस प्राप्त हो चुका है. प्राधिकरण ने सभी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का अंतिम अवसर दिया था, जिसके बाद यह कठोर फैसला सुनाया गया है.
हर लंबित रिपोर्ट पर 25 हजार का दंड
प्राधिकरण के आदेशानुसार, जो बिल्डर हर तीन महीने में दी जाने वाली अनिवार्य रिपोर्ट जमा करने में विफल रहे हैं, उन पर प्रति रिपोर्ट 25 हजार रुपये की दर से जुर्माना लगाया गया है. इसी गणना के आधार पर 77 बिल्डरों पर 83.50 लाख रुपये की कुल राशि देय है. यह राशि सीधे तौर पर नियमों के उल्लंघन और ग्राहकों के प्रति जवाबदेही न होने का परिणाम है.
बैंक खाते फ्रीज करने की तैयारी
जुर्माना न देने वाले बिल्डरों के खिलाफ प्राधिकरण और भी कड़ा रुख अपनाने जा रहा है. झारेरा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर जुर्माना राशि जमा नहीं की गई, तो संबंधित बिल्डरों के बैंक खातों को फ्रीज करने की अनुशंसा की जाएगी. जिन 29 बिल्डरों तक अब तक भौतिक नोटिस नहीं पहुँच सका है, उन्हें अब ई-मेल और व्हाट्सएप के जरिए सूचना दी जा रही है ताकि वे प्रक्रिया का हिस्सा बन सकें.
कार्रवाई का असर और चेतावनी
इस कार्रवाई के दौरान कुछ बिल्डरों ने जुर्माने की राशि जमा कर अपने मामले को स्थगित कराया है. झारेरा का संदेश साफ है कि प्रोजेक्ट चाहे छोटा हो या बड़ा, ग्राहकों को उनके निवेश की प्रगति की जानकारी देना अनिवार्य है.
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लेखक के बारे में
By Sameer Oraon
इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.
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