पूर्व वित्त सचिव ने लालू प्रसाद को दी थी चारा घोटाले की जानकारी, अदालत में हुआ बड़ा खुलासा
चारा घोटाले मामले में लालू प्रसाद यादव की ओर से उनके अधिवक्ता प्रभात कुमार ने बहस की. उन्होंने बताया कि उन्हें इस बारे में पहले जानकारी दे दी गयी थी. उसके बाद उन्हें इस पर प्राथमिकी दर्ज करने को कहा गया था.
रांची : चारा घोटाला के सबसे बड़ा मामला आरसी-47ए-96 मामले में लालू प्रसाद यादव की ओर से उनके अधिवक्ता प्रभात कुमार ने आंशिक बहस की. बहस सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश एसके शशि की अदालत में हुई. बहस मंगलवार को भी जारी रहेगी.
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बहस के दौरान प्रभात कुमार ने अदालत को बताया कि तत्कालीन वित्त सचिव विजय शंकर दुबे ने फरवरी 1996 में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद को फाइल के माध्यम चारा घोटाला की जानकारी दी थी. उसके बाद उन्होंने इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था. इस दौरान सीबीआइ के वरीय विशेष अधिवक्ता बीएमपी सिंह भी उपस्थित थे.
उन्होंने बताया कि बाद में मामला सीबीआइ को सुपर्द किया गया था, जिसमें इस घोटाला की परत दर परत खुलती गयी थी. इस केस में 110 आरोपी हैं, जिसमें से 55 अापूर्तिकर्ता और कुछ पशु चिकित्सकों की ओर से बहस पूरी हो चुकी है. इस मामले में अभियोजन की ओर काफी पहले ही बहस पूरी हो चुकी है.
जबकि लालू प्रसाद सहित अन्य राजनीतिज्ञ, बेक जूलियस सहित कई पूर्व ब्यूरोक्रेट की ओर से बहस शेष है. 110 आरोपियों में से दो ब्यूरोक्रेट तत्कालीन वित्त आयुक्त फूलचंद सिंह व वित्त सचिव महेश प्रसाद तथा पूर्व राज्यमंत्री विद्यासागर निषाद का निधन हो चुका है. मामला डाेरंडा कोषागार से 139़ 35 करोड़ रुपये अवैध निकासी का है़
अपर न्यायायुक्त रामाकांत मिश्रा की अदालत में रांची जिला बार एसोसिएशन (आरडीबीए) में पिछले कार्यकाल में हुए 19़ 38 लाख घोटाला के मामले के आरोपी ज्योति कुमारी की ओर से अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गयी है़ इस मामले में सोमवार को सुनवाई हुई़, मामले में पटना से आये अधिवक्ता ने बहस की.
Posted By : Sameer Oraon
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