रांची (प्रमुख संवाददाता). विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को प्रभारी मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि रेलवे व एनएचएआइ की ओर से एनओसी नहीं मिलने के कारण धनबाद जलापूर्ति योजना फेज-1, धनबाद जलापूर्ति योजना फेज-2, झमाडा की जलापूर्ति योजना पूरी नहीं हो पा रही है. इस संबंध में दोनों एजेंसियों को पत्र भेज कर एनओसी प्रदान करने का आग्रह किया गया है. एनओसी मिलने के बाद 15 माह के अंदर इन योजनाओं का काम पूरा कर लिया जायेगा. भाजपा विधायक राज सिन्हा की ओर से ध्यानाकर्षण सूचना के तहत उठाये गये सवाल पर मंत्री ने यह जानकारी दी. विधायक श्री सिन्हा ने कहा कि इन योजना के पूरा होने में विलंब होगा. ऐसे में पेयजल की समस्या के निदान को लेकर वैकल्पिक व्यवस्था की जाये, ताकि लोगों को परेशानी नहीं हो. इस मंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से इसको लेकर ठोस कदम उठाया जायेगा. मंत्री ने बताया कि धनबाद जलापूर्ति योजना फेज-1 का कार्य 166.12 करोड़ रुपये में मेसर्स एसइपीसी लिमिटेड को चार दिसंबर 2018 को आवंटित किया गया था. इसकी भौतिक प्रगति 56.10 प्रतिशत है. इस योजना क्षेत्र में कुल 14 रेलवे क्रासिंग हैं, जिसमें एक का एकरारनामा हो चुका है. रेलवे से बकाया एनओसी मिलने के बाद आठ माह के अंदर योजना का कार्य पूरा किया जायेगा. इसी प्रकार धनबाद जलापूर्ति योजना फेज-2 के लिए डीवीसी से एनओसी मांगी गयी है. एनओसी मिलने के बाद 15 माह में कार्य पूरा किया जायेगा. झमाडा जलापूर्ति योजना के लिए रेलवे व एनएचएआइ से एनओसी मांगी गयी है. इस योजना को पूर्ण करने के लिए 30 जून 2025 की तिथि निर्धारित की गयी है. विधायक श्री सिन्हा ने छह वर्षों में इन योजनाओं के पूर्ण नहीं होने पर सवाल उठाया था.
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