रांची की ट्रैफिक व्यवस्था पर झारखंड हाईकोर्ट ने जतायी नाराजगी, कहा- ऐसा लगता है जवान अदृश्य हो गये

Jharkhand High Court
रांची में ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए 15 जून से होमगार्ड के 600 जवानों को लगाया जाना था. राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि ट्रैफिक को लेकर विस्तृत शपथ पत्र दायर किया जायेगा.
रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने राजधानी रांची में ट्रैफिक की लचर व्यवस्था को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की. जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय व जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ ने मौखिक रूप से टिप्पणी करते हुए कहा कि राजधानी रांची में ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए 15 जून से होमगार्ड के 600 जवानों को लगाया जाना था. राज्य सरकार ने शपथ पत्र दायर कर यह जानकारी दी थी. जबकि, आज कहा जा रहा है कि कुछ जगहों पर होमगार्ड के जवानों को ट्रैफिक व्यवस्था में लगाया गया है.
हाईकोर्ट ने जतायी नाराजगी
खंडपीठ ने सरकार के जवाब पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि रांची शहर में ट्रैफिक व्यवस्था में ये जवान कहां लगाये गये हैं, दिख नहीं रहा है. ऐसा प्रतीत होता है कि जवान अदृश्य हो गये हैं. खंडपीठ ने नाराजगी जताते हुए कहा कि 900 ई-रिक्शा को परमिट दिया गया है, जबकि शहर में 4500 से अधिक ई-रिक्शा चल रहे हैं. ट्रैफिक जाम की स्थिति वही है. शहर में कई जगहों पर ट्रैफिक लाइट खराब है. ट्रैफिक पुलिसकर्मी तेज धूप में खड़े रहते हैं.
खंडपीठ ने कहा- एफिडेविट में ट्रैफिक व्यवस्था सुदृढ़ करने की बातें बेमानी
उनके लिए ट्रैफिक पोस्ट की व्यवस्था तक नहीं है. वैसी स्थिति में ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद कैसे की जा सकती है. जब कोर्ट आदेश देता है, तो शुरू में दो-तीन दिनों तक ट्रैफिक नियंत्रित करने की पहल होती है, लेकिन बाद में फिर से अव्यवस्थित हो जाती है. खंडपीठ ने कहा कि एफिडेविट में ट्रैफिक व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए कही गयीं बातें बेमानी हो चुकी हैं. अब एफिडेविट से काम नहीं चलेगा. काम धरातल पर दिखना चाहिए.
27 जून को होगी अगली सुनवाई
मामले की अगली सुनवाई 27 जून को होगी. इससे पूर्व राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि ट्रैफिक को लेकर विस्तृत शपथ पत्र दायर किया जायेगा. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी राहुल कुमार दास ने जनहित याचिका दायर की है. पिछली सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से बताया गया था कि होमगार्ड के 600 जवानों को प्रशिक्षण देकर 15 जून से ट्रैफिक व्यवस्था संभालने में लगाया जायेगा.
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By Prabhat Khabar News Desk
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