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Jharkhand: पुलिस संरक्षण में चल रहा लातेहार में कोयले का काला धंधा, नेता सहित उग्रवादी समर्थक शामिल

Updated at : 22 Jan 2023 8:03 AM (IST)
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Jharkhand: पुलिस संरक्षण में चल रहा लातेहार में कोयले का काला धंधा, नेता सहित उग्रवादी समर्थक शामिल

अवैध कोयला के इस कारोबार को संरक्षण देनेवाले प्रति ट्रक 90 से 95 हजार रुपये की वसूली करते हैं. बालूमाथ थाना क्षेत्र के विभिन्न इलाकों से कोयले के अवैध कारोबार की पुष्टि पुलिस की जांच में भी हो चुकी है.

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रांची, अमन तिवारी : लातेहार में इन दिनों फिर से एक बार पुलिस के संरक्षण में कोयला का काला धंधा शुरू हो गया है. कोयले का यह अवैध कारोबार बालूमाथ थाना क्षेत्र के बुकरू साइडिंग से किया जा रहा है. इस धंधे में पुलिस प्रशासन के अलावा नेता, उग्रवादी समर्थक और पत्रकार भी जुड़े हैं. एनटीपीसी की ओर से जिन ट्रांसपोर्टरों को बुकरू रेलवे साइडिंग तक कोयला पहुंचाने की जिम्मेवारी दी गयी थी, वे भी इस अवैध धंधे से जुड़ गये हैं. हाइवा के मालिक और चालक भी इसमें शामिल हैं. अवैध कोयला के इस कारोबार को संरक्षण देनेवाले प्रति ट्रक 90 से 95 हजार रुपये की वसूली करते हैं. बालूमाथ थाना क्षेत्र के विभिन्न इलाकों से कोयले के अवैध कारोबार की पुष्टि पुलिस की जांच में भी हो चुकी है.

लातेहार जिला के तत्कालीन एसपी प्रशांत आनंद और वर्तमान में एनआइए के एसपी ने अपनी जांच में एक बड़े रैकेट का खुलासा किया था. इसमें स्थानीय थाना से लेकर पुलिस अधिकारियों के अलावा अन्य लोगाें की संलिप्तता सामने आयी थी. सीआइडी एडीजी के पद पर रहते हुए कुछ माह पूर्व प्रशांत सिंह ने बालूमाथ में कोयले की तस्करी की जांच करायी थी. उसमें भी स्थानीय पुलिस की भूमिका पर सवाल उठे थे. इसके बाद उन्होंने एक रिपोर्ट तैयार कर पुलिस मुख्यालय को भेज दी थी. पुलिस की संलिप्तता का यह मामला सीनियर पुलिस अफसरों के मंतव्य को लेकर लंबित है.

कैसे हो रहा है कोयले का अवैध कारोबार

सीसीएल मगध और अम्रपाली परियोजना के चमातू ओपेन कोलियरी से कोयला का खनन किया जाता है. सीसीएल यह कोयला एनटीपीसी को देता है. एनटीपीसी की जिम्मेवारी है कि वह टांसपोर्टर के माध्यम से हाइवा के जरिये कोयला बुकरू साइडिंग तक पहुंचाये. एनटीपीसी द्वारा ट्रांसपोर्टिंग की जिम्मेवारी चेतलाल राम, राजेंद्र प्रसाद, मनोज यादव, मुकेश सिंह और मोज्जमिल को दी गयी है. जब हाइवा के जरिये कोयला चमातू ओपेन कास्ट से उठाकर बुकरू रेलवे साइडिंग तक लाया जाता है, तब वहां से कोयला रेलवे के माध्यम से एनटीपीसी के संबंधित स्थानों पर भेजा जाता है. इस दौरान कोयला साइडिंग पर नहीं गिराकर अन्य जगहों पर अवैध रूप से हाइवा के जरिये भेज दिया जाता है. इस तरह से कोयले के अवैध व्यापार का एक बड़ा रैकेट चलाया जाता है.

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अवैध काम में शामिल लोग

हाल ही में सीआइडी डीआइजी डॉ एम तमिलवानन के द्वारा करायी गयी जांच में यह बात सामने आयी है कि यहां चल रहे कोयले के अवैध कारोबार में ट्रांसपोर्टर चेतलाल राम, राजेंद्र प्रसाद उर्फ डॉन, मनोज यादव, मुकेश सिंह, मोज्जमिल ( सभी बालूमाथ के ), बालूमाथ के उप प्रमुख कामेश्वर राम, उग्रवादी संगठन टीपीसी के सहयोगी सत्यनारायण, टंडवा के पूर्व मुखिया विनय चौबे, प्रवीण सिंह, अमन सिन्हा, दीपक यादव, रंजीत यादव, महेश यादव, नरेश यादव, सुनील यादव, शमशेर के अलावा नन्हकू उर्फ शमीम और सुरेंद्र गुप्ता का नाम शामिल है.

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