Chenab Rail Bridge: चिनाब नदी पर दुनिया का सबसे ऊंचा रेल पुल बन कर तैयार, अब सुरंग में कर सकेंगे 96 किलोमीटर की यात्रा

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चिनाब रेल ब्रिज

Chenab Rail Bridge: चिनाब नदी पर दुनिया का सबसे ऊंचा रेल पुल बन कर तैयार हो गया है. इसका ट्रायल रन भी पूरा हो गया है. आठ वर्षों में बन कर तैयार हुआ है. 119 किलोमीटर लंबी रेल लाइन में 96 किलोमीटर की यात्रा सुरंग के अंदर होगी.

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श्रीनगर से राजेश झा
Chenab Rail Bridge: कश्मीर अब देश के रेल नेटवर्क से जुड़ गया है. इसके लिए जम्मू से लेकर श्रीनगर तक बिछायी गयी 119 किलोमीटर की रेल लाइन में 96 किलोमीटर की यात्रा सुरंग (टनल) के अंदर से होगी. इस परियोजना में कुल 38 सुरंगे हैं. सबसे लंबी सुरंग सुंबर-अरपिंजला का है. जिसकी लंबाई 12.75 किलोमीटर है. चिनाब नदी पर बना दुनिया का सबसे ऊंचा पुल भी बन कर तैयार है. इसका ट्रायल रन भी पूरा हो गया है.

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अधिकतम 100 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन


इस रेलवे ट्रैक पर ट्रेन अधिकतम 100 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ेगी. अब तक रेलवे की सेवा जम्मू से कटरा तक और संगलदान से श्रीनगर होते हुए बारामूला तक जाती थी. लेकिन कटरा से संगलदान तक रेलवे लाइन नहीं जुड़ने से जम्मू से श्रीनगर के बीच सीधी रेल सेवा नहीं थी. उम्मीद जतायी जा रही है कि जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस रेल लाइन का उद्घाटन करेंगे. इससे जम्मू से श्रीनगर जाने के लिए लंबी दूरी सड़क मार्ग से तय करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. वहीं समय की भी बचत होगी.

दुनिया का सबसे ऊंचा रेल पुल है चिनाब पुल


चिनाब पुल दुनिया का सबसे ऊंचा रेल पुल है. कोंकण रेलवे कॉरपोरेशन लिमिटेड के डिप्टी चीफ इंजीनियर आरआर मल्लिक ने बताया कि पुल के निर्माण से पहले साइट तक पहुंचने के लिए 35 किलोमीटर पहुंचवाली सड़कों और 400 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण किया गया. यह पुल 266 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलनेवाली हवा के दबाव को झेल सकता है. यह क्षेत्र जोन चार (भूकंप) में आता है. लेकिन इस रेल पुल का निर्माण जोन पांच श्रेणी को देखते हुए किया गया है. इस पुल में करीब छह लाख बोल्ट लगाये गये हैं, जो हाई स्ट्रैंथ फिक्शन ग्रिप वाले है. पुल की लागत 1486 करोड़ रुपये है. पुल की कुल लंबाई 1315 मीटर है. पुल में 17 स्पैन लगाये गये है. इस पुल पर 100 किलोमीटर की गति से ट्रेन दौड़ सकती है. यह पुल आठ वर्षों में बन कर तैयार हुआ है. पुल, एफ़िल टावर से 35 मीटर ऊंचा है और दिल्ली की कुतुब मीनार से लगभग तीन गुना ज़्यादा ऊंचा है.

119 किमी में 38 सुरंगें बनायी गयीं


बेहद दुर्गम और हिमालयी भू-भाग से गुजरनेवाली इस परियोजना में 119 किलोमीटर मार्ग पर कुल 38 सुरंगे हैं. परियोजना में 931 पुल शामिल हैं, जिनकी कुल लंबाई 13 किलोमीटर है. इन सुरंगों के समानांतर एक अन्य सुरंग भी बनायी गयी हैं, जिससे यातायात के दौरान या किसी भी परिस्थिति में कोई हादसा होने पर, यात्रियों को इस सुरंग के जरिए बाहर निकाला जा सके. नॉर्दर्न रेलवे की अधिकारी निधि पांडेय ने कहा कि 400 से अधिक इसमें सीसीटीवी लगे हैं.

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